{"_id":"65a1f0ae365a1b0a610f61e8","slug":"suchana-seth-case-bengaluru-ceo-son-murder-effect-of-failed-marriage-incident-destroys-images-of-woman-2024-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाज: विफल विवाह की वेदी पर मासूम और स्त्री की स्थापित छवियों को ध्वस्त करती एक घटना","category":{"title":"Opinion","title_hn":"विचार","slug":"opinion"}}
समाज: विफल विवाह की वेदी पर मासूम और स्त्री की स्थापित छवियों को ध्वस्त करती एक घटना
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
पुलिस की हिरासत में सूचना सेठ
- फोटो :
सोशल मीडिया
विस्तार
वर्तमान में देश की सबसे बदनाम महिला और अपने चार वर्षीय बेटे की हत्या की आरोपी मां सूचना सेठ ने गिरफ्तारी से ठीक पहले बंगलूरू जाते हुए रास्ते में ढाबे पर पूड़ी और आलू की सब्जी का नाश्ता किया था। कथित रूप से अपने बच्चे के शव को सूटकेस में ले जा रही मां का रास्ते में रुककर खाना खाना असंख्य लोगों के लिए अकल्पनीय है। सूचना सेठ साधारण महिला नहीं है। 40 वर्षीय यह महिला तेजी से सफलता पाने वाले एआई स्टार्ट-अप की संस्थापक है, जिसका एआई स्टार्ट-अप की दुनिया में नाम है। प्रमुख उपलब्धि हासिल करने वाले लोगों की सूची में शामिल सूचना हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की फेलो भी थी।
सोशल मीडिया पर उसकी उपस्थिति एक कलात्मक रुझान वाले व्यक्ति की छवि पेश करती है। उसके ज्यादातर इंस्टाग्राम पोस्ट कलाकृति को प्रदर्शित करते हैं। अंतिम इंस्टाग्राम पोस्ट में उसके बेटे चिन्मय की तस्वीर है, जिसके साथ अब एक भयानक कैप्शन है-आगे क्या? दुखद है कि हम उस छोटे से बच्चे के साथ हुए हादसे के बारे में जानते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि संभवतः तकिये से दबाकर उसकी हत्या की गई और चौंकाने वाली बात है कि उसकी अपनी मां ही कथित अपराधी है।
इस हृदय विदारक घटना से पहले उसकी शादी विनाशकारी रूप से बर्बाद हो गई, जिसके विषाक्त नतीजे ने उसे एक मासूम की अकल्पनीय हत्या के लिए दुष्प्रेरित किया। सूचना और उसके पूर्व पति वेंकटरमन बंगलूरू में एक-दूसरे से मिले। दोनों की उम्र तब लगभग बीस वर्ष थी। उनकी महत्वाकांक्षा व तकनीक के प्रति उत्साह उन्हें भारत की 'सिलिकन वैली' ले आई, जिसने उनके रोमांस को भी परवान चढ़ाया। सूचना पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखती थी और वेंकट केरल से थे, पर तकनीक के प्रति जुनून ने उन्हें एक साथ ला दिया। नौ वर्षों की शादी में इस दंपति ने अगस्त, 2019 में अपने एकमात्र पुत्र चिन्मय का नन्हे मेहमान के रूप में स्वागत किया।
दंपति से परिवार बनना उनके जीवन का एक नया अध्याय था, लेकिन यह अलगाव का कारण बन गया। चिन्मय के जन्म ने उन दोनों के बीच एक गहरी खाई की शुरुआत का संकेत दिया। पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति को कोविड लॉकडाउन ने और बढ़ा दिया, जिसने उन्हें नवजात शिशु के साथ घर में ही कैद कर दिया था। अगस्त, 2022 तक रिश्ता पूरी तरह टूट चूका था, और तलाक की अर्जी दाखिल की गई थी। सूचना ने वेंकट पर घरेलू उत्पीड़न का आरोप लगाया और अदालत में अपने आरोप के समर्थन में वाट्सएप मैसेज एवं तस्वीरें पेश कीं। वेंकट ने इन आरोपों से इन्कार किया, लेकिन अदालत ने उसे सूचना के घर में प्रवेश करने से रोक दिया।
इस कड़वी कानूनी लड़ाई के बीच सूचना जीवन में आगे बढ़ती दिख रही थी। एक कामकाजी एकल मां के रूप में जीवन को संतुलित करते हुए वह अपने बेटे के साथ एक लक्जरी अपार्टमेंट में रहने लगी। उसके पड़ोसियों ने ध्यान दिया कि वह कटी-कटी स्वभाव की है और देर तक काम करती है। हालांकि तलाक की कड़वाहट बढ़ती गई। सूचना ने अधिक कमाई का हवाला देते हुए वेंकट से पर्याप्त भरण-पोषण की मांग की, जबकि वह कम भरण-पोषण दे रहा था और बेटे से मिलना चाह रहा था, जिसे सूचना मुश्किल बना रही थी।
तलाक हालांकि असामान्य बात नहीं है, लेकिन अक्सर कठिनाई से भरा होता है और कभी-कभी हिंसा का कारण बन जाता है। दिसंबर, 2023 में अदालत ने वेंकट को हर रविवार अपने बेटे से मिलने की अनुमति दी। इस फैसले से सूचना परेशान हो गई और वह नियंत्रण खो बैठी। विफल विवाह ने उसके मन में आक्रोश के बीज बो दिए थे, जिसे उसके मौन क्रोध ने लगातार पोषित किया। उसने अपने दोस्तों और परिवार वालों को बताना शुरू कर दिया कि वेंकट से उसके बेटे की समानता ने उसके गुस्से को भड़का दिया है, जो कि ऐसी पारिवारिक समानताएं पैदा करने वाले सामान्य स्नेह के बिल्कुल विपरीत है। जब सूचना छह जनवरी को अपने बेटे के साथ छुट्टियां मनाने गोवा गई थीं, तो लगता है कि उसने पहले से ही मन बना लिया था। आगे की घटनाएं उसके पूर्वचिंतन का संकेत देती हैं, जो बेहद परेशान करने वाला है।
जिस क्षण से सूचना सेठ गोवा की फ्लाइट में सवार हुई, एक विला में ठहरी, कफ के बहाने से कफ सिरफ की बोतलों के लिए अजीब तरीके से अनुरोध किया, इन घटनाओं के क्रम से लगता है कि उसने सब कुछ पहले ही तय कर लिया था। पी गई कफ सिरफ की बोतलों का इस्तेमाल संभवतः अबोध बेटे को बेहोश करने के लिए किया गया था। पुलिस को झूठी सूचना देने से लेकर सूटकेस में अपने बेटे के शव को लेकर घंटों टैक्सी में बैठे रहने तक, इस जघन्य कृत्य के दौरान सूचना का संयम एक ऐसे व्यक्ति की भयावह तस्वीर पेश करता है, जिसे एक स्त्री और एक मां, दोनों रूप में समझना मुश्किल है।
यह त्रासदी इस बात को रेखांकित करती है कि कैसे दो वयस्कों के तलाक की कड़वाहट ने एक चार वर्षीय मासूम की जान ले ली। अपने पति के प्रति सूचना की नफरत इस हद तक बढ़ गई कि वह उसकी हर संभावित खुशी को खत्म करने के लिए मजबूर हो गई, चाहे अपने बेटे को नुकसान पहुंचाने का कार्य ही क्यों न हो। उसका बच्चा, जो पूरी तरह से उसी पर निर्भर था, स्थिति की गंभीरता को समझ नहीं सका। उसके नजरिये से गोवा की यात्रा आनंददायक थी। उसने अपनी मृत्यु से पहले पिता को वीडियो कॉल करके इसका जिक्र भी किया। वह मासूम इस बात से अनजान था कि उसके सरल शब्द और पिता के साथ रिश्ते उसकी मां की पहले से ही अनिश्चित मानसिक स्थिति और भयावह योजना को भड़का रहे थे।
तलाक की दरों में वृद्धि ने भारतीय परिवारों की गतिशीलता को बदल दिया है। एकल मातृत्व अधिक प्रचलित हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि 1.3 करोड़ भारतीय परिवारों की मुखिया एकल माताएं हैं। इसके अलावा, 3.2 करोड़ एकल महिलाएं संयुक्त परिवारों में रहती हैं। भारत में संयुक्त परिवार व्यवस्था अब भी मुख्यतः पुरुष वर्चस्व वाले समाज में कुछ स्थायित्व एवं सुरक्षा प्रदान करती है, पर एकल मातृत्व की तरफ रुझान बढ़ रहा है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है, न केवल मानसिक स्वास्थ्य की दृष्टि से, बल्कि इस नए पारिवारिक ढांचे में अभिभावकीय समर्थन और बढ़ते बच्चों के भविष्य की भलाई के लिए भी।
सूचना सेठ का मामला बेहद भयावह होते हुए भी कड़वे तलाक के संभावित परिणामों, पारंपरिक पारिवारिक ढांचों के विघटन और व्यक्तिगत उपलब्धियों व आत्ममुग्धता के विनाशकारी परिणामों को सामने लाता है।
(पत्रकार और लेखिका)