...जब पिता ने बनाई बेटे के खिलाफ रणनीति, रणजी में पहली बार मास्क में दिखे खिलाड़ी
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किसी पिता के लिए बेटे को आउट करने की रणनीति बनाना मुश्किल काम हो सकता है लेकिन रेलवे क्रिकेट टीम के पर्यवेक्षक दिनेश लाड को मुंबई के खिलाफ रणजी ट्राफी के पहले दिन बेटे सिद्धेश लाड को पवेलियन भेजने की योजना बनानी पड़ी। रोहित शर्मा के बचपन के कोच के तौर पर पहचाने जाने वाले पश्चिमी रेलवे के पूर्व खिलाड़ी दिनेश को रेलवे ने अपनी सीनियर टीम का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
करनैल सिंह स्टेडियम में खेले जा रहे मैच के बारे में दिनेश ने पीटीआई से कहा, 'मुझे कल ही बताया गया कि मैं इस सत्र में रेलवे का पर्यवेक्षक रहूंगा। मुझे अभी तक नियुक्ति पत्र भी नहीं मिला है इसलिए मैं दिन का खेल खत्म होने के बाद ही टीम के खिलाड़ियों से मिलूंगा।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने रेलवे के गेंदबाजों को सिद्धेश को आउट करने के लिए कोई सलाह दी है तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'किसी पिता के लिए यह काफी मुश्किल काम है। मुझे अपनी टीम के बारे में सोचना है और उसी समय एक पिता के तौर पर भी। मैं नहीं चाहूंगा की मेरे बेटा असफल हो। यह पहली बार नहीं है कि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। टाइम्स शील्ड टूर्नामेंट के दौरान मैं पश्चिमी रेलवे का कोच था जबकि सिद्धेश भारतीय तेल निगम के लिए खेलता था।'
इस मैच में बल्लेबाजी करने उतरे सिद्धेश प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाए दिखे। दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के लिए लंच के बाद सद्धेश ने बल्लेबाजी करते समय काले प्रदूषण रोधी मास्क के साथ बल्लेबाजी की। उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे सूर्यकुमार यादव और रेलवे के क्षेत्ररक्षकों ने हालांकि बिना मास्क के लिए अपना खेल जारी रखा।
नवंबर और दिसंबर के महीने में दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब हो जाती है। इससे पहले 2016 में प्रदूषण के कारण बंगाल और गुजरात के बीच फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में मैच रद्द कर दिया गया था। श्रीलंका के खिलाड़ियों को 2017 में इसी मैदान में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में मास्क में देखा गया था। बीसीसीबाई ने इसके बाद नवंबर-दिसंबर के महीने में दिल्ली में कोई मैच नहीं कराने का फैसला किया था। इनपुट-भाषा