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पांच रुपये की औकात

Sun, 04 Aug 2013 08:33 PM IST
मनु पंवार
मनु पंवार Updated Sun, 04 Aug 2013 08:33 PM IST
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value of five rupees

एक नेता ने दिल्ली में पांच रुपये में भरपेट खाना मिलने की बात क्या कही, चर्चाओं का मानो पिटारा ही खुल गया। पांच रुपये में यह मिलता है, पांच रुपये में वह मिलता है आिद-आदि। मैं हैरान था कि दिल्ली की साधारण दुकानों में पांच रुपये में तो चाय भी नहीं मिलती, लेकिन नेता लोग पांच रुपये की खरीद क्षमता पर ऐसे गाल बजा रहे हैं, जैसे पांच नहीं, सौ रुपये की बात कर रहे हों।

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कल चाय के ठेले पर अचानक पांच रुपये से मुलाकात हो गई। मैली-कुचैली शक्ल लेकर वह चाय का कप झपटने की फिराक में था। मैंने उसे टोका, अबे सुन बे पांच रुपये! तेरी हैसियत तो एक चाय कप की भी नहीं है। बल्कि तेरी तो साइकिल स्टैंड पर साइकिल पार्क करने तक की औकात नहीं है। इसके बावजूद तू इस तरह इतरा रहा है, जैसे सौ का नोट हो। इतना घमंड किसलिए?
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यह बात पांच रुपये के दिल को लग गई। उसने पलटवार किया, देखो साहब, हमको इतना भी गया-गुजरा न समझो। अब तो सरकार के लोग भी कह रहे हैं कि पांच रुपया किसी का पेट भी भर सकता है। इसलिए मुझे दुत्कार कर आप कइयों के पेट पर लात मार रहे हैं। आपका हाथ गरीब के साथ नहीं दिखता। पांच रुपये ने भावुक बातचीत में अचानक ही राजनीतिक टच दे दिया, जिसका चुनाव के समय वैसे भी बहुत उपयोग है।
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मुझे गुस्सा आ गया। मैंने कहा, अबे सुन बे पांच रुपये! तुझे तो सरकार कब की नजरों से गिरा चुकी है। इसीलिए लोग अपनी जेब में रखकर तुझे ट्रेवल नहीं कराते। तेरा खुद का गुजर-बसर नहीं होता, तू क्या किसी को भरपेट भोजन कराएगा बे? काम न काज का, दुश्मन अनाज का। मैंने फिर उसे झिड़का।


लेकिन कांग्रेसियों के ताजा बयान के बाद पांच रुपया आत्मविश्वास से लबरेज था। इसलिए वह हार मानने को तैयार नहीं था। वह बोला, ऐ साहब! सरकार को अपने पर हो, न हो, पांच रुपये पर बड़ा भरोसा है। बाजार में देखो, बड़ी-बड़ी कंपनियां भी पांच रुपये में छोटा रीचार्ज बेच रही हैं। और सिर्फ सरकार ही नहीं, विपक्ष वाले भी मेरी हैसियत जानते हैं। देखा नहीं, आंध्र प्रदेश में भाजपा वाले अपने पीएम इन वेटिंग को पांच-पांच रुपये में बेच रहे हैं। पांच रुपये ने अपने पक्ष में दलीलें देनी शुरू कीं।

अब मैं निरुत्तर हो गया। पांच रुपये की बात में दम था। पांच रुपये में छोटा रीचार्ज ही नहीं, बड़ा नेता भी खरीदा जा सकता है।

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