हार का सिलसिला नहीं रोक सका भारत, ये रहे कारण
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तूफानी प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम का न्यूजीलैंड के खिलाफ हार का सिलसिला छठी बार भी जारी रहा। जिस तरह ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती में हराना। फिर एशिया कप फतह करने के बाद भारतीय टीम मानसिक और क्षमता दोनों रुपों में मजबूत थी, लेकिन हार को नहीं टाल सकी। चलिए, भारत की हार के कारण जानते हैं।
टॉस का हारनाः
टीम इंडिया के लिए हार का सबसे प्रमुख कारण टॉस रहा। टॉस में न्यूजीलैंड की सफलता उन्हें पहले ही फ्रंटफुट में ले गई और भारत को बैकफुट में।
खराब पिच:
नागपुर की पिच से इस बार अपेक्षा थी कि वह बल्लेबाजों पर मेहरबान होगी और गेंदबाजों की शामत लेकर आएगी। हालांकि हुआ इसके ठीक उलट। पिछले साल फ्रीडम सीरीज के दौरान दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच यहां खेला गया टेस्ट मैच सिर्फ तीन दिनों में ही खत्म हो गया था। उस वक्त आईसीसी द्वारा पिच के मिजाज को लेकर आपत्ति भी जताई गई थी। इस बार भी पिच मैच में बल्लेबाजों के लिए बद से बदत्तर होती चली गई।
ओपनरों का फेल होना:
टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही। मामूली सा लक्ष्य मिलने के बाद भी ओपनिंग जोड़ी अच्छी साझेदारी नहीं कर सकी। शिखर धवन एक रन और रोहित शर्मा सिर्फ 5 रन ही बना सके। वर्ल्ड कप के आगाज मैच में ही ओपनिंग जोड़ी का फेल होना भारत के लिए बेहद निराशाजनक रहा।
ये रहे दो और कारण
खराब शॉट चयन:
टीम इंडिया की गेंदबाजी अच्छी रही, इसमें कोई दोहराई नहीं। लेकिन इससे उलट बल्लेबाजी ने काफी निराश किया। लंबा और मजबूत बैटिंग लाइन-अप होने के बावजूद भारतीय बल्लेबाज खासा प्रभाव नहीं डाल सके। विराट कोहली, युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे मैच जिताऊ बल्लेबाज खराब शॉट चयन के चलते अपना विकेट गंवा बैठे।
कीवी के स्पिनरों ने चौंकाया
भारतीय टीम स्पिनरों के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी में माहिर मानी जाती है। लेकिन इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने भारतीय बल्लेबाजों को चौंकाया। भारतीय बल्लेबाजों को आउट स्पिनरों ने ही किया। इसमें मिचेल सेंटनीर प्रमुख रुप से, इन्होंने पहली बार भारतीय पिच में गेंदबाजी की और 3 अहम विकेट झटके।