भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में तीसरा टेस्ट मैच शुरू हो चुका है। दोनों ही टीमें गुरुवार को एक बार फिर से आमने-सामने आईं। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम एक अच्छी स्थिति में पहुंच गई। 55 ओवर के खेल में उसने दो विकेट गंवाकर 166 रन बना लिए। हालांकि इसमें टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋषभ पंत का भी बड़ा योगदान रहा।
गलतियों से भी नहीं सीख रहे ऋषभ पंत, बनाया घटिया विकेटकीपिंग का शर्मनाक रिकॉर्ड
पंत के लिए तीसरे टेस्ट की शुरुआत किसी मायने में अच्छी नहीं रही। विकेट के पीछे उन्होंने एक नहीं बल्कि दो महत्वपूर्ण कैच छोड़े। पंत ने पहले अश्विन और फिर सिराज की गेंद पर डेब्यू खिलाड़ी विल पुकोवस्की को जीवनदान दिया। इसकी वजह से अपना पहला मैच खेल रहे पुकोवस्की 62 रन बनाने में सफल रहे। साथ ही उन्होंने मार्नस लाबुशेन के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी भी निभाई।
Pant gives Puc a life! #AUSvIND pic.twitter.com/PwhpHuJI4D
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दरअसल पुकोवस्की को पहला जीवनदान 22वें ओवर की आखिरी गेंद पर मिला, जब अश्विन की गेंद पर पंत ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। इस समय ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज 26 रन के स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहा था और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर भी एक विकेट के नुकसान पर 49 रन था। इसके बाद तीन ओवर के अंदर ही एक बार फिर से विल को पंत ने ही जीवनदान दिया। तब 25वें ओवर में सिराज की आखिरी गेंद पर पंत ने पीछे भागते हुए कैच पकड़ना चाहा लेकिन वो उसमें भी असफल रहे। इस वक्त यह युवा बल्लेबाज 32 रन पर बल्लेबाजी कर रहा था।
A rollercoaster of emotions for Will Pucovski! Initially given out, but on closer inspection he's recalled to the crease! #OhWhatAFeeling@Toyota_Aus | #AUSvIND pic.twitter.com/WgT5lCRjAE
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पंत की खराब विकेटकीपिंग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्रिकविज नामक एक वेबसाइट के अनुसार वह डेब्यू के बाद से टेस्ट में सबसे अधिक कैच छोड़ने वाले विकेटकीपरों में शामिल हैं। उनसे ज्यादा कैच अभी तक सिर्फ बांग्लादेश के मुश्फिकुर रहीम ने ही छोड़ें हैं। यही नहीं पंत कैच छोड़ने के साथ ही रन लुटाने में भी आगे रहे हैं।
बात करें स्पिन गेंदबाजी के आगे पंत के विकेटकीपिंग तो और भी ज्यादा खराब है। 2010 के बाद से (कम से कम 10 मैच) उन्होंने सिर्फ 47.3 प्रतिशत कैच ही पकड़े हैं। जबकि इस मामले में भारत के अन्य विकेटकीपर ऋधिमान साहा का कैच पकड़ने का प्रतिशत 78 का रहा है।