एशियाई सरजमीं पर आज ही के दिन साल 1933 में खेला गया था पहला टेस्ट, बने थे ये रिकॉर्ड
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इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत बतौर टेस्ट मैच इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच मेलबर्न में 140 साल पहले हुई थी। इन दो टीमों के बाद दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। जबकि टीम इंडिया की टेस्ट क्रिकेट में एंट्री बतौर छठी नेशनल टीम के रूप में हुई।
वहीं, एशियाई सरजमीं पर इंटरनेशनल क्रिकेट का आगमन 1877 में पहला टेस्ट खेले जाने के 56 साल बाद यानी की 1933 में आज ही (15 दिसंबर) के दिन आया। इन 5 दशक से ज्यादा के समय में दुनिया भर में 229 टेस्ट मैच खेले जा चुके थे और 230वां टेस्ट भारत में खेले जाने के साथ ही क्रिकेट में एशियाई युग की शुरुआत हो गई।
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गौरतलब है कि टेस्ट में पदार्पण करने और मेजबानी के मामले में भारत एशियाई देशों की सूची में पहला देश है। हालांकि उसने अपना पहला मैच ऐतिहासिक लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ जून, 1932 में खेला था, जिसमें टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था। इसके 1 साल बाद भारत को टेस्ट मैच की मेजबानी करने का मौका मिला।
पहले टेस्ट मैच की मेजबानी का मौका बॉम्बे जिमखाना ग्राउंड (अब मुंबई) को मिला
1933 में साल के अंत में इंग्लैंड की टीम भारत के दौरे पर आई और दोनों के बीच भारत में खेले गए पहले टेस्ट मैच की मेजबानी का मौका बॉम्बे जिमखाना ग्राउंड (अब मुंबई) को मिला। मैच को देखने का क्रेज कुछ इस कदर था कि रोजाना करीब 10 हजार लोग स्टेडियम पहुंच जाया करते थे।
15 दिसंबर से शुरू हुआ यह ऐतिहासिक मैच 4 दिन चला। मैच में भारत की ओर से लाला अमरनाथ, जय लक्ष्मीदास, विजय मर्चेंट, रामजी लाढ़ा, रुस्तमजी जमशेद जी ने टेस्ट करियर की शुरुआत की, जिसमें लक्ष्मीदास, रामजी और रुस्तमजी के लिए पहला टेस्ट ही उनका आखिरी मैच साबित हुआ था।
टीम इंडिया के कप्तान सीके नायडू ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया, लेकिन पूरी टीम 91.2 ओवर में 219 रन बनाकर आउट हो गई। लाला अमरनाथ ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने टीम इंडिया के स्कोर के ठीक डबल करते हुए 438 रन बनाए। पहली पारी के आधार पर पिछड़ने के बाद दूसरी पारी में भी भारत कुछ खास नहीं कर सका और पूरी टीम 258 रन पर आउट हो गई थी।
लाला अमरनाथ ने खेली शानदार शतकीय पारी
टीम इंडिया की दूसरी पारी की खासियत यह रही लाला अमरनाथ ने 118 रनों की शतकीय पारी खेली। वह पदार्पण टेस्ट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। उन्होंने तीसरे विकेट के लिए कप्तान नायडू (67) के साथ 186 रनों की साझेदारी कर टीम की खस्ताहाल हालत को थोड़ा बेहतर करने की कोशिश की। हालांकि दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला। जीत के लिए मिले 40 रनों के लक्ष्य को इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसके साथ ही टीम इंडिया 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-1 से पिछड़ गया।
टेस्ट के इतिहास में मैच के दौरान पहला रविवार इसी मैच के दौरान पड़ा था। हालांकि, 15 दिसंबर को शुक्रवार था, और 17 को रविवार पड़ा था। यह बेहद दिलचस्प था कि पहली बार कोई टेस्ट रविवार को खेला गया। इससे पहले खेले गए 229 टेस्ट में एक भी दिन का खेल रविवार को नहीं खेला गया था, क्योंकि इस दिन को छुट्टि के रूप में रखा जाता था और मैच नहीं खेला जाता था।