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BCCI Vs Lodha: केंद्र सरकार भी कूदी विवाद में

Fri, 20 Jan 2017 05:48 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली Updated Fri, 20 Jan 2017 05:48 PM IST
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Attorney General Requests SC to Reconsider Decision On BCCI
बीसीसीआई - फोटो : getty
बीसीसीआई और लोढ़ा समिति के बीच चल रहे विवाद में अब केंद्र सरकार भी कूद पड़ी है। एटर्नी जनरल मुकुल रोहातगी ने सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया है कि वो इस मामले में अपने फैसले पर पुन: विचार करे। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बोर्ड के टॉप अधिकारियों को पद से हटाया था।
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एटर्नी जनरल ने कहा कि बीसीसीआई एक प्राइवेट संस्था है, जिसका असर सरकार पर भी पड़ता है। सरकार ने रेलवे, सेना और युनिवर्सिटीज की ओर से याचिका दायर की है, जिसमें सरकारी महकमों के लोगों के पदासीन होने के फैसले को वापिस लेने के मांग की गई है। इसके साथ सेना, रेलवे और विश्वविद्यालयों को वोट देने का भी अधिकार नहीं होगा।
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नए अधिकारियों पर सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला

Attorney General Requests SC to Reconsider Decision On BCCI
अनुराग ठाकुर - फोटो : getty
इसके साथ ही न्यायमित्र गोपाल सुब्रह्मणयम ने कोर्ट को एक बंद लिफाफे में बीसीसीआई अधिकारियों के लिए 9 नाम सुझाए हैं। इस विषय पर कोर्ट ने कहा है कि 9 लोगों की समिति बहुत बड़ी होगी। कोर्ट यह भी कहा कि वो इस फैसले पर विचार करेगा और बुधवार तक अपना फैसला सुनाएगा।

2 जनवरी को अनुराग ठाकुर और अजय शिर्के को पद से हटान के बाद गोपाल सुब्रह्मणयम और अनिल दीवान से बीसीसीआई अधिकारियों के नए नामों के लिए सुझाव मांगे थे। कोर्ट ने अनुराग ठाकुर से पूछा कि उन्हें कोर्ट अवमानना का दोषी क्यों नहीं माना चाहिए।
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