पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए दूसरे वन-डे में भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 31 रन देकर चार विकेट चटकाए, जिससे भारत ने वर्षाबाधित मैच में वेस्टइंडीज को डकवर्थ लुईस पद्धति के तहत 59 रन से हराकर तीन मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। सिर्फ गेंद से ही नहीं बल्कि फिल्डिंग में भी भुवी छाए रहे। अपनी ही गेंद पर विंडीज ऑलराउंडर रॉस्टन चेज ने अद्भुत कैच लपका, जिसकी चर्चा अबतक हो रही है।
VIDEO: भुवनेश्वर ने अपनी ही गेंद पर लपका अद्भुत कैच, एक ओवर में ही बदल दिया मैच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेस्टइंडीज की पारी के 35वें ओवर में भुवनेश्वर कुमार ने एक के बाद एक दो विकेट झटककर मेजबान टीम को मैच से पूरी तरह से बाहर कर दिया। ओवर की पांचवी गेंद पर भुवनेश्वर ने रोस्टन चेज को गेंदबाजी की। भुवी ने एक लेंथ बॉल फेंकी, जिसपर चेज ने डिफेंस करने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले से लगकर वापस भुवी की तरफ आने लगी। मगर गेंद भुवी से काफी दूर थी और उन्होंने बाईं तरफ डाइव लगाई और एक हाथ से शानदार कैच पकड़कर उन्हें चलता कर दिया। चेज सिर्फ 18 रन बनाकर वापस पवेलियन लौटे।
What a catch from Bhuvneshwar Kumar!!! #WIvIND pic.twitter.com/pU6plQ1BBV
भुवनेश्वर ने मैच के बाद कहा, ‘जब मैं गेंदबाजी के लिए आया तो सिर्फ इतना सोच रहा था कि मुझे किफायती गेंदबाजी करनी है, अधिक खाली गेंद फेंकनी हैं। मुझे लगता है कि अगर आप किफायती गेंदबाजी करोगे तो विकेट अपने आप मिलेंगे। मैं नतीजे के बारे में अधिक नहीं सोचता, क्योंकि हमें पता है कि अगर हम एक या दो विकेट चटकाएंगे तो मैच में वापसी कर लेंगे।’
भारत ने कोहली की 125 गेंद पर 14 चौके और एक छक्के की मदद से 120 रन की पारी से 7 विकेट पर 279 रन बनाए। यह वनडे में उनका 42वां शतक है। उन्होंने श्रेयस अय्यर (68 गेंदों पर 71) के साथ चौथे विकेट के लिए 125 रन की साझेदारी की। भुवनेश्वर ने कहा, ‘आप विराट के हावभाव से देख सकते हैं कि उसे इस शतक की कितनी जरूरत थी। इसलिए नहीं कि वह फॉर्म में नहीं था बल्कि इसलिए, क्योंकि वह 70 और 80 रन के स्कोर पर आउट हो रहा था और उसे हमेशा से बड़ी पारियां खेलने के लिए जाना जाता है।’