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फूलों की सुंदरता में छुपे राज को जानकर दिल भर आएगा

Tue, 10 Mar 2015 09:36 AM IST
अनाम स्वामी
अनाम स्वामी Updated Tue, 10 Mar 2015 09:36 AM IST
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cause of growing beautiful flowers

किसान रतिराम रोज सुबह उठकर दूर झरने से स्वच्छ पानी लाया करता था। वह अपने साथ दो बड़े घड़े ले जाता था, जिन्हें एक लाठी से कांवड़ की तरह कंधे पर लटका लेता था। एक घड़ा तो सही था, मगर दूसरा कहीं से फूटा हुआ था। घर पहुंचते-पहुंचते वह आधा खाली हो जाता।

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करीब दो वर्षों तक यह चलता रहा। साबूत घड़े को बड़ा घमंड था कि वह पूरा पानी घर पहुंचाता है, उसमें कोई कमी नहीं है। जबकि फूटा घड़ा शर्मिंदा रहता कि वह आधा पानी ही पहुंचा पाता है। उसे ग्लानि होती कि रतिराम की मेहनत बेकार चली जाती है। फूटा घड़ा यह सोचकर परेशान रहने लगा। जब उससे रहा नहीं गया, तो एक दिन उसने रतिराम से कहा, मैं खुद पर शर्मिंदा हूं और आपसे क्षमा मांगना चाहता हूं।
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रतिराम ने वजह पूछी, तो घड़े ने कहा, शायद आप नहीं जानते, पर मैं एक जगह से फूटा हुआ हूं, और पिछले दो वर्षों से आधा पानी ही पहुंचा पाया हूं, और इस कारण आपकी मेहनत बर्बाद होती रही है। घड़े की बात सुनकर रतिराम ने कहा, कोई बात नहीं, मैं चाहता हूं कि आज तुम लौटते समय रास्ते में पड़ने वाले सुंदर फूलों को देखो।
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घड़े ने वैसा ही किया, वह रास्ते भर सुंदर फूलों को देखता आया। घर पहुंचने तक वह फिर आधा खाली हो गया और अफसोस जताने लगा। रतिराम ने कहा कि तुमने ध्यान नहीं दिया, रास्ते के एक किनारे फूल खिले थे। वे फूल केवल तुम्हारी तरफ के किनारे थे। दूसरी तरफ एक भी फूल नहीं था। तुम्हारी कमी को मैं जानता था, इसलिए मैंने तुम्हारी तरफ के किनारे पर भांति-भांति के फूलों के बीज बिखेर दिए। तुम रोज उन्हें सींचते रहे। सोचो, अगर तुम सही-सलामत होते, तो क्या कभी मार्ग इतना मनोरम बनता?

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