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Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   Moral How can one who cannot trust love others Trust is the basis of life

नैतिकता: जो भरोसा नहीं कर सकता वह प्रेम कैसे करेगा, विश्वास जीवन का आधार है

Wed, 22 Jan 2025 06:13 AM IST
दीपक कुमार शर्मा लैंग्स्टन ह्यूज
लैंग्स्टन ह्यूज Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 22 Jan 2025 06:13 AM IST
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सार
जिस लड़के ने महिला का पर्स छीनने की कोशिश की, उसको भोजन कराकर और फिर पैसे देते हुए महिला ने समझाया, ‘छीने हुए पैसों से जूते खरीदोगे, तो वे तुम्हें सुख नहीं देंगे’।
 
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Moral How can one who cannot trust love others Trust is the basis of life
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला/एजेंसी

विस्तार

वह मजबूत कद-काठी की महिला और उसके हाथ में एक बड़ा-सा पर्स था, जिसमें दुनिया भर का सामान भरा पड़ा था। रात के करीब ग्यारह बज रहे थे, सुनसान सड़क पर वह अकेली जा रही थी कि पीछे से दौड़ता हुआ एक लड़का पास आया और उसका पर्स झपटकर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन लड़का पर्स का भार संभाल नहीं पाया और लड़खड़ाकर गिर पड़ा। महिला ने लड़के का कॉलर पकड़ा और ऐसे दनादन झापड़ रसीद करने लगी कि उसके दांत किटकिटा गए-अब लड़का पूरी तरह उसकी गिरफ्त में था। बच्चे, क्या तुम्हें यह सब करते हुए शर्म नहीं आती?, उसने लड़के की आंखों में आंखें डाल कर पूछा। ‘आती है, मैम’, लड़के ने मुंह झुकाकर जवाब दिया। ‘फिर ऐसा क्यों किया?’ लड़का बोला कि ऐसा करने का कोई इरादा नहीं था। ‘झूठे, तुम सरासर झूठ बोल रहे हो।’ ‘सॉरी मैम, मुझसे गलती हो गई’, लड़का गिड़गिड़ाया। महिला ने देखा कि उसका चेहरा काफी गंदा था और वह कपड़े भी फटे हुए पहने था। देखने से वह चौदह-पंद्रह साल का लड़का लगता था।



महिला ने पूछा, भूख लगी है? ‘नहीं मैम, मैं बस इतनी गुजारिश करूंगा कि आप मेरी कॉलर छोड़ दें’। महिला ने कॉलर छोड़ दिया, लेकिन एक बांह पकड़े हुए बोली, ‘तुम्हें अपने घर ले जाकर सबक सिखाती हूं।’ घर पहुंचकर महिला ने उससे पूछा, तुम्हारा नाम क्या है? ‘रोजर’ लड़के ने जवाब दिया। ‘हां, तो रोजर यह बताओ, तुमने दिन भर में कुछ खाया है?’ महिला ने स्नेह से पूछा। लड़के ने बताया कि वह अनाथ है। महिला ने कहा, ‘तब चलो हम दोनों मिलकर कुछ खाते हैं।’ महिला ने कहा, ‘मेरा पर्स झपटने में तुमने जितनी मेहनत की, वह तो तुम बाहर भी कर सकते हो और कमाई भी कर सकते हो।’ लड़के ने कहा कि उसे जूते खरीदने के लिए पैसे चाहिए थे। महिला रसोई में कुछ पकाते हुए बोली, ‘कभी मेरे पास भी पैसा नहीं होता था, लेकिन मैंने तुम्हारी तरह चोरी करने के बजाय मेहनत करके पैसे कमाए।’ घर का दरवाजा खुला था। सामने पर्स रखा था। महिला भी बेफिक्र होकर रसोई में भोजन की तैयारी कर रही थी। लड़के के दिमाग में भागने का ख्याल आया, लेकिन उसे लगा कि यह तो भरोसा तोड़ने वाली बात होगी, वह भी उस महिला के साथ, जिसने उस पर इतना भरोसा किया है, जितना अब तक किसी ने नहीं किया। उसने निश्चय किया कि वह इस भरोसे को टूटने नहीं देगा। थोड़ी देर बाद महिला ने उसे केक दिया और स्नेहपूर्वक कहा, ‘इसे अच्छी तरह से खा लो, शर्माना नहीं और भूखे तो बिल्कुल नहीं रहना।’ थोड़ी देर बाद उसने लड़के को दस डॉलर का नोट थमाया और कहा, ‘स्टोर में जाकर अपनी पसंद के जूते खरीद लेना। छीने हुए पैसों से जूते खरीदोगे, तो वे तुम्हें सुख नहीं, बल्कि पैर जलाकर छलनी कर देंगे। आज के बाद तुम अच्छे बनकर रहोगे, मुझे तुम पर भरोसा है।’ महिला ने कमरे से निकलते वक्त उसे हिदायत दी।


सूत्र: भरोसा करें
भरोसा करना जीवन का आधार है। जीवन में खुद पर भरोसा करना जरूरी है। लेकिन नैतिकता का तकाजा कहता है कि दूसरों पर भी भरोसा किया जाए। अगर भरोसा टूटेगा, तो भी जिंदगी में सीख तो मिलेगी। जो भरोसा नहीं कर सकता, वह प्रेम भी नहीं कर सकता।

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