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Ranji Trophy 2022: रणजी ट्रॉफी में पहली बार जुड़वा भाइयों ने एक ही मैच में लगाया शतक, 205 रन की साझेदारी की
Fri, 25 Feb 2022 02:32 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 25 Feb 2022 02:32 PM IST
सार
रणजी ट्रॉफी में पहली बार ऐसा हुआ है, जब जुड़वा भाइयों ने एक ही टीम के लिए खेलते हुए शतक लगाए हैं। तमिलनाडु के बाबा अपराजित और बाबा इंद्रजीत ने यह कारनामा किया है।
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बाबा अपराजित और बाबा इंद्रजीत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रणजी ट्रॉफी 2022 के दूसरे दौर में बाबा अपराजित और बाबा इंद्रजीत ने शानदार प्रदर्शन किया है। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 205 रन की साझेदारी की और तमिलनाडु का स्कोर 470 तक ले जाने में अहम योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 293 रन बनाए। रणजी ट्रॉफी के इतिहास में यह पहला मौका है, जब जुड़वा भाइयों ने एक ही टीम के लिए खेलते हुए शतक लगाया है। इससे पहले भी यही दोनों बल्लेबाज एक ही मैच में शतक लगा चुके हैं, लेकिन तब ये दोनों अलग-अलग टीमों के लिए खेल रहे थे।
बाबा अपराजित ने इस मैच में 267 गेंदों में 166 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 15 चौके और चार छक्के लगाए। वहीं बाबा इंद्रजीत ने 141 गेंदों में 127 रन की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 21 चौके निकले। अपराजित सुमित रुइकर की गेंद पर कैच आउट हुए। वहीं इंद्रजीत अजय मंडल की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए। अपराजित का यह 10वां और इंद्रजीत का 11वां फर्स्ट क्लास मैच है।
दोनों के शतकों की बदौलत तमिलनाडु की स्थिति मजबूत
जुड़वा भाइयों के शतकों की बदौलत तमिलनाडु इस मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। बाबा अपराजित के 166 के अलावा इंद्रजीत 127 और शाहरुख कान 69 ने भी इसमें अहम योगदान दिया। तमिलनाडु ने इस मैच में अपनी पहली पारी नौ विकेट के नुकसान पर 470 रन बनाकर घोषित की। छत्तीसगढ़ के लिए सुमित रुइकर ने चार और अजय जाधव मंडल ने तीन विकेट लिए। वहीं तमिलनाडु के दो बल्लेबाज रन आउट हुए।
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पहले भी एक ही मैच में लगा चुके हैं शतक
इससे पहले जब इन दोनों बल्लेबाजों ने एक ही मैच में शतक लगाया था, तब बाबा अपराजित इंडिया रेड और इंद्रजीत इंडिया ग्रीन के लिए खेल रहे थे। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इंद्रजीत ने कहा कि एक दूसरे के साथ बल्लेबाजी करना इन दोनों खिलाड़ियों को बचपन से ही पसंद है। दोनों हमेशा ही एक दूसरे की मदद करते हैं। पिछली बार दोनों ने जब साथ में शतक लगाया था तब अलग-अलग टीमों के लिए खेलते थे। हालांकि, साथ में खेलते हुए यह कारनामा करना इंद्रजीत के लिए खास था।
वहीं बाबा अपराजित ने कहा कि इंद्रजीत तेजी से रन बना रहे थे, लेकिन वो संभलकर बल्लेबाजी करना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने अपना समय लिया। धीमी पिच को देखते हुए उन्होंने उछाल को समझते हुए बल्लेबाजी की।
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बाबा अपराजित ने इस मैच में 267 गेंदों में 166 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 15 चौके और चार छक्के लगाए। वहीं बाबा इंद्रजीत ने 141 गेंदों में 127 रन की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 21 चौके निकले। अपराजित सुमित रुइकर की गेंद पर कैच आउट हुए। वहीं इंद्रजीत अजय मंडल की गेंद पर क्लीन बोल्ड हुए। अपराजित का यह 10वां और इंद्रजीत का 11वां फर्स्ट क्लास मैच है।
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दोनों के शतकों की बदौलत तमिलनाडु की स्थिति मजबूत
जुड़वा भाइयों के शतकों की बदौलत तमिलनाडु इस मैच में मजबूत स्थिति में पहुंच गया है। बाबा अपराजित के 166 के अलावा इंद्रजीत 127 और शाहरुख कान 69 ने भी इसमें अहम योगदान दिया। तमिलनाडु ने इस मैच में अपनी पहली पारी नौ विकेट के नुकसान पर 470 रन बनाकर घोषित की। छत्तीसगढ़ के लिए सुमित रुइकर ने चार और अजय जाधव मंडल ने तीन विकेट लिए। वहीं तमिलनाडु के दो बल्लेबाज रन आउट हुए।
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पहले भी एक ही मैच में लगा चुके हैं शतक
इससे पहले जब इन दोनों बल्लेबाजों ने एक ही मैच में शतक लगाया था, तब बाबा अपराजित इंडिया रेड और इंद्रजीत इंडिया ग्रीन के लिए खेल रहे थे। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इंद्रजीत ने कहा कि एक दूसरे के साथ बल्लेबाजी करना इन दोनों खिलाड़ियों को बचपन से ही पसंद है। दोनों हमेशा ही एक दूसरे की मदद करते हैं। पिछली बार दोनों ने जब साथ में शतक लगाया था तब अलग-अलग टीमों के लिए खेलते थे। हालांकि, साथ में खेलते हुए यह कारनामा करना इंद्रजीत के लिए खास था।
वहीं बाबा अपराजित ने कहा कि इंद्रजीत तेजी से रन बना रहे थे, लेकिन वो संभलकर बल्लेबाजी करना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने अपना समय लिया। धीमी पिच को देखते हुए उन्होंने उछाल को समझते हुए बल्लेबाजी की।