ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया के सामने होंगी ये पांच चुनौतियां
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ऐसे में चयनकर्ताओं ने सीरीज के शुरुआती 3 मैचों के लिए 16 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है जिसमें श्रीलंका दौरे पर गई टीम में तीन बदलाव किए हैं जिसमें शार्दुल ठाकुर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है वहीं उमेश और शमी की टीम में वापसी हुई है। ऐसे में स्टार स्पिनर जडेजा को आराम दिया गया है और अश्विन को काउंटी क्रिकेट में व्यस्तता की वजह से टीम से बाहर रखा गया है। बदलाव के दौर से गुजर रही श्रीलंका के सामने टीम इंडिया ने प्रयोग किए जो काफी हद तक सफल रहे लेकिन कई नई तरह की परेशानियां भी खड़ी हो गई हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम इंडिया के सामने ये पांच बड़ी चुनौतियां होंगी।
लड़खड़ाता मध्यक्रम सबसे बड़ी समस्या
चार नंबर पर कौन करेगा बल्लेबाजी?
चयनकर्ताओं ने श्रीलंका दौरे की बल्लेबाजों में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में जो बल्लेबाज कंगारुओं के खिलाफ घरेलू परिस्थितियों में भी असफल रहेंगे उनकी 2019 के विश्वकप में खेलने की संभावना कम हो जाएगी। इस परेशानी का समाधान निश्चित तौर पर टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ निकालने की कोशिश करेगी।
विपरीत परिस्थिति में कौन होगा धोनी का विकल्प
ऑलराउंडर की खोज और उसकी भूमिका
एेसे तो हार्दिक पांड्या के रूप में टीम इंडिया को एक ऐसा ऑलराउंडर मिल गया है जो तेज गेंदबाजी का विकल्प मुहैया कराता है। ऐसे में ऑलराउंडर की दौड़ में रविंद्र जड़ेजा और रविचंद्रन अश्विन भी शामिल हैं। लेकिन श्रीलंका में जीत के बाद जिस तरह कप्तान कोहली और कोच रवि शास्त्री ने एक सुर में कहा था कि हर खिलाड़ी की एक निश्चित भूमिका होगी और वो चाहते हैं कि सभी खिलाड़ी सब कुछ कर सकें जिससे कि भारतीय टीम के बार में किसी भी तरह का अंदाजा लगा पाना विरोधी टीमों के लिए मुश्किल हो। टीम इंडिया एक सेट पैटर्न के साथ न खेले। इसके लिए ऑलराउंडर्स की भूमिका भी अहम हो जाती है लेकिन स्पेशलिस्ट गेंदबाजों की कमी कई बार टीम के लिए घातक साबित हो जाती है। इसलिए घरेलू सीरीज में ऑलराउंडर की भूमिका टीम में किस हद तक हो ये सुनिश्चिच करना भी एक बड़ी चुनौती है।
टीम में दूसरा स्पिनर कौन?
यदि टीम में हार्दिक की जगह पक्की हो जाती है तो टीम किन दो स्पिनर्स के साथ मैच में उतरेगी इस सवाल का जवाब ढूंढना बेहद अहम है। अश्विन और जडेजा को फिलहाल आराम दिया गया है लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज अगर अक्षर, चहल और कुलदीप पर हावी हो जाते हैं तो 2019 विश्वकप के लिए टीम जडेजा-अश्विन के साथ किसे टीम में रखना चाहेगी जो विदेशी धरती पर भी उपमहाद्वीप की पिचों की तरह प्रभावी हो सके। दो नियमित तेज गेंदबाज तो टीम का हिस्सा होंगे ही। एक स्पिनर जडेजा या अश्विन या फिर दोनों, पांचवां स्थान हार्दिक और केदार पूरा कर देंगे। ऐसे में अक्षर, कुलदीप और चहल की टीम में जगह को लेकर बड़ी चुनौतियां आने वाले समय में खड़ी होंगी। कोहली और शास्त्री इन चुनौतियों से कैसे निपटेंगे ये देखना बेहद अहम होगा।