क्रिकेट में अहम बदलाव के आसार, अब टेस्ट मैच में कन्कशन की तरह होगा कोरोना सब्स्टीट्यूट!
कन्कशन सब्स्टीट्यूट नियम 1 अगस्त 2019 को इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज से शुरू हुआ था। नियम के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी लेता है। बल्लेबाज के चोटिल होने पर बल्लेबाज और तेज गेंदबाज चोटिल होता है तो उसकी जगह तेज गेंदबाज को ही प्लेइंग XI में शामिल किया जाता है। कन्कशन सब्स्टीट्यूट को मैदान पर उतारने का फैसला मैच रेफरी करते हैं। पहले सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी को सिर्फ फील्डिंग करने की छूट दी जाती थी।
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कोविड-19 ने न सिर्फ दुनिया को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया बल्कि खेल के नियमों में भी परिवर्तन ला दिया। पहले क्रिकेट में गेंद पर लार या थूक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की सिफारिश की गई तो अब कन्कशन की तरह ही टेस्ट मैच में कोरोना सब्स्टीट्यूट का नियम लागू हो सकता है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के डायरेक्टर ऑफ स्पेशल प्रोजेक्ट्स की माने तो कोरोना के बाद इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से इस नियम को लागू किया जाएगा। बस प्रस्ताव पर आईसीसी की मंजूरी मिलने का इंतजार है।
कोरोना पॉजिटिव की जगह मैदान पर उतरेगा सब्स्टीट्यूट
इस प्रस्ताव के मुताबिक, अगर टेस्ट मैच के दौरान खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसकी जगह सब्स्टीट्यूट को मैदान पर उतारा जा सकेगा। खिलाड़ी के कोरोना संक्रमित होने के बाद सर्वप्रथम स्टेडियम में मौजूद डॉक्टर्स और इंग्लैंड के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी दी जाएगी और फिर संबंधित खिलाड़ी को एकांतवास (Isolation) में भेज दिया जाएगा। कन्कशन की तरह ही यहां भी वही नियम लागू होंगे। मसलन गेंदबाज के पॉजिटिव पाए जाने पर गेंदबाज, बल्लेबाज के बदले बल्लेबाज और विकेटकीपर के बदले विकेटकीपर को ही मैदान पर खेलने का मौका मिलेगा। हालांकि, यह सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में ही अमल में लाया जाएगा। फिलहाल, वन-डे और टी-20 में इसे लागू नहीं किया जाएगा।
ऐसा है टेस्ट सीरीज का कार्यक्रम
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच 8 से 28 जुलाई के बीच खेली जाने वाली तीन मैच की टेस्ट सीरीज खाली स्टेडियम में होगी। हालांकि इस सीरीज से पहले इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को सरकार से अनुमति लेनी होगी। यह सीरीज इसलिए भी दिलचस्प होगी क्योंकि खेल नए नियमों के साथ खेला जाएगा। खिलाड़ी अब पहले की तरह गेंद की चमक बरकरार रखने के लिए थूक या लार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। गेंद को स्विंग देने के लिए अब सिर्फ पसीने का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। खेल के दौरान जश्न मनाने के लिए न ही खिलाड़ी आपस में गले मिल सकेंगे और न ही हाथ मिला सकेंगे। यहां तक कि हर चौके-छक्के और विकेट के बाद उनका उत्साहवर्धन करने वाले फैंस भी स्टेडियम से नदारद होंगे। यानी कोरोना काल के बाद वाला क्रिकेट पूरी तरह से नए अंदाज में होगा।
ऐसा है पूरा कार्यक्रम
- पहला टेस्ट: 8-12 जुलाई, साउथैंप्टन
- दूसरा टेस्ट: 16-20 जुलाई, मैनचेस्टर
- तीसरा टेस्ट: 24-28 जुलाई, मैनचेस्टर