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Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   hat trick and century in one match

हैट्रिक और शतक साथ-साथ

Fri, 25 Oct 2013 07:23 PM IST
हेमेन्द्र मिश्र
हेमेन्द्र मिश्र Updated Fri, 25 Oct 2013 07:23 PM IST
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hat trick and century in one match

वर्ष 1994 के दिसंबर में मेलबॉर्न टेस्ट में अगर डेविड बून दाहिने तरफ करीब दो फीट लंबी डाइव नहीं लगाते, तो शेन वार्न के लिए जादुई हैट्रिक पाना असंभव था। इसी तरह, 2001 में ईडन गार्डन में एस रमेश की चपलता ने हरभजन सिंह को ऐसी तिकड़ी दिलाई थी, जिसने इस ऑफ ब्रेक बॉलर को प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचा दिया था।

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अब इन यादगार तिकड़ियों की कड़ी में बांग्लादेशी क्रिकेटर सोहाग गाजी का नाम भी जुड़ गया है। गाजी ने ऐसा दुर्लभ रिकॉर्ड बनाया है, जो डेढ़ सौ साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पहली बार हुआ है। उन्होंने एक ही मैच में शतक और हैट्रिक जमाने का 'अनूठा' कारनामा किया है।
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लेकिन गाजी सिर्फ इसी उपलब्धि के स्वामी नहीं हैं। उन्हें अपने पहले ही टेस्ट में मैच की पहली गेंद डालने का मौका मिला था; वह भी वेस्ट इंडीज के खिलाफ, जहां सामने थे, विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार हुआ था कि अपने पहले ही मैच में किसी ऑफ स्पिनर ने बॉलिंग आक्रमण की शुरुआत की हो।
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आखिर तत्कालीन कप्तान मुशफिकुर रहीम ने उन पर इतना भरोसा क्यों किया? इसका जवाब खुद गाजी ने एक इंटरव्यू में दिया है। वह कहते हैं, नेशनल क्रिकेट लीग के लगातार दो सत्रों में अच्छी बॉलिंग का फायदा उन्हें मिला। हालांकि उनके लिए यह शुरुआत तनाव लेकर आई, क्योंकि गेल ने उनकी पहली ही गेंद को स्टेडियम से बाहर पहुंचा दिया था। लेकिन तीसरे ही ओवर में गाजी ने न सिर्फ गेल को चलता किया, बल्कि मैच में ग्यारह विकेट भी झटके।

ऐसा नहीं है कि गाजी के लिए 'रेड कार्पेट' हमेशा बिछी रही है। आयु वर्ग की किसी प्रतियोगिता में उनका चयन नहीं हुआ था। तेज गेंद फेंकने के दौरान कोहनी पर विशेष झटका देने का आरोप भी उन पर लगा। लेकिन उन्होंने अपने तमाम आलोचकों को 'दूसरा' और ऑफ स्पिन से बोल्ड कर दिया।


इसे कुछ कर गुजरने का जज्बा ही कहेंगे कि गाजी ने ऑफ स्पिन को साधा है, जबकि बांग्लादेश में ऑफ स्पिनर विरले ही हुए हैं। इसलिए ऑलराउंडर होने के बावजूद वह बॉलर कहलाना ही पसंद करते हैं। दिलचस्प है कि पिछले तीन वर्षों में गाजी ने अक्तूबर में ही उपलब्धियां हासिल की है। ऐसे में, क्या अक्तूबर, 2014 भी इतिहास में दर्ज होगा, क्योंकि जिंबाब्वे की टीम बांग्लादेश के दौरे पर आने वाली है। गाजी कहते हैं, फिलहाल अभी की खुशी का मजा लेने दीजिए।

hemendra mishra- हेमेन्द्र मिश्र

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