BCCI ने अंतिम चेतावनी के साथ नारायन को दी क्लीन चिट
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भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने रहस्यमयी गेंदबाज सुनील नारायन के एक्शन को अंतिम चेतावनी के साथ क्लीन चिट दे दी है, जिसके बाद कोलकाता नाइटराइडर्स का यह गेंदबाज आईपीएल के बाकी मैचों में गेंदबाजी कर सकेगा।
नारायन पर पिछले साल चैंपियंस लीग टी-20 के दौरान चकिंग का आरोप लगा था। रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम के बाद उन्हें गेंदबाजी की अनुमति दे दी गई, लेकिन इस आईपीएल में एक बार फिर उनके गेंदबाजी एक्शन पर सवाल खड़े किए गए, जिसके बाद बीसीसीआई ने उन्हें ऑफ स्पिन गेंद फेंकने से रोक दिया गया।
इस कैरेबियाई गेंदबाज ने फिर बीसीसीआई की संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन समिति के समक्ष अपने एक्शन की फिर से जांच करने का आग्रह किया, जिसके बाद उन्हें क्लीन चिट मिल गई।
लेकिन अब शिकायत मिली लग जाएगा प्रतिबंध
बृहस्पतिवार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि सुनील नारायन के आग्रह के बाद उनका तीसरा बायोमैकेनिकल टेस्ट किया गया, जिसमें उन्होंने उसी सुधरे हुए एक्शन से गेंदबाजी की, जिसे आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले क्लीन चिट दी गई थी।
तीसरे टेस्ट ने इस बात की पुष्टि की कि नारायन के सुधरे हुए गेंदबाजी एक्शन से नियम 24.3 की अवहेलना नहीं होती। बीसीसीआई ने इसके बाद कहा कि नारायन सुधरे हुए गेंदबाजी एक्शन के साथ सभी तरह की गेंदें डाल सकते हैं।
बोर्ड ने साथ ही नारायन का ध्यान नियम 4.9 पर भी दिलाया कि अगर नारायन के खिलाफ एक बार और संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन की शिकायत आती है तो फिर वह इस सत्र में और गेंदबाजी नहीं कर सकेंगे।
बेशक ब्रैड हॉग ने नारायन की जगह को भरने की बढ़िया कोशिश की है, लेकिन फिर भी कोलकाता नाइटराइडर्स टीम प्रबंधन नारायन को अपने अभियान का प्रमुख हथियार मानता है।