अब एसजीएम के अगले दिन राज्यों से मिलेंगे सीओए, चैंपियंस ट्राफी पर होगी बात
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आईसीसी के रवैये पर चैंपियंस ट्राफी से पुल आउट करने की तेज हो रही आवाजों के बीच प्रशासकों की समिति (सीओए) ने राज्य संघों से की जाने वाली मुलाकात को एक दिन के लिए बढ़ा दिया है। अब सीओए राज्य संघों से छह मई यानि कि बीसीसीआई की सात मई को होने वाली विशेष आम सभा की बैठक से एक दिन पहले मुलाकात करेगा। ज्यादा से ज्यादा राज्य संघों से मुलाकात के चलते सीओए ने यह कदम उठाया है।
राज्य संघों से दो ग्रुपों में मुलाकात की जाएगी। एक ग्रुप में उत्तर और पूर्व क्षेत्र के राज्य होंगे जबकि दूसरे ग्रुप में दक्षिण, पश्चिम और मध्य क्षेत्र से जुड़े राज्यों के पदाधिकारी होंगे। बैठक में सीओए की ओर से लोढ़ा समिति की सिफारिशों और चैंपियंस ट्राफी के मुद्दे पर बात होगी।
सूत्रों के मुताबिक एन श्रीनिवासन गुट की अगुवाई में चैंपियंस ट्राफी से पुल आउट करने की मुहिम को बल मिला है। सात मई को होने वाली एसजीएम में चैंपियंस ट्राफी से पुल आउट किए जाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। हालांकि बोर्ड का एक बड़ा धड़ा चैंपियंस ट्राफी से पुल आउट करने का पक्षधर नहीं है, लेकिन श्रीनिवासन गुट के पक्ष में बहुमत से कुछ कम पर काफी अधिक वोट हैं। सीओए की चिंता का विषय यही है। इसी के चलते एसजीएम से ठीक पहले राज्यों से मुलाकात तय की गई है।
मुख्य मुद्दा तो लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करना
सूत्र बताते हैं कि राज्यों के साथ मुलाकात में मुख्य मुद्दा तो लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करना होगा। बावजूद इसके सीओए की ओर से राज्यों को यह बताया जा सकता है कि चैंपियंस ट्राफी से पुलआउट करना बीसीसीआई को भारी पड़ सकता है। सिर्फ इस ट्राफी से ही बाहर नहीं होना पड़ेगा बल्कि इसी साल होने वाले अंडर-19 और महिला वर्ल्ड कप से भी हाथ धोना पड़ेगा। साथ ही आईसीसी दूसरे देशों को भारत के साथ द्वीपक्षीय श्रंखलाएं खेलने से रोक सकता है।
आईपीएल में अपनी खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी लगा सकता है। सूत्र यह भी बताते हैं कि सीओए बीसीसीआई के समक्ष वोटिंग में हारने के बावजूद 290 मिलियन डॉलर के बजाय 393 मिलियन डॉलर का राजस्व लाने का प्रस्ताव रख सकता है। ऐसे में ऊंट किस ओर करवट बैठता है। यह देखने वाली बात होगी। वहीं सूत्र यह भी बताते हैं कि एसजीएम से पहले श्रीनिवासन गुट की ओर से अलग बैठक आयोजित किए जाने की कोशिशें हो रही हैं।