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मैच रेफरी ने बंगलूरू पिच को माना 'औसत से नीचे'
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 15 Mar 2017 08:05 AM IST
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विराट कोहली
- फोटो : Cricket Australia
बंगलूरू टेस्ट के पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लायन ने 50 रन देकर भारत के 8 खिला़ड़ियों को चलता किया। इसके बाद रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन ने भी एक पारी में 6-6 विकेट अपने नाम किए। इस मैच के बाद बीसीसीआई के लिए बेहद शर्मिंदा करने वाली बात यह आई कि मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच को औसत से नीचे' बताया। इससे पहले पुणे टेस्ट की पिच को 'खराब' बताया गया है।
भारत ने दूसरे टेस्ट मे 75 रनों से जीत दर्ज की थी। हालांकि, पुणे के पहले टेस्ट में उसे 333 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा था। सीरीज का तीसरा टेस्ट गुरुवार से रांची में खेला जाएगा।
ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, "क्रिस ब्रॉड ने दूसरे टेस्ट की पिच को 'औसत से नीचे' करार दिया है। हालांकि आउटफील्ड को शानदार कहा गया है। बताया गया कि पिच में अस्थिर उछाल था।" हालांकि, ब्रॉड के इस मूल्यांकन से बीसीसीआई पर कोई जुर्माना तो नहीं लगेगा। इस रेटिंग को 'खराब' या 'खेलने के अयोग्य' से बेहतर बताया गया। इस तरह की रेटिंग दिए जाने पर बोर्ड पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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गौरतलब है कि पुणे की पिच दूसरी भारतीय पिच थी, जिसे 'खराब' रेटिंग दी गई थी। इससे पहले भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 2015-16 में खेले गए नागपुर टेस्ट की पिच को भी खराब रेटिंग दी गई थी। यह टेस्ट तीसरे दिन ही खत्म हो गया था। आईसीसी ने 2006-07 से पिचों को रेटिंग देने की प्रक्रिया शुरू की है। इस दौराने 7 पिचों को 'खराब' या 'खेलने के अयोग्य' बताया गया है, जिसमें से 4 पिच भारत की है। खबरों के अनुसार रांची में भी ऐसी ही पिच देखने को मिल सकती है।
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भारत ने दूसरे टेस्ट मे 75 रनों से जीत दर्ज की थी। हालांकि, पुणे के पहले टेस्ट में उसे 333 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा था। सीरीज का तीसरा टेस्ट गुरुवार से रांची में खेला जाएगा।
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ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, "क्रिस ब्रॉड ने दूसरे टेस्ट की पिच को 'औसत से नीचे' करार दिया है। हालांकि आउटफील्ड को शानदार कहा गया है। बताया गया कि पिच में अस्थिर उछाल था।" हालांकि, ब्रॉड के इस मूल्यांकन से बीसीसीआई पर कोई जुर्माना तो नहीं लगेगा। इस रेटिंग को 'खराब' या 'खेलने के अयोग्य' से बेहतर बताया गया। इस तरह की रेटिंग दिए जाने पर बोर्ड पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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गौरतलब है कि पुणे की पिच दूसरी भारतीय पिच थी, जिसे 'खराब' रेटिंग दी गई थी। इससे पहले भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 2015-16 में खेले गए नागपुर टेस्ट की पिच को भी खराब रेटिंग दी गई थी। यह टेस्ट तीसरे दिन ही खत्म हो गया था। आईसीसी ने 2006-07 से पिचों को रेटिंग देने की प्रक्रिया शुरू की है। इस दौराने 7 पिचों को 'खराब' या 'खेलने के अयोग्य' बताया गया है, जिसमें से 4 पिच भारत की है। खबरों के अनुसार रांची में भी ऐसी ही पिच देखने को मिल सकती है।