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क्या पुतिन सीआईए एजेंट हैं?
थॉमस एल फ्रीडमैन
Updated Wed, 04 Apr 2018 07:21 PM IST
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पुतिन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूस के बारे में कुछ भी नकारात्मक कहने से दृढ़ अनिच्छा जताना इतना विचित्र है कि राष्ट्रीय खुफिया विभाग के पूर्व निदेशक जेम्स क्लैपर ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन ने ट्रंप को इस तरह साध रखा है, मानो वह रूसी खुफिया विभाग के लिए कोई कीमती चीज हों। वह हो सकते हैं। पर अगर मैं रूसी नागरिक होता, तो पूछता कि क्या पुतिन अमेरिकी एजेंट हैं?
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क्यों? क्योंकि पुतिन ने हाल के वर्षों में इतनी सारी कार्रवाइयों को अंजाम दिया है, जिसने रूस की अर्थव्यवस्था और मानव पूंजीगत आधार को इस तरह कमजोर किया है कि आपको आश्चर्य होगा कि क्या वह गुप्त रूप से सीआईए के लिए काम करते हैं। ऐसा लगता है कि वर्ष 2007-08 के आसपास पुतिन ने मानव प्रतिभा को बढ़ावा देकर और कानून का राज स्थापित करके रूस के पुनर्निर्माण का फैसला किया, लेकिन यह काफी मुश्किल था—इसके लिए सत्ता की साझेदारी, वास्तविक व प्रतिस्पर्धी चुनाव कराने और एक वास्तव में सच्ची, नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था बनाने की जरूरत थी। इसके बजाय पुतिन ने गलत जगहों पर रूस की गरिमा स्थापित करने की कोशिश की। मसलन, उन्होंने अपने लोगों पर भरोसा करने के बजाय अपने तेल एवं गैस भंडार का दोहन किया; कानून का राज स्थापित करने के बजाय रूसी सेना को मजबूत किया; और खुद को तथा अपने आसपास के कुलीन वर्गों को समृद्ध किया। हालांकि उन्होंने रूसी कट्टरता और रूसी राष्ट्रवाद का चोला पहन लिया था, जिसने उनके जनाधार को आकर्षित किया।
फ्रांस के एक शीर्ष कारोबारी दैनिक पत्र ने एक रूसी तकनीकी विशेषज्ञ का हवाला देते हुए कहा है कि 'अकेले माइक्रोसॉफ्ट पूरे रूस से ज्यादा पेटेंट पंजीकृत करता है!' उस कहानी में बताया गया है कि न केवल रूसी तकनीकी बाजार कमजोर हुआ है, बल्कि वहां की 'न्यायिक व्यवस्था में भी भ्रष्टाचार है।'
बिना कमीज के अपना गठीला बदन दिखाने के उनके दुस्साहस और सफल सत्तावादी होने से संबंधित हालिया चर्चा के बावजूद मेरे पास एक सवाल है कि करीब बीस वर्षों तक सत्ता के शीर्ष पर रहने के बावजूद पुतिन रूस में अपनी वास्तविक लोकप्रियता को लेकर इतने असुरक्षित क्यों हैं कि वह हालिया राष्ट्रपति चुनाव में अपने खिलाफ एक भी विश्वसनीय स्वतंत्र उम्मीदवार को चुनाव लड़ने की अनुमति देने से डर गए?
सच्चाई यह है कि पुतिन लगातार वैसे किसान की तरह काम कर रहे हैं, जो थोड़ी-सी चीनी के बदले अपना सबसे मूल्यवान पशु बेच देता है। वह अपने रूसी राष्ट्रवाद के आधार पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए कमतर चीजों को महत्व दे रहे हैं, क्योंकि वह असुरक्षित हैं, और कीमती चीजें गंवा दे रहे हैं, जो लंबे समय तक के लिए रूस को कमजोर बना रहा है। यह कोई अच्छा सौदा नहीं है।
उदाहरण के लिए, वर्ष 2014 में पुतिन ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया और छद्म रूसी सैनिकों के साथ यूक्रेन पर हमला कर दिया—ताकि अल्पकालीन लाभ के रूप में रूसी मतदाताओं का समर्थन पा सकें, लेकिन बदले में उन्हें पश्चिम द्वारा लगाए गए आर्थिक बैंकिंग प्रतिबंध का सामना करना पड़ा, जिसने रूस के विकास की गति धीमी कर दी।
वर्ष 2015 में यह साबित करने के लिए, कि रूस अब भी महाशक्ति के रूप में प्रासंगिक है, पुतिन ने सलाहकार, रूसी वायुसेना के जेट विमान, विशेष अभियान दल और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को सीरिया भेजा, ताकि शीतयुद्ध के सहयोगी सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सत्ता से बेदखली को रोका जा सके। ईरान की मदद और पुतिन के समर्थन से असद मुश्किल से बच पाए हैं, लेकिन अब व्लादिमीर पुतिन सीरिया में फंस गए हैं और बाहर नहीं निकल सकते। ऐसा न हो कि असद की सरकार गिर जाए और पुतिन मूर्ख बन जाएं।
पशुधन बेचकर चीनी खरीदने की पुतिन की नीति का ताजा उदाहरण तब दिखा, जब उन्होंने सैन्य स्तर के नर्व एजेंट के उपयोग का आदेश दिया, जिससे पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रीपल और उनकी बेटी यूलिया पर ब्रिटिश शहर में हमला किया गया। इस पर पश्चिमी देश की प्रतिक्रिया को ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कथित रूसी खुफिया अधिकारियों के सबसे बड़े निष्कासन के तौर पर रेखांकित किया— बीस से ज्यादा देशों से सौ से ज्यादा रूसी राजनयिकों का निष्कासन। इसे संयोग कहें कि पूर्व रूसी जासूस पर हमला और पश्चिम की प्रतिक्रिया को उन्होंने नवीनतम नकली राष्ट्रपति चुनाव में भुनाया। लेकिन अगले ही दिन पुतिन का रूस अंतरराष्ट्रीय समुदाय में और अलग-थलग पड़ गया।
इसके अलावा पुतिन और उनके कुलीन दोस्तों ने रूस में काला धन बनाने और उसे लंदन लाने के बारे में जो खेल रचा था, जहां उसे सुरक्षित रखा जा सकता था—उसे अब ब्रिटिश प्रशासन द्वारा सख्ती से जांचा जा रहा है। पुतिन की समस्या से मेरा कोई लेना-देना नहीं। मैं नाटों के विस्तार के खिलाफ था। मैं चाहता था कि रूस यूरोपीय लोकतंत्र के परिवार में शामिल हो। एक कमजोर, पृथक और अपमानित रूस खतरनाक है। लेकिन लंबे समय तक कामयाब होने के लिए रूस के पुनर्निर्माण की जरूरत है, जो उसके भीतर से ही होगा, लेकिन पुतिन ऐसा करना नहीं चाहते।
यह देखना दुखद है कि जिस देश ने हमें चेकोवस्की, टॉल्स्टॉय, स्पास्की, सखारोव, स्ट्रैविन्सकी, शिश्किन, दोस्तोयेवस्की, सोल्शेनीत्सिन, पुश्किन, न्यूरेयेव, और गूगल के सह संस्थापक सर्गेई ब्रिन दिया, वह दुनिया को नोविचोक देने के लिए जाना जाने लगा है, उन छद्म रूसी सैनिकों के लिए जाना जाता है, जिसने पूर्वी यूक्रेन पर कब्जा किया और रूसी साइबर एजेंट गुसिफर 2.0 के लिए जाना जाता है, जिसने डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी की वेबसाइट को हैक किया था। यह सब कुछ पुतिन की पशुधन बेचकर चीनी खरीदने की विरासत का नतीजा है।