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अपने ही लोगों से शर्मिंदा इमरान

Thu, 30 Aug 2018 06:16 PM IST
मरिआना बाबर
मरिआना बाबर Updated Thu, 30 Aug 2018 06:16 PM IST
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Imraan embarrassed with his own people
इमरान खान

अभी कुछ ही दिन पहले इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ पार्टी की सरकार ने कार्यभार संभाला है, पर वैसे लोग पहले से ही परेशान हैं, जिन्हें उनसे बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं। आम तौर पर आंतरिक और बाह्य कारण ही सरकारों को हिलाते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों में इमरान खान की अपनी पार्टी के सदस्य और कैबिनेट सदस्य इस्लामाबाद, पख्तूनख्वा तथा पंजाब में सरकार के लिए परेशानी का सबब बने हैं। इमरान खान मितव्ययिता के वायदे के साथ सत्ता में आए, जिसका लोगों ने स्वागत किया, क्योंकि पिछली कुछ सरकारों के दौरान करदाताओं के पैसे पर सरकारी खर्च ने नई ऊंचाई छू ली थी। इसलिए जब प्रधानमंत्री ने टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री आवास में रहने के बजाय, जो एक विशाल फैली हुई हवेली है, एक छोटे-से घर में रहेंगे, जहां सैन्य सचिव रहते थे, तो लोगों ने इसका स्वागत किया।


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इमरान खान ने एक समिति गठित की है, जो प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रपति भवन और चारों गवर्नर हाउस खाली कराएगी तथा उन्हें शैक्षणिक संस्थान या शोध केंद्र के रूप में विकसित करेगी। लेकिन इस हफ्ते एक नाटकीय बदलाव देखा गया, जब प्रधानमंत्री ने इस्लामाबाद के बानीगला स्थित अपने घर में रात बिताने के लिए एक दिन में दो बार हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया। हालांकि दूरी ज्यादा नहीं है, लेकिन एक दिन में दो बार हेलिकॉप्टर से उड़ान भरने की लागत करदाताओं पर बोझ डालती है।

इस पर सरकार की प्रतिक्रिया यह थी कि इस प्रकार अतिरिक्त प्रोटोकॉल कारों और ट्रैफिक रोकने की कवायद से बचा जा सकता है। लेकिन प्रधानमंत्री के इस अतिरिक्त खर्च को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचनाएं हुईं। इमरान खान की तीसरी बीवी बुशरा बेगम के अब भी अपने पहले शौहर खावर मनेका और उनके पांच बच्चों से बेहद मजबूत रिश्ते हैं। असल में इमरान खान से बुशरा बेगम की शादी से पहले मनेका ने टीवी पर बताया था कि उसे इस शादी से कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि उनकी बीवी को एक सपने में बताया गया कि उसे इमरान से शादी करनी चाहिए। हालांकि कोई भी इस पर यकीन नहीं करता। इस हफ्ते खावर मनेका को सुरक्षा जांच के लिए स्थापित एक पुलिस बैरियर पर रोका गया था, लेकिन उन्होंने रुकने से इन्कार कर दिया और पुलिस ने उनकी कार का पीछा किया। इस पर खावर मनेका ने, जिसने स्वयं भी फिर से शादी कर ली है, अपनी पहली बीवी बुशरा बेगम को फोन कर पुलिस के रवैये की शिकायत की। तुरंत ही मनेका को रोकने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया, जो अपने कर्तव्य का पालन कर रहा था। इस घटना ने इमरान खान को बहुत शर्मिंदा किया, जो अब पूरी तरह से अपनी तीसरी बीवी के नियंत्रण में हैं।
 
आर्थिक मोर्चे पर भी उनसे गंभीर सवाल पूछे जा रहे हैं कि वह कैसे आगे बढ़ेंगे, जबकि अर्थव्यवस्था भयंकर संकट में है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शरण में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, लेकिन इमरान खान फैसला लेने में विलंब कर रहे हैं, क्योंकि लोग तब पूछेंगे कि फिर पुरानी और नई सरकार में अंतर क्या रहा? अमेरिका ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान को कह दिया है कि वह आईएमएफ को इसकी इजाजत नहीं देगा कि वह पाकिस्तान को कर्ज दे, क्योंकि उसका इस्तेमाल इस्लामाबाद चीन के सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) का कर्ज चुकाने के लिए करेगा।

कर्ज समेत बिलों का ढेर बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान को चीन का कर्ज भी चुकाना होगा, लेकिन उसके लिए पैसे नहीं हैं। एक बार फिर सरकार को अपने सभी पत्ते सामने रखने होंगे, लोगों को चीनी कंपनियों के साथ हुए समझौते के नियम और शर्तों के बारे में बताना होगा तथा उन शर्तों की जांच करनी होगी, जिन पर समझौता हुआ है। अगर पाकिस्तान को सीपीईसी से वित्तीय लाभ नहीं होता और सारा लाभ चीन का कर्ज चुकाने में चला जाता है, तो सरकार निश्चित रूप से विफल होगी।

इसके अलावा खासकर अफगानिस्तान, भारत और अमेरिका के साथ विदेशी रिश्तों को आगे बढ़ाने का रास्ता तय करना भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण है। इन तीनों मुल्कों के साथ द्विपक्षीय रिश्ते तनावपूर्ण हैं और अमेरिकी विदेश विभाग के साथ ताजा विवाद पीटीआई सरकार के लिए बड़ी शर्मिंदगी का विषय रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने पाक विदेश मंत्री महमूद शाह कुरैशी के बजाय प्रधानमंत्री इमरान खान से टेलीफोन पर बात की। पाकिस्तान के पास उस बातचीत की रिकॉर्डिंग नहीं है, लेकिन अमेरिका का कहना है कि उसने आतंकवाद पर इमरान खान से चर्चा की है, जबकि विदेश मंत्रालय ने इससे इन्कार किया है। अब सबकी नजरें अगले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री के दौरे पर लगी हैं, जब यह देखा जाएगा कि पीटीआई किस तरह से इस द्विपक्षीय रिश्ते को बचाती है।
 
भारत और अफगानिस्तान के साथ रिश्ते में दोनों तरफ से सकारात्मक संदेश भेजे जा रहे हैं, क्योंकि एक नई शुरुआत करनी है। दोनों देशों के साथ सामान्य रिश्तों में सुरक्षा प्रतिष्ठान का दखल होगा। सेना प्रमुख बाजवा ने भी दोनों मुल्कों को संदेश दिए हैं कि पाकिस्तान रिश्तों को सुधारना चाहेगा। पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इमरान खान और उनकी टीम विदेशी रिश्तों पर सेना के साथ किस तरह काम करती है और आगे बढ़ने के लिए सेना का भरोसा कैसे हासिल करती है।

इमरान खान की पीटीआई सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम यह उठाया है कि उसने पाकिस्तान टीवी और पाकिस्तान रेडियो को पूरी आजादी दी है, जिनमें अब सरकार की आलोचना से संबंधित रिपोर्टें आती हैं और वहां विपक्षी पार्टियों को भी जगह मिलती है। अगर पीटीआई सरकार ने निजी मीडिया कंपनियों को भी अभिव्यक्ति की आजादी दी, तो यह एक बेहद लोकप्रिय कदम होगा, क्योंकि पिछले कुछ साल में यहां स्वतंत्र मीडिया को दबाया गया है, अखबारों के विज्ञापन और प्रसार रोके गए हैं तथा टेलीविजन चैनलों का प्रसारण अचानक ही बंद कर दिया जाता रहा है।  

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