फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   dhoni keeps mum on spot fixing scandal

कैप्टन कूल क्यों चुप रह गए इन पांच सवालों पर?

Wed, 29 May 2013 12:45 PM IST
नई दिल्ली/मुंबई/ब्यूरो/एजेंसी
नई दिल्ली/मुंबई/ब्यूरो/एजेंसी Updated Wed, 29 May 2013 12:45 PM IST
विज्ञापन
dhoni keeps mum on spot fixing scandal

स्पॉट फिक्सिंग मामले में आईपीएल क्रिकेट फाइनल के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस न करने वाले टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मंगलवार को भी इस मुद्दे पर ‘खामोश’ रहे।

विज्ञापन


उनसे मीडिया ने एक के बाद एक पांच सवाल फिक्सिंग और इससे जुड़े मुद्दों पर पूछे लेकिन कुछ पल चुप रहने के बाद वे ढिठाई से मुस्कराने लगे। वहीं बोर्ड के मीडिया मैनेजर घूम-घूम कर पत्रकारों को फिक्सिंग से जुड़े सवाल करने से रोकते रहे।
विज्ञापन


सवालों के ‘पंच’ से ढेर हुए धोनी
1 - स्पॉट फिक्सिंग पर आपका क्या मत है? विंदू दारा सिंह को आप व्यक्तिगत रूप से कब से जानते हैं?
2 - फिक्सिंग के वर्तमान माहौल को देखते हुए क्या आपको लगता है कि इसका असर चैंपियंस ट्रॉफी पर पड़ेगा?
3 - आप चैंपियंस ट्रॉफी खेलने जा रहे हैं, क्या आप देश को विश्वास दिला पाएंगे कि वहां सिर्फ खेल होगा, दूसरा ‘खेल’ नहीं?
4 - क्या मजबूरी है कि भारतीय क्रिकेट टीम के मुखिया होने के बावजूद आप फिक्सिंग जैसे मुद्दे पर चुप हैं, जबकि भारतीय क्रिकेट संकट में है?
5 - मुंबई पुलिस के इस दावे में कितनी सच्चाई है कि मैयप्पन आपसे और कोच फ्लेमिंग से सीएसके की जानकारी लेकर बुकीज को देता था?

बोर्ड से चुप्पी का ‘कॉन्ट्रेक्ट’
बीसीसीआई के सूत्रों की मानें तो धोनी मीडिया द्वारा फिक्सिंग तथा सट्टेबाजी को लेकर पूछे जाने वाले सवालों का किसी हाल में जवाब नहीं देने वाले हैं।

बताया जा रहा है, बोर्ड को विश्वास है कि यह आग अपने आप ठंडी पड़ जाएगी। इसलिए उसने धोनी से कहा है कि चैपियंस ट्रॉफी के दौरान देसी-विदेशी मीडिया द्वारा फिक्सिंग/सट्टेबाजी के सवालों का वह कतई जवाब न दें।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब श्रीनिवासन का कर्ज चुका रहे धोनी
धोनी के नाम एक साल में लगातार आठ टेस्ट मैचों में हारने का शर्मनाक कीर्तिमान है। वह 2011 में इंग्लैंड में 4-0 से और आस्ट्रेलिया में भी इतने ही अंतर से हारे थे।

हर किसी को भरोसा था कि धोनी की कप्तानी चली जाएगी। लेकिन बने रहे। साफ था कि धोनी को उनकी आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक और बोर्ड अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के करीबी होने का फायदा मिलता रहा।

अब जबकि श्रीनिवासन अपने दामाद के कारण फंस गए हैं, धोनी इस मामले में चुप्पी साध कर पुराना कर्ज उतार रहे हैं। वैसे श्रीनिवासन ने धोनी को अपनी कंपनी इंडिया सीमेंट में वाइस प्रेसिडेंट का पद भी दिया हुआ है।

'श्रीनिवासन इस्तीफा दें'
वरिष्ठ बीसीसीआई कार्यकारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मांग की कि एन श्रीनिवासन को तत्काल क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीनिवासन के दामाद मैयप्पन पुलिस की गिरफ्त में हैं।

इस्तीफे से सट्टेबाजी तथा फिक्सिंग मामलों की जांच में मदद मिलेगी। सिंधिया ने कहा कि श्रीनिवासन की टीम और उसके मैनेजर पर सवाल उठे हैं, अत: उन्हें जिम्मेदारी का बहुत बेहतर ढंग से अहसास करना चाहिए।

कोलकाता-बंगलोर मैच पर पुलिस की नजर

आईपीएल में 12 मई को रांची में खेला गया कोलकाता नाइड राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर का मैच दिल्ली पुलिस के राडार पर है। अजित चंदीला और कुछ बुकीज को साथ बैठाकर की गई पूछताछ में पुलिस की निगाह में यह मैच आया।

सूत्रों के अनुसार बुकीज ने चंदीला से पूछा था कि मैच कौन जीतेगा, तब चंदीला ने कहा था कि कोलकाता। वह मैच कोलकाता ही जीता।

हालांकि इस मैच के लिए बुकीज ने चंदीला को पैसे नहीं दिए थे क्योंकि यह बेहद कम स्कोर वाला मुकाबला था, जिसमें बुकीज को नुकसान हुआ। पुलिस इस मैच की रिकॉर्डिंग देखने की तैयारी कर रही है।


फिक्सिंग कानून से भी बाहर रहेगा आईपीएल?
कानून मंत्रालय ने आनन-फानन में मैच और स्पॉट फिक्सिंग पर कानून बनाने की घोषणा जरूर कर दी है, लेकिन मंत्रालय द्वारा तैयार नए कानून के मसौदे में आईपीएल जैसे टूर्नामेंट नहीं हैं। यह देख कर खेल मंत्रालय ने मसौदे को एक नजर में खारिज कर दिया है।

खेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस मसौदे को नए सिरे से तैयार करने की सलाह के साथ बुधवार तक कानून मंत्रालय को यह वापस कर दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed