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पूर्वोत्तर में मोदी: तीन राज्यों में हुई घोषणाएं ऐतिहासिक... जमीनी स्तर पर बदलाव दिखना सबसे बड़ी कामयाबी होगी
Mon, 15 Sep 2025 06:18 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला, नई दिल्ली।
अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 15 Sep 2025 06:18 AM IST
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मणिपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल)
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री मोदी की तीन पूर्वोत्तर राज्यों- मिजोरम, मणिपुर और असम की यात्रा के दौरान जो घोषणाएं हुईं, वे महत्वपूर्ण तो हैं ही, इन्हें ऐतिहासिक भी कहा जाए, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। उल्लेखनीय है कि मई, 2023 में इंफाल घाटी में रहने वाले मैतेई समुदाय और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी-जो समुदाय के बीच शुरू हुए जातीय संघर्ष में अब तक 260 लोग मारे गए और तकरीबन 60 हजार लोग विस्थापित हुए हैं। करीब दो वर्ष पहले भड़की जातीय हिंसा के बाद राज्य के अपने पहले दौरे में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिया गया शांति का संदेश महत्वपूर्ण है।
उनका यह कहना कि मणिपुर ही वह भूमि थी, जहां पहली बार भारतीय राष्ट्रीय सेना ने राष्ट्र ध्वज फहराया था, राज्य के गौरवपूर्ण अतीत और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका को रेखांकित करता है। राज्य को भारत माता के मुकुट का रत्न बताते हुए कुकी बहुल हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित चुराचांदपुर के लिए 7,300 करोड़ रुपये से अधिक और मैतेई बहुल इंफाल के लिए करीब 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा कर प्रधानमंत्री ने पीड़ितों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार और समूचा देश उनके साथ है।
राजनीति में कई फैसले रणनीतिक आधारों पर लिए जाते हैं। पिछले दो वर्षों में मणिपुर का मुद्दा देश के भीतर और बाहर जिस तरह से उठाया गया, वह किसी से छिपा नहीं है। यह भी नहीं भूला जा सकता कि किस तरह यूरोपीय संघ की संसद में मणिपुर को लेकर प्रस्ताव पारित हुआ, जिसे सरकार ने देश का आंतरिक मामला बताते हुए उचित ही खारिज कर दिया था। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मणिपुर में शांति बनी रहे और प्रधानमंत्री मोदी के दौरे ने जो उम्मीदें जगाई हैं, वे पूरी हों।
अपनी मिजोरम यात्रा में प्रधानमंत्री ने आठ हजार करोड़ रुपये ,से भी अधिक की सैरांग-बैरवी रेल लाइन का शुभारंभ किया है, जो इस मायने में ऐतिहासिक है कि यह पहली बार मिजोरम की राजधानी को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। जाहिर है कि इससे मिजोरम के किसान और व्यवसायी देश भर के बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे; कई क्षेत्रों में रोजगार बढ़ेंगे, सो अलग।
असम यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य को करीब बारह हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी है, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को यकीनन सहारा देंगी। कुल मिलाकर देखें, तो प्रधानमंत्री का पूर्वोत्तर दौरा केवल परियोजनाओं तक सीमित नहीं, यह एक दृष्टि का प्रतिबिंब है। म्यांमार से हो रही घुसपैठ समेत विभिन्न समूहों के बीच विश्वास बहाली की चुनौतियां बेशक हैं, लेकिन पूर्वोत्तर में प्रधानमंत्री ने शांति के साथ विकास का जो पैगाम दिया है, वह जमीनी स्तर पर दिखे भी, तो यह सबसे बड़ी कामयाबी होगी।