फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   What won't change in new year: the desire for reliable experiences will remain, unaffected by changing trends

वह जो नए साल में भी नहीं बदलेगा: बरकरार रहेगी भरोसेमंद अनुभव की चाह, बदलते ट्रेंड का नहीं पड़ेगा असर

Wed, 31 Dec 2025 07:54 AM IST
पवन पांडेय नन्दितेश निलय, एल्यूमनस आईआईटी, दिल्ली स्पीकर, लेखक एवं एथिक्स प्रशिक्षक
नन्दितेश निलय, एल्यूमनस आईआईटी, दिल्ली स्पीकर, लेखक एवं एथिक्स प्रशिक्षक Published by: पवन पांडेय Updated Wed, 31 Dec 2025 07:54 AM IST
विज्ञापन
सार
क्या 2026 में अपने सेपियंस के उस बुद्धिमान मनुष्य को हर व्यक्ति बचाना चाहेगा? अगर ऐसा है, तो फिर अपनी नैतिकता, मूल्यों और गुणों को बचा कर रखना भी उस बदलाव का ही हिस्सा होगा, जो बदलाव से ज्यादा विकसित होने की कहानी लिखेगा।
loader
What won't change in new year: the desire for reliable experiences will remain, unaffected by changing trends
वह जो नए साल में भी नहीं बदलेगा - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

नए साल में तो हम वादों की झड़ी लगा देते हैं और फिर कुछ भूलते, कुछ याद करते, कुछ दोहराते, फिर अपनी कुछ और आदतें बदलने की आशा रखते हुए दिनों को बिताते हैं। मान लीजिए कि आपसे कोई यह प्रश्न करे कि आने वाले दस वर्षों में ऐसा क्या है, जो नहीं बदलेगा, तो आप क्या जवाब देंगे? यह प्रश्न थोड़ा अटपटा तो जरूर है, क्योंकि हम जिस अस्थिर, अनिश्चित, जटिल और संदिग्ध, यानी वूका वाली दुनिया में रहते हैं, वहां तो सिर्फ बदलाव और उसको अपनाने की ही बातें होती रहती हैं। लेकिन यह सोचना कि आने वाले कई वर्षों तक क्या नहीं बदलेगा, अपने आप में कुछ सजग और सचेत करने वाला सवाल जरूर है।


कुछ ऐसी ही चर्चा जेफ बेजोस ने की, जब वह अमेजन की एक कॉन्फ्रेंस में बिजनेस स्ट्रेटेजी बनाते समय भविष्य के ट्रेंड्स के बजाय ग्राहकों की स्थायी इच्छाओं पर ध्यान देने की बात कह रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मुझसे अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि अगले दस वर्षों में क्या बदलने वाला है? यह बहुत ही दिलचस्प, लेकिन आम सवाल है। लेकिन मुझसे कभी यह नहीं पूछा जाता कि अगले दस वर्षों में क्या नहीं बदलने वाला है? दूसरा सवाल असल में ज्यादा जरूरी है, क्योंकि आप उन चीजों के आसपास बिजनेस स्ट्रेटेजी बना सकते हैं, जो समय के साथ बनी रहती हैं...खुदरा व्यवसाय में, ग्राहक कम कीमतें चाहेंगे, उन्हें तेज डिलीवरी और बहुत सारे उत्पादों के प्रकार चाहिए होंगे। आज से दस साल बाद भी यही सच रहेगा।’ फिर उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न बदलने वाली बुनियादी चीजों में वस्तुओं की कम कीमतें, तेज डिलीवरी, और ग्राहक को चुनाव के अवसर देने होंगे और ये कभी नहीं बदलेंगे। इस दृष्टिकोण ने अमेजन की प्राथमिकता को दिशा दी और लॉजिस्टिक्स इनोवेशन से लेकर प्राइसिंग एल्गोरिदम तक, और एआई एवं ई-कॉमर्स में तकनीकी हस्तक्षेप के बावजूद यह सही साबित हुआ। बेजोस का कहना है कि इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है और यों ही बदलावों के पीछे भागना जोखिमपूर्ण भी है। उनका तरीका अपनी दीर्घकालीन व्यवसाय रणनीति में एक जैसे नैतिक ढांचे को शामिल करना है, जो उन चीजों पर फोकस करने के सिद्धांत पर आधारित हो और जो अगले दस साल में नहीं बदलेंगी। अमेजन के लिए, इसका मतलब ग्राहकों पर ध्यान देना है, जिसे जेफ व्यवसाय का सबसे बड़ा, टिकाऊ नैतिक आधार मानते हैं।


क्या आपने कभी सोचा था कि समाज में कमजोर पड़ते भरोसे के मूल्य की रक्षा बाजार करने आएगा और यह वर्क एथिक्स आने वाले कई साल तक यथावत रहेगा? जिस समाज में सब कुछ ‘रिवैलिडेट’ किया जाता है, वहां बाजार ग्राहक के व्यवहार और फैसले को ‘रिवैलिडेट’ नहीं करेगा और सिर्फ उसको समान लौटाने की ही सुविधा नहीं देगा, बल्कि इस पर भी यकीन करेगा कि उस सामान को प्रयोग में नहीं लाया गया है। यही भरोसा बाजार व ग्राहक के बीच सेतु बनेगा, जो जेफ बेजोस के अनुसार, आने वाले वर्षों में कभी नहीं बदलेगा। और नहीं बदलेंगे उन असंख्य लोगों के सपने, जो अपनी आर्थिक सीमाओं के बावजूद कुछ खरीदना चाहेंगे, जो किफायती होने के साथ टिकाऊ भी हों। यह भाव, यह अभिलाषा, एक न खत्म होने वाली आकांक्षा की तरह कभी नहीं बदलेगी। बाजार अपने ग्राहकों को बिना किसी सामाजिक भेदभाव के फोन की एक क्लिक पर यकीन दिलाएगा कि वह ग्राहक कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। वही साधन है और साध्य भी। जो भी वस्तु ग्राहक खरीदना चाहता है, बाजार बगैर गुणवत्ता में कोई समझौता किए, उसे सस्ते में ही बेचेगा। यह भी नहीं बदलेगा। सामाजिक भरोसे के धागों को उलझाते-सुलझाते बाजार में मुस्तैद अमेजन की तरह तमाम कंपनियां उस भरोसे को और मजबूत तथा पारदर्शी बनाना चाहेंगी।

जेफ बेजोस ने यह भी माना कि यह सोचना असंभव होगा कि सबसे बड़ी जनसंख्या महंगी चीजें खरीदेगी। उनकी कंपनी या बाजार की तमाम कंपनियों को ग्राहक को उसकी जरूरत और सामर्थ्य के अनुसार ही सामान बेचना होगा। सभी को सब कुछ चाहिए, लेकिन सबसे जल्दी व सबसे सस्ता। और ग्राहक को यकीन भी है कि लगातार खरीदी गई वस्तुएं लौटाने के बावजूद कंपनी का भरोसा यथावत बना रहेगा। आज से दस साल बाद, बेजोस शायद एथिक्स की जरूरत को पहले से कहीं ज्यादा जरूरी मानेंगे। कंपनी की सफलता इस पर निर्भर करेगी कि वह अपनी रणनीति में स्थिर एथिकल सिद्धांतों को कितने असरदार तरीके से शामिल करती है। चुनौती एथिक्स के महत्व में बदलाव की नहीं होगी, बल्कि तेजी से बदलते तकनीकी माहौल में, आगे की सोच वाले नैतिक नवाचारों की होगी।

आखिर यह समय उत्पाद का नहीं, बल्कि उससे जुड़े ग्राहकों के अनुभव का है, वस्तु की कीमत का नहीं, बल्कि उससे जुड़े मूल्य का है। नहीं तो बाजार मनुष्य के उन धार्मिक सद्भावों को भला कैसे समझ पाता और कैसे ‘स्पिरिचुअल कॉमर्स’ का एक नया प्लेटफॉर्म बनकर खड़ा हो जाता, जहां त्योहार के मौसम, या नए साल में पूजा की सामग्री या प्रसाद घर पहुंच जाता है, जिसकी कल्पना पहले किसी ने नहीं की थी। बाजार उस पल्स को समझता है और उसे मालूम है कि ‘स्पिरिचुअल कॉमर्स’ सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि वह जुड़ाव है, जो बाजार और ग्राहक के बीच एक आत्मिक संबंध बनाता है, जो कभी नहीं बदलेगा। ब्लिंकिट, जेप्टो, स्विगी और इंस्टामार्ट जैसी कंपनियों के लिए बाजार सिर्फ सस्ता, तेज डिलीवरी, और भरोसे का ही प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि ग्राहक के उस स्पिरिचुअल मन का संवेदनशील श्रोता भी है, जो ‘कस्टमर इज गॉड’ को पुनः परिभाषित करना चाह रहा है।

और अंत में, क्या जेफ मनुष्य को बाजार से इतर कर यह भी कहना चाहेंगे कि आने वाले दस साल में नहीं बदलेगा, उस एम्पैथी की मानवीय चाह, वह त्योहारी मौसम में बाजार से अपने शहर, अपने घर लौटने की उद्विग्नता, और वह भरोसा, जो वर्चुअल से ज्यादा रियल होगा, और वह मन, जो प्यार या डांट से दी हुई सलाह को लौटाएगा नहीं, सुनेगा, समझेगा और साथ रहने की संभावनाएं तलाशेगा। क्या 2026 में अपने सेपियंस के उस बुद्धिमान मनुष्य को हर व्यक्ति बचाना चाहेगा? अगर ऐसा है, तो फिर अपनी नैतिकता, मूल्यों और गुणों को बचा कर रखना भी उस बदलाव का ही हिस्सा होगा, जो बदलाव से ज्यादा विकसित होने की कहानी लिखेगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed