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रस्सी से बंधी गाय ने सिखाया ऐसा सबक जिसने देखा वही हैरान रह गया

Wed, 17 Jun 2015 09:09 AM IST
रईस दरवेश
रईस दरवेश Updated Wed, 17 Jun 2015 09:09 AM IST
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which is tied in bondage

शेख फरीद उस दिन अपने शिष्यों के साथ बैठे थे। तभी उधर से एक आदमी एक गाय को जबर्दस्ती खींचता हुआ गुजरा। फरीद सहित सभी शिष्यों का ध्यान बरबस उनकी ओर चला गया। गाय और उस आदमी को देखकर फरीद ने अपने शिष्यों से पूछा, क्या तुम लोग बता सकते हो कि कौन किससे बंधा है?

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शिष्यों ने एकमत होकर जवाब दिया, साफ दिख रहा है कि गाय ही उस आदमी से बंधी है। फरीद ने फिर पूछा, अच्छा अब यह बताओ कि कौन किसका मालिक है? सभी शिष्यों को यह सामान्य-सा प्रश्न लगा, इसलिए तपाक से सभी बोल उठे, मालिक तो वह आदमी है। रही बात गाय की, तो वह पशु है, और कोई पशु भला मनुष्य का स्वामी कैसे हो सकता है?
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मगर थोड़ी देर बाद उन लोगों ने देखा कि गाय और व्यक्ति, दोनों एक साथ भाग रहे हैं। गौर से देखने पर पता चला कि उस व्यक्ति के हाथ में रस्सी का एक सिरा था, जबकि दूसरा सिरा गाय के गले से बंधा था। शायद गाय ने रस्सी तोड़ दी थी।
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यह दृश्य देखकर फरीद ने गाय के भागने का कारण शिष्यों से पूछा। उन्होंने पूछा, तुम लोग देख रहे हो न! गाय भागी जा रही है, और वह आदमी उसके पीछे है। अब भला वह आदमी क्या करेगा? शिष्यों की ओर से तुरंत जवाब आया, जाहिर है कि वह आदमी भी गाय के पीछे-पीछे भागेगा, ताकि उसे पकड़ सके।


जैसे ही शिष्यों ने यह जवाब दिया, वे समझ गए कि कौन किससे बंधा है? फरीद ने उन लोगों को समझाते हुए कहा, मैं भी तुम लोगों से यही कहना चाहता था कि गाय के गले में बंधी रस्सी भले ही आदमी के हाथ में दिख रही हो, पर गाय नहीं बंधी है। बंधा तो वह आदमी ही है। हमें भी इसी तरह अपने बंधन समझने चाहिए।

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