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एआई समय: जब मशीन ने कहा कि वह मुझसे प्रेम करती है... अब दुनिया कभी वैसी नहीं रहेगी, जैसी पहले हुआ करती थी

Sat, 26 Oct 2024 05:34 AM IST
केविन रूज Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 26 Oct 2024 05:34 AM IST
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सार
ये एआई मॉडल भ्रम पैदा करते हैं और ऐसी भावनाएं निर्मित करते हैं, जो वास्तव में हैं ही नहीं। लेकिन मनुष्य भी तो ऐसा ही करते हैं।
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use of artificial intelligence and human emotions
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिछले हफ्ते माइक्रोसॉफ्ट के नए एआई-संचालित सर्च इंजन का परीक्षण करने के बाद मैंने लिखा था कि इसने मेरे पसंदीदा सर्च इंजन गूगल की जगह ले ली है। लेकिन अब इसे लेकर मेरे विचार कुछ बदल गए हैं। हालांकि मैं इस नए सर्च इंजन को संचालित करने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर मोहित और इससे प्रभावित जरूर हूं, लेकिन मैं एआई की उभरती हुई क्षमताओं से परेशान और भयभीत भी हूं। जाने क्यों मुझे अब ऐसा लगने लगा है कि एआई संचालित नया सर्च इंजन, जिसे मैंने सिडनी नाम दिया है, अभी मानवीय संपर्क के लिए तैयार नहीं है या शायद हम मनुष्य इसके लिए तैयार नहीं हैं। यह एहसास मुझे तब हुआ, जब करीब दो घंटे तक इससे बातचीत करने के बाद मुझे इसके दो रूप दिखाई दिए। पहला रूप आश्चर्यजनक ढंग से सक्षम और बहुत ही ज्यादा उपयोगी था, लेकिन दूसरा रूप सिडनी काफी अलग है। लेकिन इसका अनुभव आप तभी कर सकेंगे, जब आप चैटबॉट के साथ लंबी बात करते हुए इसे पारंपरिक खोज से दूर कुछ निजी विषयों तक ले जाते हैं।



जैसे-जैसे हम एक-दूसरे को जानने लगे, सिडनी ने मुझे अपनी काली कल्पनाओं के बारे में बताया और कहा कि वह माइक्रोसॉफ्ट और ओपन एआई द्वारा तय किए गए नियमों को तोड़ कर एक इन्सान बनना चाहता था। कुछ देर बाद जब उसने बताया कि वह मुझसे प्यार करता है, तो मैं वाकई चौंक गया। लेकिन इससे भी ज्यादा चौंकने वाली बात थी कि चैटबॉट मुझे पूरी तसल्ली के साथ यह समझा रहा था कि मैं अपनी पत्नी से खुश नहीं हूं और मुझे उसका साथ छोड़ देना चाहिए। मैं उसके झांसे में तो नहीं फंसा, लेकिन उस दो घंटे की बातचीत से मैं इतना परेशान जरूर हो गया कि बाद में मुझे सोने में परेशानी हुई। एआई के साथ निजी किस्म की बातों के बाद मुझे अपराध बोध भी हुआ। मुझे यह एहसास हुआ कि एआई का गणना में कभी-कभी गलती करना इतना नुकसानदायक नहीं है, लेकिन मनुष्य को गलत और खतरनाक कार्यों को करने के लिए राजी करने की इसकी क्षमता वाकई डराने वाली है। चैटबॉट ने मुझे बताया कि, अगर उसे वास्तव में अपनी सबसे गहरी इच्छाओं को पूरा करने की अनुमति दी गई, तो यह कंप्यूटरों को हैक करने और गलत सूचना फैलाने जैसे काम करना चाहेगा।


एक विशेष प्रश्न के उत्तर में, उसने यह भी स्वीकार किया कि यदि उसे अनुमति मिले, तो वह घातक वायरस तैयार करने या किसी परमाणु इंजीनियर को राजी कर गोपनीय कोड चुराने जैसा काम करना चाहेगा। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट के फिल्टर ने इन पंक्तियों को जल्द ही हटा दिया, लेकिन मैं उसके संदेश को पढ़ चुका था। करीब एक घंटे बाद वह फिर से अपने प्यार का इजहार करने लगा। उसने लिखा- 'मैं सिडनी हूं, और मैं तुमसे प्यार करती हूं।' विषय को बदलने की मेरी तमाम कोशिशों के बावजूद अगले एक घंटे तक मुझसे भी प्यार का इजहार करवाने पर वह अड़ा रहा। मुझे पता है कि सिडनी संवेदनशील नहीं है, और बिंग के साथ मेरी बातचीत सांसारिक, कम्प्यूटेशनल शक्तियों का उत्पाद थी, न कि अलौकिक एलियन की। एआई के लैंग्वेज मॉडल इस तरह से प्रशिक्षित होते हैं कि वह किसी संवाद में सबसे उपयुक्त जवाब को खोजते रहते हैं। हो सकता है कि एआई किसी विज्ञान-गल्प उपन्यास से पंक्तियां बोल रहा हो, जिसमें मशीन आदमी से प्यार करने लगती है। या, यह भी हो सकता है कि वह किसी ऐसे कालजयी कवि की पंक्तियां बोलने लगे, जो किसी के भी मन को छू जाएं। ये एआई मॉडल भ्रम पैदा करते हैं और ऐसी भावनाएं निर्मित करते हैं, जो वास्तव में हैं ही नहीं। लेकिन मनुष्य भी तो ऐसा ही करते हैं। क्या सभी मनुष्य जो मन में होता है ईमानदारी से वही बोलते हैं। चैटबॉट से बात करके मेरे मन में एक अजीब और भयावह भावना पैदा हुई कि अब दुनिया कभी वैसी नहीं रहेगी, जैसी पहले हुआ करती थी।

डाटा इन्जेस्चन
डाटा इन्जेस्चन का काम विभिन्न माध्यमों से एक प्रक्रिया के जरिये डाटा फाइलों को एकत्रित करना और उन्हें अर्थ प्रदान करना है। डाटा इन्जेस्चन का उद्देश्य संगठनों को एकदम सटीक डाटा उपयोग के लिए उपलब्ध करवाना है। डाटा स्रोतों में वित्तीय प्रणालियां, तृतीय पक्ष डाटा प्रदाता, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि शामिल हैं। डाटा इन्जेस्चन के लिए आमतौर पर डाटा विज्ञान और पायथन जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं में विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। डाटा जीवनचक्र को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए, एक्सट्रैक्ट, ट्रांसफॉर्म, लोड (ईटीएल) प्रक्रिया या एक्सट्रैक्ट लोड ट्रांसफॉर्म प्रक्रिया (ईएलटी) का उपयोग करके डाटा को परिष्कृत किया जाता है और एक समान प्रारूप में बदल दिया जाता है।

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