बाजारवाद: जीवन का उद्देश्य ढूंढें, नहीं तो बिल चुकाते रहेंगे; बाजार की लालची संस्कृति सहजता पर हावी है
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विस्तार
एक दशक पहले दुनिया जोस मुजिका की दीवानी थी। वह उरुग्वे के मिलनसार राष्ट्रपति थे, जिन्होंने राष्ट्रपति भवन को त्यागकर अपनी पत्नी और तीन पैरों वाले कुत्ते के साथ टीन की छत वाले एक छोटे से घर में रहना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने जीवन की ऐसी अनगिनत कहानियां साझा कीं, जिस पर फिल्म बन सकती है। वामपंथी शहरी गुरिल्ला के रूप में उन्होंने बैंक लूटा था और 15 साल तक जेल में रहे और जमीन के एक छोटे से छेद में रहने वाले मेंढक से दोस्ती की।
इन कहानियों से परे उन्होंने अपने छोटे से दक्षिण अमेरिकी देश को दुनिया के सबसे स्वस्थ और सामाजिक रूप से सबसे उदार लोकतंत्रों में से एक बनाया। लेकिन उनकी विरासत उनके जीवन के रंगीन इतिहास और मितव्ययिता के प्रति प्रतिबद्धता से ज्यादा है। बेहतर समाज और खुशहाल जीवन को लेकर उनके विचार ने उन्हें लैटिन अमेरिका के सबसे प्रभावशाली और महत्वपूर्ण व्यक्तियों में से एक बना दिया।
अब वह मौत से लड़ रहे हैं। अप्रैल में उन्होंने घोषणा की कि वह ग्रासनली में हुए ट्यूमर की विकिरण चिकित्सा करवाएंगे। पिछले हफ्ते जब मैं उरुग्वे की राजधानी मोंटेवीडियो के बाहरी इलाके में उनसे मिलने गया, तो देखा कि बीमारी ने उन्हें बहुत कमजोर बना दिया है और वह मुश्किल से खा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तुम एक विचित्र बूढ़े से बात करने आए हो, आज की दुनिया के लिए मैं बिल्कुल फिट नहीं हूं। मानवता जिस तरह चल रही है, उससे लगता है कि सब नष्ट हो चुका है।
उरुग्वे में 35 लाख लोग रहते हैं, जबकि देश 27 लाख जोड़ी जूते का आयात करता है। हम कचरा पैदा करते हैं और जीवन का कीमती समय इच्छाओं की पूर्ति में बिताते हैं। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य की इच्छाएं अनंत हैं और बाजार हम पर हावी हो गया है। इसने एक अचेतन संस्कृति पैदा की है, जो हमारी सहज प्रवृत्ति पर हावी है। हम खरीदारी करने और उसका भुगतान करने के लिए जीते और काम करते हैं। फिर भी वह कहते हैं कि इसके बावजूद जीवन सुंदर है। लेकिन हम इसे खो रहे हैं। मनुष्य अपने जीवन का उद्देश्य तलाश सकता है। लेकिन अगर आप जीवन का उद्देश्य नहीं तलाश पाते हैं, तो बाजार आपको जीवन भर बिलों का भुगतान करने के लिए मजबूर करेगा। अगर जीवन के उद्देश्य को पा लेते हैं, तो आपके पास जीने के लिए कुछ होगा। कुछ ऐसा, जो जीवन को खुशियों से भर दे।