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भारत के खिलाफ जंग लड़ने वाले पिता के बेटे अदनान का भारतीय हो जाना

Sat, 02 Jan 2016 03:17 PM IST
वेद विलास उनियाल/ अमर उजाला, दिल्ली
वेद विलास उनियाल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 02 Jan 2016 03:17 PM IST
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special article on pakistani singer adnan sami citizenship

आखिर पाकिस्तानी गायक अदनान सामी को भारत की नागरिकता मिल ही गई। उन्होंने टि्वटर पर लिखकर अपनी खुशी जाहिर की है और याद दिलाया है कि दोनों देशों की संस्कृति और जीवन का रंग एक ही है। सीमा रेखा के विभाजन के अलावा बहुत कुछ साझा है।

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दोनों तरफ लोग एक दूसरे के कलाकारों को इज्जत देते हैं। उनके रंग में ढल जाते हैं। अदनान सामी इसे एक नया अहसास बताते हैं। लेकिन अदनान का भारतीय हो जाने और उसके बाद के पलों में कुछ जटिलता भी है। या कहिए कि ऐसी जटिलताएं खड़ी कर दी जाती हैं।
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बेशक अदनान के लिए यह खूबसूरत तोहफा हो लेकिन कुछ लोग यह बर्दाश्त नहीं करते कि कोई पाकिस्तानी कलाकार भारतीय हो जाए। या कोई भारतीय खिलाड़ी किसी पाकिस्तानी से शादी कर ले, बेशक वे उसकी उपलब्धियों को भारत के नाम होते देख मन ही मन खुश हो जाएं। अदनान सामी के लिए भारतीय होने के लिए जिस भाजपा ने राह आसान की, वह भी कुछ समय पहले इसका विरोध कर रही थी।
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अदनान के पिता ने नष्ट किए थे भारत के एक लडा़कू विमान, 15 टैंक व 12 वाहन
पाकिस्तानी गायक अदनाम सामी के भारतीय नागरिकता लेने पर शिवसेना जैसे राजनीतिक संगठन और कुछ लोग इसलिए परेशान है कि इस मशहूर गायक के पिता जाबांज पाकिस्तानी लड़ाकू विमान के पायलेट थे, जिन्होंने भारत के एक लडा़कू विमान,,15 टैंकों, 12 वाहन को नष्ट किया था।

उस युद्ध में पश्चिमी मोर्चे की इस लड़ाई ने एक समय भारत को दिक्कत में डाल दिया था। कुछ उच्च सैन्य अधिकारियों की राय पर प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के एक सूझबूझ के फैसले की बदौलत आखिर भारत ने स्थिति को नियंत्रण में किया ।

अदनान की नागरिकता के मामले में यह सवाल उठाया गया है कि लड़ाकू विमान के उन सवारों में एक का बेटा अदनान अगर भारत की नागरिकता मांग रहा है तो क्या उन्हें नागरिकता दी जानी चाहिए थी।


लड़ाकू विमान के पायलट थे अरशद

अरशद सामी एक जाबांज लड़ाकू विमान के पायलट थे। जिस तरह हमें अब्दुल हमीद , कैप्टन सोमनाथ जसवंत सिंह की वीरता पर गर्व करने का हक है, उसी तरह युद्ध के मैदान में अरशद सामी की वीरता और साहस को उसी रूप में देखा जाना चाहिए।

लेकिन उन्होंने एक खास और मुश्किल अभियान के साथ सात विमानों के दल के मुखिया के रूप में भारत पर आक्रमण के लिए उड़ान भरी थी और अपने मकसद में सफल रहे थे। उन्हें और उनके साथियों को इसके लिए पाकिस्तान का वीरता का तीसरा खिताब सितारा ए जुरत दिया गया। जब दो देशों के बीच युद्ध घोषित हो चुका हो तो यह अरशद सामी का फर्ज था कि वो जी जान से लड़ते। क्या उन्हें युद्ध से भागना चाहिए था। अरशद सामी ने कोई छल नहीं किया, न ही भारत को किसी तरह गुमराह किया, वह तो कोई जासूस भी नहीं थे।

वह युद्ध के मैदान में एक सैनिक थे, और उन्होंने अपने एक सैनिक होने का फर्ज निभाया। हम उसकी आलोचना नहीं कर सकते। आज अगर उनका बेटा भारत की नागरिकता मांगता है तो केवल अरसद सामी के वजह से उन्हें नकारना ठीक नहीं था।


'भारत की नागरिकता को दूसरा जन्म'
अदनाम सामी एक गायक हैं, कलाकार हैं। वह काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे। दरअसल पाकिस्तान में कला के एक्सपोजर के लिए कम माहौल रह गया है। वहां के हालात ठीक नहीं। ऐसे में कलाकार भारत आना चाहते हैं। अदनान सामी का व्यक्तिगत रिकार्ड खराब नहीं। वे एक कलाकार हैं और गुलाम अली की तरह यहां लोग उन्हें पसंद करते हैं। वे किसी जासूसी के लिए नहीं आ रहे हैं। भारत में विभाजन के बाद कई साल तक पुराने कलाकारों से आग्रह किया जाता रहा कि वे यहां आएं। अदनान सामी ने भारत की नागरिकता को अपना दूसरा जन्म कहा है।भाजपा ने पहले अदनान का विरोध किया था। भाजपा को महसूस करना चाहिए कि उतावलापन हर स्तर पर ठीक नहीं।

कई बार चीजें बूमरेंग होकर उनकी ओर वापस आ जाती हैं। छोटी छोटी बातों को तूल देना ठीक नहीं होता। भाजपा महसूस करे कि वह पहले क्यों अदनान का विरोध कर रही थी और क्यों अब अदनान को भारत की नागरिकता दे दी गई। कोई जवाब तो होगा इसका।

अदनान सामी के पिता अरशद सामी केवल पायलट नहीं थे। वह अपने देश के राजनयिक नौकरशाह भी रहे 14 देशों के राजदूत रहे। कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उनके भारतीय राजनयिकों से कभी बुरे ताल्लुक नहीं रहे। उस युद्ध को उन्होंने अफसोस ही माना। आज उनका बेटा भारत आना चाहता है तो टिप्पणियों से बचना चाहिए। बल्कि सोचना यह चाहिए कि भारत आकर कुछ अच्छा संगीत दे। कला के क्षेत्र में काम करें।

सानिया एक पाकिस्तानी क्रिकेटर से शादी करने के बाद अपने खिताब भारत के नाम करती हैं तो हम खुश होते हैं। लेकिन एक पाकिस्तानी गायक भारत में आना चाहता है तो हम त्यौरियां चढ़ाएं तो ठीक नहीं। सरहदों के पार रिश्ते होने चाहिए। एक अच्छा वातावरण बनना चाहिए। बहुत खोया दोनों देशों ने लड़कर। दोनों की साझा संस्कृति है।

अदनान सामी लोकप्रिय गायक हैं। उनका लिफ्ट करा दे वाला गाना काफी पापुलर हुआ। निश्चित रूप से वह गीत संगीत पर काफी ध्यान देंगे। उनसे अपेक्षा है कि भारत के आबोहवा के बीच वह कुछ नया संगीत देंगे। भारत में संगीत के चाहने वाले हैं और संगीत का एक बड़ा बाजार है।


ऐसे में अदनान अपनी रचनात्मकता का सुंदर उपयोग कर सकते हैं। पाकिस्तान के गीत संगीत कला का अनुभव उनके पास है। वे दुनिया भर में घूमे हैं। कुछ अच्छे फ्यूजन, अच्छे संगीत के साथ वह श्रोताओं के बीच आ सकते हैं।

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