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कप्तान रहूं या नहीं, फर्क नहीं पड़ता: सहवाग
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Sat, 30 Mar 2013 07:44 PM IST
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वीरेंद्र सहवाग ने पिछले सत्र के बाद दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी छोड़ दी थी लेकिन इस आक्रामक ओपनर बल्लेबाज का मानना है कि उनके इस फैसले का उनके रवैये पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सहवाग आईपीएल के छठवें सत्र में एक बार फिर टीम की उम्मीदों का भार अपने कंधे पर उठाने को तैयार हैं।
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सहवाग ने शनिवार को कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इससे कोई फर्क पड़ता है कि मैं टीम की कप्तानी कर रहा हूं या नहीं। कप्तानी ने कभी मेरे खेल को प्रभावित नहीं किया। टीम की कप्तानी करते हुए मैंने कभी अपनी बल्लेबाजी पर दबाव महसूस नहीं किया।’
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यह पूछने पर कि क्या श्रीलंका के महेला जयवर्धने के टीम की कमान संभालने से उनके ऊपर से भार कम होगा, सहवाग ने कहा, ‘कप्तान के रूप में मैंने कभी दबाव महसूस नहीं किया, बल्लेबाजी के प्रति मेरा रवैया हमेशा समान रहता है। सहवाग के लिए कप्तानी और प्रदर्शन दो अलग-अलग चीजें हैं, जिनका मिश्रण नहीं करना चाहिए। अगर आप कप्तानी के दबाव की बात करते हैं, तो मैंने आईपीएल के पिछले सत्र में लगातार पांच अर्धशतक और दिल्ली डेयरडेविल्स की ओर से सर्वाधिक रन बनाए थे।’
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पिछले सत्र में सहवाग ने 495 रन बनाए थे। लगातार पांच पचासे ठोकने का आईपीएल रिकॉर्ड उनके नाम था। लेकिन इस बल्लेबाज को लगता है कि इस साल यह रिकॉर्ड टूट सकता है। बकौल सहवाग, ‘कोई खिलाड़ी इस साल इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।
केपी की कमी खलेगी
सहवाग ने स्वीकार किया कि घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज केविन पीटरसन की कमी खलेगी क्योंकि पिछले सत्र में टीम अंतिम चार में पहुंचाने में उनकी भूमिका भी अहम थी।
उन्होंने कहा, ‘केपी बड़े मौकों पर रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं और निश्चित तौर पर उनकी कमी खलेगी। लेकिन हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी हैं, जो जिम्मेदारी उठाते हुए योगदान दे सकते हैं। हमारे पास 10 स्तरीय विदेशी खिलाड़ी हैं और जो भी अंतिम एकादश में उसकी जगह लेगा, उसे बड़े मंच पर नाम कमाने का मौका मिलेगा। अगर वह मौके का फायदा उठाते हुए अपनी अहमियत साबित करते हैं तो हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। पहले मैच से पहले की तैयारी के बारे में पूछने पर इस 34 वर्षीय ओपनर ने कहा, ‘मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं और शत-प्रतिशत फिट हूं।’