{"_id":"687b747e18861063bb068652","slug":"2011-world-cup-gary-kirsten-said-yuvraj-singh-would-not-have-been-selected-for-2011-world-cup-but-dhoni-2025-07-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"2011 World Cup: गैरी कर्स्टन बोले- 2011 विश्व कप के लिए नहीं होता युवराज सिंह का चयन, लेकिन धोनी ने..., जानें","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
2011 World Cup: गैरी कर्स्टन बोले- 2011 विश्व कप के लिए नहीं होता युवराज सिंह का चयन, लेकिन धोनी ने..., जानें
Sat, 19 Jul 2025 04:04 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 19 Jul 2025 04:04 PM IST
सार
भारत के पूर्व कोच ने कहा, 'धोनी की तरह मैं भी उन्हें टीम में रखने को लेकर उत्सुक था क्योंकि वह टीम में काफी अनुभव लेकर आए थे।'
विज्ञापन
युवराज और धोनी
- फोटो : Twitter
विस्तार
भारत के 2011 विश्व कप विजेता कोच गैरी कर्स्टन ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि विश्व कप 2011 के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे युवराज सिंह का तब उस टूर्नामेंट के लिए टीम में चयन तय नहीं था। युवराज के लिए 2010 आम रहा था, लेकिन चुना जाना उनके भाग्य में था। उन पर भरोसा किया गया और अगले साल विश्व कप के लिए चुना गया। उन्होंने भारत को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई। युवराज ने टूर्नामेंट में 362 रन बनाए और 15 विकेट भी लिए। एमएस धोनी की अगुआई वाली टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के फाइनल में श्रीलंका को छह विकेट से हराया और 28 साल बाद विश्व कप जीता।
विज्ञापन
कर्स्टन ने Rediff.com को बताया, 'भगवान का शुक्र है कि हमने उन्हें चुना क्योंकि वह बाहर होने के बेहद करीब थे। तब उनका चयन काफी आखिर आखिर में किया गया था। चयनकर्ताओं के बीच 15 खिलाड़ियों को लेकर काफी चर्चा हुई थी।' कर्स्टन ने खुलासा किया कि वह और तत्कालीन भारतीय कप्तान धोनी, दोनों ऑलराउंडर को टीम में रखना चाहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत के पूर्व कोच ने कहा, 'धोनी की तरह मैं भी उन्हें टीम में रखने को लेकर उत्सुक था क्योंकि वह टीम में काफी अनुभव लेकर आए थे। और देखें उनके लिए क्या शानदार विश्व कप बीता!' उन्होंने कहा, 'मैं युवराज को हमेशा से पसंद करता था। हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध थे। कभी-कभी वह मुझे काफी तंग कर देते थे, लेकिन मैं उनसे बेहद पसंद करता था। वह शानदार खिलाड़ी हैं। मैं चाहता हूं कि वह हमेशा रन बनाते रहें क्योंकि जब मैं उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखता हूं, तो यह देखना अद्भुत लगता है।'
कर्स्टन ने यह भी कहा कि भारत के मानसिक अनुकूलन और रणनीतिक नेतृत्व कोच पैडी अपटन ने भी युवराज को सर्वश्रेष्ठ तक पहुंचाने में मदद की। उन्होंने कहा, 'लेकिन यह एक ऐसी यात्रा थी, जिसपर उनका जाना उनकी किस्मत में लिखा था। इसका श्रेय पैडी (अप्टन) को जाता है। पैडी ने युवी को उस विश्व कप के लिए तैयार करने के लिए उनके साथ काफी काम किया था। युवी ने खुद को विश्व कप के लिए तैयार करने के लिए कुछ अहम फैसले किए।'