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जडेजा का बयान: राहुल द्रविड़ को टीम चलाना न सिखाएं, उनके नजरिए के साथ आगे बढ़ें
Fri, 05 Nov 2021 10:21 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 05 Nov 2021 10:21 AM IST
सार
अजय जडेजा ने कहा है कि बीसीसीआई को राहुल द्रविड़ के नजरिए के साथ आगे बढ़ना चाहिए और उन्हें एक कोच के तौर पर पूरी छूट दी जानी चाहिए।
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राहुल द्रविड़
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राहुल द्रविड़ को भारत नया मुख्य कोच बनाए जाने के बाद भारत के पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा ने बीसीसीआई से कहा है कि वो राहुल द्रविड़ को यह न बताएं की टीम कैसे चलानी है, बल्कि उनके नजरिए के साथ ही आगे बढ़ें। जडेजा ने कहा बीसीसीआई पूर्व कप्तान को उनकी दृष्टि के अनुसार काम करने दे और उन्हें भविष्य के लिए एक टीम बनाने की छूट दे। बीसीसीआई ने बुधवार को एलान किया कि द्रविड़ न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज से भारतीय टीम के मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभालेंगे। यह सीरीज 17 नवंबर से शुरू हो रही है। द्रविड़ टीम के मौजूदा कोच रवि शास्त्री की जगह लेंगे, जिन्होंने टी20 विश्व कप के बाद मुख्य कोच का पद छोड़ने का एलान किया है।
जडेजा ने कहा कि द्रविड़ बहुत ही अनुशासित खिलाड़ी हैं और उनके काम करने के तरीके से भारतीय खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा। हालांकि इसके लिए बीसीसीआई को उन्हें खुली छूट देनी होगी।
द्रविड़ को खुलकर काम करने की छूट दें
जड़ेजा ने क्रिकबज से बातचीत में कहा "द्रविड़ अनुशासन के मामले में रोल मॉडल हैं और पूरे समर्पण के साथ अपना काम करते हैं। आप एक कोच से बहुत कुछ चाहते हैं लेकिन अनुशासन और समर्पण शायद दो सबसे जरूरी चीजें हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले टी 20 कप्तान का चुनाव कौन करेगा, राहुल द्रविड़ या चयनकर्ता। उनकी क्षमता में कोई संदेह नहीं है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी भारतीय कोच बन जाता है और आप उसे खुलकर काम नहीं करने देते हैं या उसके नजरिए का उपयोग नहीं करते हैं तो यह तो उस खिलाड़ी को कोच बनाने का कोई मतलब नहीं है। आपके इशारों पर काम करने वाला कोच कोई भी बन सकता है।
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जडेजा ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड से कहा कि वह द्रविड़ को यह न बताए कि टीम को कैसे चलाना है। द्रविड़ की अहमियत समझाते हुए उन्होंने कहा "अगर आप सबसे बड़े नाम राहुल द्रविड़ को लाए हैं, तो कम से कम उनके दृष्टिकोण के साथ जाएं। यह मेरा बोर्ड से अनुरोध है ... अगर राहुल द्रविड़ जैसा व्यक्ति कोच बना है, तो कृपया उनकी दृष्टि और समझ के साथ आगे बढ़ें। उन्हें यह न बताएं कि टीम को कैसे चलाना है।"
कोच के रूप में द्रविड़ का रिकॉर्ड शानदार
बतौर कोच राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने भारत ए और भारत अंडर 19 टीमों के साथ काम किया है। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी टीम को जीत दिलाई है बल्कि सीनियर टीम के लिए कई बेहतरीन खिलाड़ी भी तैयार किए हैं। ऋषभ पंत, सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों ने भारत ए और अंडर-19 क्रिकेट में द्रविड़ के मार्गदर्शन में काम किया है।
सहवाग ने भी की तारीफ
द्रविड़ के भारतीय कोच बनने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि वह भारत के मुख्य कोच बनने के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। सहवाग बोले "इस काम के लिए वो सबसे सही आदमी है। उन्होंने अंडर -19 और भारत 'ए' खिलाड़ियों को तैयार करने में इतने साल बिताए हैं। इस भारतीय टीम में जो योगदान वो दे सकते हैं, मुझे नहीं लगता कि कोई और कर सकता है। मुझे उसके बारे में जो चीज सबसे ज्यादा पसंद है वह यह है कि जब वो अंडर-19 और भारत 'ए' के खिलाड़ियों के साथ होते हैं, तब उनकी तरह सोचते हैं और बात करते हैं। उन्हें ये नहीं लगता कि वो राहुल द्रविड़ है या उन्होंने इतना क्रिकेट खेला है, वो अपने स्तर पर सोचते हैं। भारतीय टीम को इसका फायदा मिलेगा। द्रविड़ उनकी तरह सोचेगें और विश्लेषण करेगें कि आईसीसी टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए क्या किया जा सकता है।"
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जडेजा ने कहा कि द्रविड़ बहुत ही अनुशासित खिलाड़ी हैं और उनके काम करने के तरीके से भारतीय खिलाड़ियों को फायदा मिलेगा। हालांकि इसके लिए बीसीसीआई को उन्हें खुली छूट देनी होगी।
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द्रविड़ को खुलकर काम करने की छूट दें
जड़ेजा ने क्रिकबज से बातचीत में कहा "द्रविड़ अनुशासन के मामले में रोल मॉडल हैं और पूरे समर्पण के साथ अपना काम करते हैं। आप एक कोच से बहुत कुछ चाहते हैं लेकिन अनुशासन और समर्पण शायद दो सबसे जरूरी चीजें हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले टी 20 कप्तान का चुनाव कौन करेगा, राहुल द्रविड़ या चयनकर्ता। उनकी क्षमता में कोई संदेह नहीं है, लेकिन जब कोई खिलाड़ी भारतीय कोच बन जाता है और आप उसे खुलकर काम नहीं करने देते हैं या उसके नजरिए का उपयोग नहीं करते हैं तो यह तो उस खिलाड़ी को कोच बनाने का कोई मतलब नहीं है। आपके इशारों पर काम करने वाला कोच कोई भी बन सकता है।
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जडेजा ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड से कहा कि वह द्रविड़ को यह न बताए कि टीम को कैसे चलाना है। द्रविड़ की अहमियत समझाते हुए उन्होंने कहा "अगर आप सबसे बड़े नाम राहुल द्रविड़ को लाए हैं, तो कम से कम उनके दृष्टिकोण के साथ जाएं। यह मेरा बोर्ड से अनुरोध है ... अगर राहुल द्रविड़ जैसा व्यक्ति कोच बना है, तो कृपया उनकी दृष्टि और समझ के साथ आगे बढ़ें। उन्हें यह न बताएं कि टीम को कैसे चलाना है।"
कोच के रूप में द्रविड़ का रिकॉर्ड शानदार
बतौर कोच राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने भारत ए और भारत अंडर 19 टीमों के साथ काम किया है। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी टीम को जीत दिलाई है बल्कि सीनियर टीम के लिए कई बेहतरीन खिलाड़ी भी तैयार किए हैं। ऋषभ पंत, सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन जैसे खिलाड़ियों ने भारत ए और अंडर-19 क्रिकेट में द्रविड़ के मार्गदर्शन में काम किया है।
सहवाग ने भी की तारीफ
द्रविड़ के भारतीय कोच बनने के बाद वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि वह भारत के मुख्य कोच बनने के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। सहवाग बोले "इस काम के लिए वो सबसे सही आदमी है। उन्होंने अंडर -19 और भारत 'ए' खिलाड़ियों को तैयार करने में इतने साल बिताए हैं। इस भारतीय टीम में जो योगदान वो दे सकते हैं, मुझे नहीं लगता कि कोई और कर सकता है। मुझे उसके बारे में जो चीज सबसे ज्यादा पसंद है वह यह है कि जब वो अंडर-19 और भारत 'ए' के खिलाड़ियों के साथ होते हैं, तब उनकी तरह सोचते हैं और बात करते हैं। उन्हें ये नहीं लगता कि वो राहुल द्रविड़ है या उन्होंने इतना क्रिकेट खेला है, वो अपने स्तर पर सोचते हैं। भारतीय टीम को इसका फायदा मिलेगा। द्रविड़ उनकी तरह सोचेगें और विश्लेषण करेगें कि आईसीसी टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए क्या किया जा सकता है।"