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IND vs NZ: कप्तान रोहित शर्मा की खराब फॉर्म बरकरार, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरी पारी में भी सस्ते में हुए आउट
Sat, 26 Oct 2024 01:46 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पुणे
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 26 Oct 2024 01:46 PM IST
सार
न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दोनों मैचों में रोहित का बल्ला खामोश रहा है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना होगा। पहली पारी में रोहित नौ गेंद खेलकर खाता खोले बिना आउट हुए थे।
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रोहित शर्मा
- फोटो : BCCI
विस्तार
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी के बाद दूसरी पारी में भी रोहित कुछ कमाल नहीं दिखा सके और 16 गेंदों पर एक चौके की मदद से आठ रन बनाकर आउट हुए। रोहित को स्पिनर मिचेल सैंटनर ने विल यंग के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा।
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न्यूजीलैंड ने रखा बड़ा लक्ष्य
न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 255 रन पर समाप्त हो गई। पहली पारी में इस टीम ने 259 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 156 रन पर सिमट गई थी। दूसरी पारी में कीवी टीम को 103 रन की बढ़त हासिल थी। इस लिहाज से न्यूजीलैंड की कुल बढ़त 358 रन की हुई और भारत के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य है।
न्यूजीलैंड की दूसरी पारी 255 रन पर समाप्त हो गई। पहली पारी में इस टीम ने 259 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 156 रन पर सिमट गई थी। दूसरी पारी में कीवी टीम को 103 रन की बढ़त हासिल थी। इस लिहाज से न्यूजीलैंड की कुल बढ़त 358 रन की हुई और भारत के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य है।
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भारत के लिए आसान नहीं चुनौती
भारत के लिए 300+ रन का लक्ष्य आसान नहीं होगा। इससे पहले भारतीय सरजमीं पर सिर्फ एक बार 300+ का लक्ष्य चेज हुआ है। 2008 में चेन्नई में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 387 रन बनाए थे और मैच जीता था। वहीं, इसके बाद वेस्टइंडीज का नंबर आता है। उसने 1987 में दिल्ली में भारत के खिलाफ पांच विकेट गंवाकर 276 रन बनाए थे और मैच जीता था। तीसरे नंबर पर भारत है। उसने 2011 में दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच विकेट गंवाकर 276 रन बनाए थे और मैच अपने नाम किया था। वहीं, ओवरऑल बात करें तो टेस्ट में 36 बार 300+ का स्कोर चेज हुआ है। इसमें से भारत ने कुल तीन बार ऐसा किया है।
भारत के लिए 300+ रन का लक्ष्य आसान नहीं होगा। इससे पहले भारतीय सरजमीं पर सिर्फ एक बार 300+ का लक्ष्य चेज हुआ है। 2008 में चेन्नई में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 387 रन बनाए थे और मैच जीता था। वहीं, इसके बाद वेस्टइंडीज का नंबर आता है। उसने 1987 में दिल्ली में भारत के खिलाफ पांच विकेट गंवाकर 276 रन बनाए थे और मैच जीता था। तीसरे नंबर पर भारत है। उसने 2011 में दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच विकेट गंवाकर 276 रन बनाए थे और मैच अपने नाम किया था। वहीं, ओवरऑल बात करें तो टेस्ट में 36 बार 300+ का स्कोर चेज हुआ है। इसमें से भारत ने कुल तीन बार ऐसा किया है।
ऑस्ट्रेलिया दौरे को देखते हुए रोहित का फॉर्म में लौटना जरूरी
भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के बाद अगले महीने से ऑस्ट्रेलिया में कंगारू टीम के खिलाफ पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। इस टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की नजरें ऑस्ट्रेलिया में हैट्रिक लगाने पर रहेंगी। ऐसे में कप्तान का फॉर्म में लौटना जरूरी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दोनों मैचों में रोहित का बल्ला खामोश रहा है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना होगा। पहली पारी में रोहित नौ गेंद खेलकर खाता खोले बिना आउट हुए थे। मौजूदा सीरीज में रोहित चार पारियों में 15.50 के औसत से महज 62 रन ही बना सके हैं। बंगलुरू टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 52 रनों की पारी खेली थी, लेकिन इसके अलावा तीन पारियों में उनका बल्ला खामोश ही रहा।
भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के बाद अगले महीने से ऑस्ट्रेलिया में कंगारू टीम के खिलाफ पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। इस टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की नजरें ऑस्ट्रेलिया में हैट्रिक लगाने पर रहेंगी। ऐसे में कप्तान का फॉर्म में लौटना जरूरी है। न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरुआती दोनों मैचों में रोहित का बल्ला खामोश रहा है और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना होगा। पहली पारी में रोहित नौ गेंद खेलकर खाता खोले बिना आउट हुए थे। मौजूदा सीरीज में रोहित चार पारियों में 15.50 के औसत से महज 62 रन ही बना सके हैं। बंगलुरू टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 52 रनों की पारी खेली थी, लेकिन इसके अलावा तीन पारियों में उनका बल्ला खामोश ही रहा।