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Champions Trophy: आईसीसी की बैठक में हाइब्रिड मॉडल पर होगी चर्चा, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की आई प्रतिक्रिया
Thu, 28 Nov 2024 05:12 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 28 Nov 2024 05:12 PM IST
सार
इस टूर्नामेंट की मेजबानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पास है। भारत का कहना है कि पिछली बार हुए एशिया कप की तरह चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन भी हाइब्रिड मॉडल की तर्ज पर हो, लेकिन पाकिस्तान इसके लिए तैयार नहीं है।
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आईसीसी
- फोटो : ICC/T20 World Cup
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विस्तार
चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर क्रिकेट की वैश्विक संस्था आईसीसी की शुक्रवार को अहम बैठक होगी। इसमें टूर्नामेंट के कार्यक्रम को लेकर चर्चा होगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कुछ दिनों पहले आईसीसी को बताया था कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेगा। इस टूर्नामेंट की मेजबानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के पास है। भारत का कहना है कि पिछली बार हुए एशिया कप की तरह चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन भी हाइब्रिड मॉडल की तर्ज पर हो, लेकिन पाकिस्तान इसके लिए तैयार नहीं है।
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वर्चुअल तरीके से होने वाली इस बैठक में कार्यक्रम को लेकर हल निकलने की संभावना है। इस बीच, पीसीबी ने हाइब्रिड मॉडल की चर्चाओं के बीच इस पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने बैठक से पहले आईसीसी को सूचित कर दिया है कि उसे हाइब्रिड मॉडल स्वीकार नहीं है। पीसीबी ने साथ ही आईसीसी से बैठक के दौरान हाइब्रिड मॉडल के विकल्प पर चर्चा नहीं करने के लिए कहा है।
दूसरी ओर, आईसीसी के सदस्य पीसीबी को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के बिना चैंपियंस ट्रॉफी की चमक फीकी पड़ जाएगी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान होगा। टूर्नामेंट के मुख्य प्रसारक ने पहले ही आईसीसी के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क कर कार्यक्रम के बारे में अंतिम निर्णय पर पहुंचने में हो रही देरी पर अपनी निराशा व्यक्त की है।
दूसरी ओर, आईसीसी के सदस्य पीसीबी को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के बिना चैंपियंस ट्रॉफी की चमक फीकी पड़ जाएगी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान होगा। टूर्नामेंट के मुख्य प्रसारक ने पहले ही आईसीसी के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क कर कार्यक्रम के बारे में अंतिम निर्णय पर पहुंचने में हो रही देरी पर अपनी निराशा व्यक्त की है।
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न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एक सूत्र ने कहा, इस समय हाइब्रिड मॉडल सबसे अच्छा विकल्प है। हमें उम्मीद है कि टूर्नामेंट में शामिल सभी पक्ष टूर्नामेंट के हित में समझदारी भरा फैसला लेंगे। भारत और पाकिस्तान के बिना टूर्नामेंट का आयोजन करना अच्छा नहीं है। मुझे नहीं लगता कि टेलीविजन अधिकार धारक इस बात से सहमत होंगे कि भारत और पाकिस्तान को अलग-अलग ग्रुप में रखा जाए। वे ग्रुप चरण में ही भारत बनाम पाकिस्तान मैच की मांग करेंगे, ताकि टूर्नामेंट की लोकप्रियता और मौद्रिक आय में वृद्धि हो सके। दोनों टीमों का सामना अगर नॉकआउट चरण में होगा तो यह उनके लिए किसी बोनस की तरह होगा। भारत ने पहले ही तय कर दिया है कि नॉकआउट चरण में पहुंचने पर भी टीम पाकिस्तान की यात्रा नहीं करेगी ऐसे में यह चर्चा हाइब्रिड मॉडल के इर्द-गिर्द होगी।
पाकिस्तान में चल रहा राजनीतिक विरोध प्रदर्शन
चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर चल रही आशंकाओं के बीच इस्लामाबाद में बड़े पैमाने पर राजनीतिक विरोध के कारण कुछ दिन पहले श्रीलंका ए टीम का पाकिस्तान दौरा बीच में ही रोकना पड़ा था। यह उथल-पुथल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के विरोध के कारण है, जो पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प और हिंसा की घटनाएं सामने आई है। पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी देश के गृह मंत्री भी है। उन्होंने घोषणा की थी कि अशांति को खत्म करने के लिए सेना को बुलाया गया था।
चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर चल रही आशंकाओं के बीच इस्लामाबाद में बड़े पैमाने पर राजनीतिक विरोध के कारण कुछ दिन पहले श्रीलंका ए टीम का पाकिस्तान दौरा बीच में ही रोकना पड़ा था। यह उथल-पुथल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के विरोध के कारण है, जो पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प और हिंसा की घटनाएं सामने आई है। पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी देश के गृह मंत्री भी है। उन्होंने घोषणा की थी कि अशांति को खत्म करने के लिए सेना को बुलाया गया था।
ऐसे में आईसीसी बोर्ड के सदस्यों का प्राथमिक लक्ष्य पीसीबी को हाइब्रिड मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करना होगा। इसमें लीग चरण के साथ भारत के नॉकआउट चरण के मैचों का आयोजन यूएई में होने का प्रावधान हो सकता है। पीसीबी अगर अड़ियल रवैया अपनाता है और आईसीसी द्वारा चैंपियंस ट्रॉफी को किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित करने के निर्णय की स्थिति में इसका बहिष्कार करता है तो क्या होगा? सूत्र ने कहा, यह लगभग असंभव जैसा परिदृश्य है। इसके पाकिस्तान क्रिकेट पर बहुत दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। इससे उनकी वित्तीय स्थिति को काफी नुकसान होगा।