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यात्रा: नए अनुभवों के लिए हो जाएं तैयार, बदल रहा है देश का पर्यटन परिदृश्य

Tue, 31 Dec 2024 10:41 AM IST
शिव शुक्ला हरीश बाली
हरीश बाली Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 31 Dec 2024 10:41 AM IST
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सार
यात्रियों के मिजाज और उनकी यात्राओं के उद्देश्य बदलने की वजह से अब देश का पर्यटन परिदृश्य भी बदल रहा है। प्रामाणिक अनुभवों की खोज के उत्सुक पर्यटकों की बदलती जरूरतों को दर्शाने के साथ 2025 यात्रा के आकांक्षियों के लिए एक नई शुरुआत की तरह होगा।
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Travel: Get ready for new experiences, tourism scenario of country is changing
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : संवाद।

विस्तार

भारत का पर्यटन परिदृश्य पहले से कहीं ज्यादा तेजी से विकसित हो रहा है, और इसी वजह से, नई जगहों की खोज करने वालों के लिए 2025 एक रोमांचक वर्ष बनने जा रहा है। एक समय ऐसा भी था, जब यात्राएं कुछ साधन-संपन्न लोगों के लिए विलासिता मानी जाती थीं, लेकिन अब बढ़ती आय, बेहतर परिवहन सुविधाओं एवं इंटरनेट द्वारा दुनिया के करीब आने की वजह से यह लाखों लोगों के लिए वास्तविकता बन गई है। पिछले आठ वर्षों से पूरे भारत में यात्रा करने के दौरान मैंने पर्यटन के क्षेत्र में कुछ उभरते हुए रुझान देखे हैं, जो भारतीयों के यात्रा करने के तरीके को आकार दे रहे हैं।



एआई के दौर में यात्रा की योजना
वे दिन लद गए, जब पर्यटक दर्शनीय स्थलों की जानकारी के लिए होटलों के रिसेप्शनिष्ट पर निर्भर रहा करते थे। 2025 में यात्रा के किसी कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष योजना ही होगा। इंस्टाग्राम और पिनटेरेस्ट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों ने इसे आसान बना दिया है, जहां यात्री अपनी पसंदीदा जगहों को बुकमार्क करते हैं। चाहे वह ‘कुछ हट के’ वाली जगहों की सिफारिश करना हो या खाने के शौकीनों को, शाकाहारियों को अपने अनुकूल जगहें खोजने में मदद करना हो, एआई यात्राओं की योजना बनाने की प्रक्रिया को और भी स्मार्ट एवं तनाव-मुक्त बना रहा है। 2025 में इसी ट्रेंड के अपनी व्यापकता में दिखने की उम्मीद है।


कंफर्ट जोन से निकलने का समय
अपने देश में यात्री अब अपने कंफर्ट जोन से बाहर आने का साहस दिखा रहे हैं। अब दक्षिण के लोगों को हिमाचल में ट्रैकिंग करते हुए या देश के उत्तरी क्षेत्र के लोगों को तटीय पूर्वी या पश्चिमी भाग में यात्रा करते हुए देखना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इसी तरह, अब साझा हितों वाले समूहों में अनजान लोगों के साथ यात्रा करना वास्तविकता बन रही है, जो दूसरी संस्कृतियों के बारे में समझ बनाने में मदद करती है।

होम स्टे में बढ़ोतरी
आज यात्री विलासिता से ज्यादा प्रामाणिकता चाहते हैं। 2025 में होम स्टे में रहने, क्षेत्रीय व्यंजनों का आनंद लेने व स्थानीय किस्से सुनने का चलन बढ़ेगा। इसके लिए होटल, स्थानीय समुदायों की भागीदारी से लोक नृत्य व किस्सागोई के सत्रों जैसे मनोरंजक सांस्कृतिक अनुभव दे रहे हैं। यह चलन न केवल यात्रियों को प्रसन्न करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी ऊपर उठाएगा और भारत की विविध विरासत को भी दिखाएगा।

अनुभव ही जिंदगी है
2025 में यात्रा का मतलब होगा तल्लीनता। पर्यटन स्थलों पर जाने के बजाय लोग गांवों में गाय दूहते, पारंपरिक भोजन बनाते व खेतों में घूमते हुए पाए जाएंगे। मध्य प्रदेश में सबरवानी गांव, मेघालय में मावलिननॉन्ग, असम में माजुली, कर्नाटक में गोकर्ण जैसे गंतव्य आदर्श उदाहरण हैं, जो धीमी गति से, सार्थक संवाद की पेशकश करते हैं व यात्रा को नए सिरे से परिभाषित करते हैं। शहरों, गांवों के ऐसे कई उदाहरण हैं, जो पर्यटकों के लिए इसी थीम को बढ़ा रहे हैं।

पर्यटन और सेहत
महामारी के बाद स्वास्थ्य भारतीय पर्यटकों की प्राथमिकता बन गया है। ऋषिकेश में योग से लेकर केरल में आयुर्वेदिक उपचारों तक, तंदुरुस्ती के लिए किए जाने वाले उपायों के कारण 2025 में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। भारतीयों को ऐसे स्वास्थ्य को तरजीह देने वाले अवकाश लेते हुए देखा जाएगा, जो शरीर और मन, दोनों को पोषण देते हैं।

उम्र ज्यादा है तो क्या
यात्रा अब सिर्फ युवाओं के लिए नहीं रह गई है। 2025 में वरिष्ठ नागरिक भी नए उत्साह के साथ यात्रा करना पसंद करेंगे। हम देख सकते हैं कि बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ज्यादा समूह यात्राएं बढ़ रही हैं, जिससे वे आराम और सुरक्षा के साथ वाराणसी, हरिद्वार और शांत पहाड़ियों की यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को लद्दाख जैसी जगहों पर जाते हुए देखा जा सकता है, जहां उनकी जरूरतों के हिसाब से खास तौर पर तैयार किए गए यात्रा पैकेज उपलब्ध हैं।

विरासतों की खोज की ओर
धार्मिक और विरासत पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। मध्य भारत में किलों की यात्राएं लगातार बढ़ रही हैं। कुछ विरासत ट्रेन मार्ग पर्यटकों को आकर्षित करना जारी रखेंगे। जैसे- दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, शिमला-कालका रेलवे, नीलगिरी माउंटेन रेलवे। वर्ष 2025 में, कई लोग विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन (जिसमें सीटें 180 डिग्री तक घूम सकती हैं, ताकि आप बगैर उठे दाएं-बाएं देख सकते हैं और बातें कर सकते हैं) का पता लगाएंगे और अपनी खुशी दूसरों से साझा करेंगे।

दुर्गम स्थानों की चुनौती
कनेक्टिविटी में सुधार ने लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और जांस्कर घाटी जैसे दूर-दराज के स्थानों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। जैसे-जैसे यात्रा अधिक सुलभ होती गई है, परिवार भी अनोखे अनुभवों के लिए अधिक खर्च करने को तैयार हैं। चाहे वह रोमांच हो, संस्कृति हो या विश्राम, विशिष्ट प्राथमिकताओं को पूरा करने वाले अनुकूलित यात्रा कार्यक्रम 2025 में ज्यादा पसंद किए जाएंगे, ताकि हर यात्रा यादगार हो।

यात्राएं होंगी तेज
भारत में नए एक्सप्रेसवे के विकास के साथ, सड़क यात्रा की मांग बढ़ेगी, जिससे यात्रा सुलभ होगी। जम्मू-कश्मीर में बन रहे एक्सप्रेसवे से सड़क यात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। बहुप्रतीक्षित जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस एक तेज और अधिक आरामदायक रेल विकल्प प्रदान करेगी। यह हाई-स्पीड सेवा जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा के समय को कम करेगी, जिससे पर्यटकों और निवासियों, दोनों के लिए दोनों शहरों के बीच यात्रा करना आसान हो जाएगा।

जैसे-जैसे हम 2025 में प्रवेश कर रहे हैं, ट्रैवल एजेंटों को भी भविष्य के लिए तैयार रहते हुए ऐसे यात्रा कार्यक्रम पेश करने चाहिए, जो यात्रा के नए युग को अपनाने के लिए उत्सुक पर्यटकों की बदलती जरूरतों को दर्शाते हों। चाहे वह भारत के समृद्ध इतिहास की खोज करना हो, सदियों पुरानी परंपराओं में भाग लेना हो, या देश के कम-ज्ञात कोनों में जाना हो, 2025 हमारी यात्रा करने के तरीके को फिर से परिभाषित करेगा। तो अपना बैग पैक कीजिए और शानदार यात्राओं के साल के लिए तैयार हो जाइए।

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