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डॉलर की पाती रुपये के नाम

Sun, 08 Sep 2013 08:00 PM IST
मनु पंवार
मनु पंवार Updated Sun, 08 Sep 2013 08:00 PM IST
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Letter from doller to rupee

मेरे प्यारे रुपये, मुझे तुमसे बेहद हमदर्दी है। लेकिन तुम्हें तो गिरना ही था। तुम्हारे यहां राजनीति से लेकर समाज तक हर फील्ड में इतनी गिरावट आ गई है कि तुम्हारा गिरना अब मुझे जरा भी नहीं चौंकाता। गिरना तुम्हारी नियति है दोस्त। जब तुम्हारे राजनेता और धर्मगुरु अपना ऊंचा स्तर बनाए नहीं रख पाए, तो सिर्फ तुम्हीं से ऊपर उठने की उम्मीद क्यों है, यह मैं समझ नहीं पाता।

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मेरे प्यारे रुपये, मुझे तो मजबूत होना ही है। यह मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और यही कुदरत का नियम भी है, क्योंकि मैं अमेरिका में पैदा हुआ हूं। और आप जानते हो कि कुदरत अमेरिका की मुट्ठी में है। अमेरिका में पैदा होने की अहमियत और रुतबा भला आप क्या जानो? जरा अपने पीएम इन वेटिंग से ही पूछ लो, जिन्हें वीजा पाने तक के लिए आजकल कितनी जुगत भिड़ानी पड़ रही है।
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मेरे प्यारे रुपये, मुझसे ईर्ष्या मत करना और न अपनी बिगड़ती सेहत के लिए मुझे दोष देना। मुझे तो मजबूत होना है, क्योंकि मुझे अपने राष्ट्रपति बराक ओबामा की लाज रखनी है। वैसे भी मैं दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क की मुद्रा हूं। गिरना मेरी शान के खिलाफ है। शान के लिए अमेरिका ने दो मुल्कों इराक और अफगानिस्तान को तबाह करने से भी गुरेज नहीं किया। और यह शान ही है, जो उसे सीरिया जाने को उकसा रही है। वैसे भी मैं भला कैसे गिर सकता हूं? मुझे तो दूसरों की मुद्रा गिराने में मजा आता है। यूरोप ने मुझे गिराने के लिए यूरो की साजिश रची थी। वह यूरो आज किस हाल में है, यह सबको पता है। आखिर तभी तो दुनिया पर मेरा सिक्का चल रहा है।
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मेरे प्यारे रुपये, तुम मुझसे ज्यादा उम्मीद मत रखो। तुम्हारे यहां वैसे भी मेरी कद्र नहीं। तुमने मुझसे ज्यादा प्याज को सिर चढ़ा रखा है। लोग जहां-तहां मजाक उड़ा रहे हैं कि प्याज अस्सी का और डॉलर अड़सठ का। इसलिए मैं भी तुम्हारी कद्र भला क्यों करूं? मेरी सलाह है कि किसी अच्छे वैद्य से अपना इलाज करवाओ। ‘यस वी कैन’ कह देने भर से तुम्हारा मर्ज दूर नहीं होने वाला।


मेरे प्यारे रुपये, मैंने सुना है कि गिरे हुए को उठाना तुम्हारे यहां बड़े पुण्य काम माना जाता है। लेकिन यार तुम तो इतना नीचे गिर चुके हो कि तुम्हें उठाने के बारे में पुण्य भी लाख बार सोचे। अब मैं और क्या कहूं? कम लिखा है ज्यादा समझना। इसी में तुम्हारी भलाई है। तुम्हारा शुभचिंतक- डॉलर।

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