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क्षमा: माफी नहीं मिलती, अर्जित करनी पड़ती है; अंतिम लक्ष्य 'अपने जीवन में शांति से रहना' है
Sun, 07 Jul 2024 04:59 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
क्रिस्टीना कैरॉन
क्रिस्टीना कैरॉन
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Sun, 07 Jul 2024 04:59 AM IST
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सार
माफी नहीं मिलती, अर्जित करनी पड़ती है। किसी ने आपको आहत किया, तो उसे माफ करने का कोई आधार भी 'तो होना चाहिए। माफ करना एक प्रक्रिया है, न कि लक्ष्य।
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प्रतीकात्मक
- फोटो :
ani
विस्तार
एक रोज ग्रेगरी खेल रही थी कि उसके घुटने में तेज दर्द हुआ। जब उसने अपने माता-पिता को बताया, तो वे चिंतित होने के बजाय उसे डांटने लगे। दरअसल उसके माता-पिता दोनों नौकरी करते थे और दोनों ही बेहद महत्वाकांक्षी थे। ग्रेगरी को इसकी आदत थी। लेकिन घुटने का उसका दर्द बना रहा। उसने दर्द के साथ जीना सीख लिया। दशकों बाद ग्रेगरी को पता चला कि उसके घुटने के जोड़ में हड्डी का एक टुकड़ा फंसा है, जिसके लिए सर्जरी कराने की जरूरत थी। उसने सर्जरी कराई और अब वह स्वस्थ है। लेकिन वह सोचती है कि माता-पिता की उपेक्षा ने उसे किस हद तक प्रभावित किया। अब ग्रेगरी खुद डॉक्टर है, समझदार है। उसने सोचना शुरू किया कि क्या उसे अपने माता-पिता को माफ कर देना चाहिए। नैतिक मूल्य तो यही कहते हैं कि माफ कर देना ही बेहतर होता है। उसने सोचा कि दरअसल, माफ करना होता क्या है। रॉबर्ट एनराइट जैसे विद्वानों का कहना है कि माफ करना उन लोगों के प्रति अच्छाई दिखाना है, जिन्होंने आपके साथ अच्छा नहीं किया है। लेकिन ग्रेगरी सवाल उठाती हैं कि क्या यह नैतिक धारणा हर स्थिति के लिए सही होती है।गलती, करने वाले को माफ करने से करुणा, उदारता और प्रेम जैसे गुण मजबूत होते हैं। लेकिन जिसने आघात सहा है, उसका क्या? स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी फॉरगिवनेस प्रोजेक्ट के निदेशक और शोधकर्ता फ्रेडरिक लुस्किन का मानना है कि अंतिम लक्ष्य 'अपने जीवन में शांति से रहना' है। शांति के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता डेसमंड टूटू ने एक बार कहा था, माफी के बिना, सद्भाव के बिना हमारा कोई भविष्य नहीं है? तो क्या माफ करने का एक मात्र उद्देश्य यही है कि कड़वाहट से बचा जा सके? अपनी पुस्तक यू डॉन्ट नीड टू फॉरगिवः ट्रॉमा रिकवरी ओन योर ऑन टर्म्स में ग्रेगरी इसी विषय पर चर्चा करेंगी, जो अगले वर्ष प्रकाशित होगी। उनके अनुसार, क्षमा करना एक भावनात्मक प्रक्रिया है, न कि अंतिम लक्ष्य। ग्रेगरी कहती हैं कि यदि आप बेहतर महसूस करें, तो दिल दुखाने वाले को माफ कर दें या अच्छा नहीं लगे, तो माफ नहीं करें। डॉ. लस्किन कहते हैं कि माफी हासिल करनी पड़ती है, यह तत्काल नहीं मिलती। लोगों को शोक से उबरने में समय लगता है। ग्रेगरी ने अपने पिता को माफ नहीं किया है। हालांकि मां के बारे में उनका मानना है कि उनकी परवरिश ठीक से नहीं हुई। वह कहती हैं, कभी-कभी माफ करने से पहले भावनाओं की कई तरह से मरम्मत करनी पड़ती है।