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विचार: जनवरी का संकल्प, फरवरी का मंत्र और क्रम न टूटने का निश्चय

Sun, 23 Feb 2025 07:06 AM IST
शिव शुक्ला नील मैक्शाने वुफहार्ट
नील मैक्शाने वुफहार्ट Published by: शिव शुक्ला Updated Sun, 23 Feb 2025 07:06 AM IST
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सार
अगर जनवरी में लिए गए संकल्पों को पूरा करने में फरवरी आते-आते आपको उलझन होनी शुरू हो गई हो, तो ध्यान रखें कि आपने एक लय बनाई है। मुश्किलें तो आनी ही थीं, लेकिन क्रम टूटना नहीं चाहिए।
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The sequence of fulfilling resolutions should not be broken
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : adobe stock

विस्तार

बीते आठ साल से मैं रोज करीब एक मील दौड़ती हूं। मजे की बात है कि मुझे यह पसंद नहीं है। फिर मैं रोज क्यों दौड़ रही हूं? दरअसल, मैंने अपनी इस आदत की एक लय बनाई है, जिसे तोड़ना नहीं चाहती। जिन लोगों ने रोज दस हजार कदम चलने का प्रण किया है, या जो रोज जिम जाते हैं, वे इस मंत्र को समझ सकते हैं कि क्रम टूटना नहीं चाहिए। ये क्रम हमें अच्छी आदतों के विकास और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित करते हैं। अगर जनवरी में लिए गए संकल्पों को पूरा करने में फरवरी आते-आते आपको उलझन होने लगी है, तो आप इस मंत्र को अपना सकते हैं।



पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय की व्यवहार वैज्ञानिक डॉ. कैटी मिल्कमैन बताती हैं कि एक क्रम या लय बना लेना दो वजहों से काम करता है, जिन्हें व्यवहारवादी नुकसान का भय व फायदे की उम्मीद कहते हैं। उनके अनुसार, किसी काम का क्रम लोगों में यकीन पैदा करता है कि लंबे समय तक किया गया यह काम निश्चित ही फायदा पहुंचाएगा। वह यह भी कहती हैं कि कुछ खोने का भय तो इससे भी ज्यादा प्रभावी होता है। तो जब आप रोजाना एक क्रम के साथ किसी काम को कर रहे होते हैं, तो इस लय को न तोड़ने के विचार के पीछे लालच से ज्यादा भय काम कर रहा होता है। भय इसका भी होता है कि अगर एक बार यह लय टूटी, तो दोबारा से पूरी मेहनत करनी होगी। 


बेस्टसेलर किताब गुड हैबिट्स, बैड हैबिट्स की लेखिका डॉ. वेंडी वुड कहती हैं कि कोई नई आदत विकसित करने के लिए पहले आपको एक लय बनानी होती है। फिर उसे तब तक बरकरार रखना होता है, जब तक वह स्वयं आपका अंग नहीं बन जाती। वह कहती हैं, ‘कोई भी काम हो, आप बस शुरुआत कीजिए, रोज थोड़ी देर करते रहिए और एक दिन आप देखेंगे कि बगैर किसी प्रयास के वह हो रहा है।’ तकनीक इसमें आपकी मदद कर सकती है। मेरी एक मित्र ने किसी एप पर नई भाषा सीखनी शुरू की और लगातार 2000 दिनों तक वह उस पर सीखती रही। एप के लीडरबोर्ड में उसका नाम सबसे ऊपर था, जिसने उसे और अच्छा करने की प्रेरणा दी। इसके अलावा, आप जो भी क्रम बनाएं, उसमें एक दिन छूट का भी रखें, यह आपके लिए चीजों को आसान बनाएगा। जब आप किसी काम को करने की एक लय बनाने जा रहे हों, तो उन अतिरिक्त लाभों के बारे में भी सोचना चाहिए, जो इससे आपको मिल सकते हैं। इससे आपमें जो अनुशासन आएगा, वह आपकी जिंदगी के दूसरे क्षेत्रों पर भी जरूर असर डालेगा।

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