फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   ENG vs IND: virat kohli more Aggressive than Tendulkar but still away from Richards says David Gower  

ENG vs IND: 'तेंदुलकर से आक्रामक लेकिन रिचर्ड्स से अभी दूर हैं कोहली'

Thu, 05 Aug 2021 11:26 AM IST
Vimal Kumar विमल कुमार
Updated Thu, 05 Aug 2021 11:26 AM IST
सार

विराट कोहली के खेल की तुलना यदा-कदा कहीं ना कहीं किसी ना किसी स्तर पर होती रही है, और हर उभरते और महान खेल का माद्दा और संभावना रखने वाले खिलाड़ी के साथ यह होता आया है, फिर भले ही तुलना के केंद्र बिंदु बदलते रहें, लेकिन यह स्वाभाविक  भी है।

बहरहाल, तुलना करना इतिहास में समाहित हो जाने की तैयारियों के बीच भी होता है और कई बार मौके, परिस्थितियों और चुनौतियों के साथ भी।

तो यहां सवाल, विराट कोहली को लेकर है,क्या ये वाकई उस रूप में इतिहास के दिग्गज सितारों से तुलना करने लायक हैं? बता रहे हैं वरिष्ठ खेल पत्रकार विमल कुमार अपने इस लेख में..! 

विज्ञापन
ENG vs IND: virat kohli more Aggressive than Tendulkar but still away from Richards says David Gower  
पिछली बार 2018 में कोहली ने इंग्लैंड का दौरा किया तो 5 टेस्ट में 593 रन बना डाले। - फोटो : twitter.com/BCCI

विस्तार

अगले 6 हफ्ते भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज की जब-जब चर्चा होगी कप्तान और बल्लेबाज के तौर पर विराट कोहली का भी जिक्र होगा। दरअसल, कोहली का इंग्लैंड दौरे से एक खास नाता रहा है। 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा होने के बावजूद कोहली तीन महीने बाद इंग्लैंड दौरे पर नहीं चुने गए थे क्योंकि वो वेस्टइंडीज में नाकाम हुए थे। कोहली हर भारतीय क्रिकेटर की तरह जानते हैं कि आप दुनिया के हर कोने में रन बना लें, लेकिन जबतक इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में रन नहीं बनाते हैं तो आपकी महानता को हमेशा अधूरा माना जाएगा।

विज्ञापन


2014 में कोहली एक बड़ी साख लेकर इंग्लैंड पहुंचे तो मेजबान टीम के जेम्स एंडरसन ने उन्हें स्विंग गेंदबाजी के आगे ऐसा पस्त किया कि उनके बल्ले से 10 पारियों में महज 134 रन बने। लेकिन, पिछली बार 2018 में कोहली ने इंग्लैंड का दौरा किया तो 5 टेस्ट में 593 रन बना डाले।

विज्ञापन

ENG vs IND: virat kohli more Aggressive than Tendulkar but still away from Richards says David Gower  
तेंदुलकर और कोहली की आप तुलना ही नहीं कर सकते हैं। दोनो बहुमूल्य सोने हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

कोहली से उम्मीदें 

कोहली ने 2018 में एक इकलौती पारी में जितने रन बना डाले थे, उतने वो 2014 में पूरे दौरे पर नहीं बना पाए थे। ऐसे में इस बार कोहली से इंग्लैंड के महान बल्लेबाजों के साथ-साथ क्रिकेट जानकारों की क्या उम्मीदें हैं? 'जब आप कोहली के बारें में सवाल करते हैं तो मुझे लगता है कि वो सचिन तेंदुलकर से ज्यादा आक्रामक विकल्प हैं और ऐसा कहना एक बहुत बड़ी तारीफ है, क्योंकि तेंदुलकर और कोहली की आप तुलना ही नहीं कर सकते हैं। दोनो बहुमूल्य सोने हैं। क्या सोने की सोने से तुलना हो सकती है और किसी एक सोने को दूसरे से बेहतर बताया जा सकता है?' ऐसा मानना है इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज डेविड गावर का, जिन्होंने 117 टेस्ट मैच में 18 शतक की मदद से 8000 से ज्यादा रन बटोरे हैं।
 

ENG vs IND: virat kohli more Aggressive than Tendulkar but still away from Richards says David Gower  
जब कोहली अपना करियर खत्म करेंगे तभी आपको ये पता चल पाएगा कि उन्होंने अपने बल्ले से ज्यादा मैच जिताएं या फिर रिचर्ड्स ने। - फोटो : सोशल मीडिया

मगर कोहली के बारे में ये कहा जा रहा है कि वो इस दौरे के सबसे महान बल्लेबाज हैं और संभवत: किसी भी महानतम बल्लेबाज चाहे वो तेंदुलकर या फिर गावस्कर के ही समकालीन विवियन रिचर्ड्स से उन्नीस तो नहीं। पलटकर मैंने गावर से ये सवाल पूछा।
 

'देखिए- कोहली की महानता पर मैं संदेह नहीं कर रहा हूं बल्कि उल्टा ये मानता हूं कि जिस तरह से वो टेस्ट क्रिकेट, वन-डे और टी-20 के अलावा आईपीएल भी खेलते हैं और हर फॉर्मेट के मुताबिक अपने आप को ढाल लेते हैं ये एक बहुत बड़ी बात है। लेकिन, फिलहाल उनकी रिचर्ड्स से तुलना सही नहीं है क्योंकि वो एक बहुत बड़े मैच-विनर थे। जब कोहली अपना करियर खत्म करेंगे तभी आपको ये पता चल पाएगा कि उन्होंने अपने बल्ले से ज्यादा मैच जिताएं या फिर रिचर्ड्स ने, ऐसा 64 साल वाले गावर इंग्लैंड में बैठे-बैठे एक जूमलिंक के जरिए इस लेखक के साथ खास बातचीत में कहते हैं।

विज्ञापन

कोहली महानता की परीक्षा में कामयाब होकर निकलेंगे

वैसे, जब गावर की बात सनुकर मैंने अतीत के आंकड़ों को खंगाला तो पाया कि रिचर्ड्स कभी भी इंग्लैंड में हारने वाली सीरीज का हिस्सा नहीं रहे। इतना ही नहीं पूरे, करियर में सिर्फ एक टेस्ट मैच ऐसा रहा जब किंग रिचर्ड्स को इंग्लैंड में हार देखनी पड़ी। और शायद यही वजह है कि गावर समेत तमाम इंग्लैंड के समीक्षक ये देखना चाहते हैं कि कोहली ना सिर्फ बल्लेबाज बल्कि कप्तान के तौर पर इस बार भी टीम इंडिया को सीरीज जिता पाने में कामयाब होते हैं या नहीं? कोहली के करियर को देखते हुए ये उम्मीद की जा सकती है वो महानता की इस परीक्षा में भी कामयाब होकर निकलेंगे।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed