टीम इंडिया के सफल कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली बीसीसीआई के नए निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। इसके बाद से ही गांगुली के भाजपा ज्वाइन करने की खबरें मीडिया में तैरने लगी हैं। कहा जा रहा है कि गांगुली को अध्यक्ष बनाने में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि अमित शाह ने इन खबरों को बे बुनियाद बताया है। उन्होंने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि मैं इस बात का निर्णय नहीं करता कि कौन बीसीसीआई का अध्यक्ष होगा। इसके लिए बीसीसीआई की अपनी चुनाव प्रक्रिया है। गांगुली के साथ मेरी इस बारे में कोई बातचीत नहीं हुई है।
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अमित शाह सीआईसी में बोलते हुए
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सौरव गांगुली के साथ मुलाकात के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि सौरव गांगुली की मेरे साथ मुलाकात में कुछ भी गलत नहीं है। वह मेरे पास आ सकते हैं, मैं खुद कई साल तक क्रिकेट से जुड़ा रहा हूं। क्या गांगुली 2021 में बंगाल में होने वाले चुनावों में भाजपा का चेहरा होंगे? इसपर उन्होंने कहा कि, यह सिर्फ सौरव गांगुली के खिलाफ गलत बातें कही जा रही हैं। वैसे भी हमें बंगाल में किसी चेहरे की जरूरत नहीं। बगैर चेहरे के भी हमने लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीती थीं। इसका मतलब यह नहीं कि चेहरों की जरूरत ही नहीं, लेकिन हम किसी एक के बगैर भी चुनाव जीत सकते हैं।
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सौरव गांगुली
- फोटो : ट्विटर
सौरव गांगुली 10 महीने तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रहेंगे। वह पांच साल से बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। बोर्ड के नए नियमों के अनुसार कोई भी सदस्य लगातार छह साल तक ही किसी पद पर रह सकता है। इनके अलावा अमित शाह के बेटे जय शाह को सचिव और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल कोषाध्यक्ष चुना गया है।
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सौरव गांगुली
- फोटो : ANI
गांगुली के राजनीति में आने की चर्चा हमेशा से चलती रही हैं। खुद भाजपा ने 2016 विधानसभा चुनावों से पहले सौरव गांगुली को चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था। यही नहीं भाजपा उन्हें अपनी पंसदीदा सीट से चुनाव लड़ने को कहा था। माना जा रहा है कि बीजेपी को बंगाल में ममता बनर्जी के सामने एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो उनका मुकाबला कर सके। गांगुली इसमें पूरी तरह से फिट बैठते हैं।