वर्ल्ड कप में चयन के साथ ही स्टुअर्ट बिन्नी ने रचा इतिहास
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वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में शामिल 15 खिलाड़ियों की सूची में शामिल अप्रत्याशित नामों में स्टुअर्ट बिन्नी का नाम शामिल है। बिन्नी लंबे समय से टीम इंडिया से जुड़े नहीं रहे हैं और उन्होंने अपना अंतिम वनडे मैच श्रीलंका के खिलाफ 16 नवंबर को खेला था। उन्होंने अपना अंतरराष्ट्रीय करियर पिछले साल ही शुरू किया था।
30 साल के इस उभरते आलराउंडर को अपने करियर में अभी तक सिर्फ 6 वनडे मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें वह बहुत शानदार नहीं रहे हैं। हालांकि उन्होंने पिछले साल ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ एक वनडे मैच में 4 रन देकर 6 विकट लेकर वनडे में सबसे सफल भारतीय गेंदबाज बने थे। उन्होंने अनिल कुंबले के रिकॉर्ड को तोड़ा था।
उनके चयन को 2 कारणों से अप्रत्याशित माना जा सकता है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में जहां की पिच तेज होती हैं वहां उनकी उन्हें गेंदबाजी में कामयाबी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ सकता है, उनकी गेंदबाजी में वो जान नहीं दिखती जिसमें वह विकेट झटक सकें।
दूसरा यह कि वह बल्लेबाजी में भी बहुत प्रभावी नहीं रहे हैं अपने 6 मैचों में महज 40 रन बना सके हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नाबाद 25 रन रहा है।
चौंकाने के बाद रच दिया एक इतिहास
हालांकि कहा जा रहा है कि उनके चयन के पीछे टीम इंडिया के कोच डंकन फ्लेचर का अहम योगदान है जिनकी सिफारिश पर उनका चयन हो सका।
साथ ही वह टीम इंडिया के पहले ऐसे पिता-पुत्र की भारतीय जोड़ी बन गई है जो वनडे वर्ल्ड कप में टीम में शामिल रही है। 1983 में वर्ल्ड कप जीतने वाले टीम इंडिया में रोजर बिन्नी टीम के सदस्य थे और 32 साल बाद अब उनके बेटे स्टुअर्ट वर्ल्ड कप में खेलने वाली भारतीय टीम का हिस्सा बने हैं।
रोचक यह भी है कि 5 सदस्यीय चयनकर्ता समिति में स्टुअर्ट के पिता रोजर भी चयनकर्ता हैं और दक्षिण क्षेत्र का प्रतिनिधत्वि करते हैं। आलराउंडर स्टुअर्ट का चयन तो वर्ल्ड कप के लिए कर दिया गया है लेकिन जिस तरह से उनका अब तक का प्रदर्शन रहा है और अन्य 14 खिलाड़ी हैं उससे अंतिम एकादश में जगह मिलने की उम्मीद कम ही दिखती है।
स्टुअर्ट के चयन ने 2011 की याद ताजा कर दी है जिसमें टीम इंडिया में लंबे समय से बाहर चल रहे फिरकी गेंदबाज पीयूष चावला को अचानक टीम में शामिल कर लिया गया था और वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बन गए।