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मियां बिलावल को नेक सलाह

Thu, 30 Oct 2014 08:16 PM IST
विजय क्रांति
विजय क्रांति Updated Thu, 30 Oct 2014 08:16 PM IST
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Advice for Mian Bilawal

प्यारे बिलावल, तुम्हारी बहादुरी के जो किस्से अखबारों में पढ़कर मजा आ रहा है कि कुछ दिन पहले तक का इत्ता-सा बिलावल अचानक इतना बड़ा शेर हो गया है। कसम से अगर तुम किसी मुहाजिर के पुश्तैनी परिवार में यूपी में पैदा हुए होते, तो तुम्हारा नाम ‘बिलौटा’ होता। अगर तुम जालंधर में पैदा हुए होते, तो ‘बिल्ला’ या ‘बिल्लू’ बनकर रह गए होते। पर कुछ दिन पहले मुलतान में तुमने शेर की तरह दहाड़ते हुए पूरे पाकिस्तान को खुश कर दिया कि मैं पूरा कश्मीर भारत से छीनकर पाकिस्तान में मिला लूंगा।

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तुम्हारे खानदान में एक और शेर था, जिसने एक दिन संयुक्त राष्ट्र में कसम खाई थी कि पाकिस्तान को भले घास खानी पड़े, पर हम भारत के साथ हजार साल तक लड़ेंगे और कश्मीर को जीतकर रहेंगे। तुम्हारे नाना भुट्टो ने भारत के साथ लड़ाई जरूर लड़ी। पर इससे पहले कि वह लड़ाई हजार घंटे पूरे करती, पाकिस्तान की पूरी फौज ने भारत के आगे हथियार डाल दिए। उसके बाद पाकिस्तानियों ने भुट्टो को फांसी के फंदे पर लटकाकर उनकी कश्मीर वाली ऐंठ और स्पांडिलाइटिस,दोनों का इलाज कर दिया।
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मियां बिलावल, पिछले एक हफ्ते में हमने पहले तुम्हारे जेलशुदा राष्ट्रपति का इंटरव्यू देखा। उसमें वह ठीक तुम्हारी तरह दावा कर रहे हैं कि कश्मीरी जनता की मदद से पाक फौज किसी भी दिन कश्मीर को जीत सकती है। यह कमाल सिर्फ पाकिस्तान में ही हो सकता है कि वहां का जरनैल कारगिल में अपनी पूरी फौज पिटवाने के बाद भी ऐसी सियासी शायरी करने की हिम्मत दिखाए।
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दूसरी टीवी फुटेज लंदन से आई, जिसमें दुनिया ने देखा कि कश्मीर के नाम पर इकट्ठा लोगों ने तुम्हें जूतों, अंडों और जूठे पानी की बोतलों से ऐसा नवाजा कि पुलिस को तुम्हें मंच से उठाकर थाने ले जाना पड़ा। तुम्हें मेरी प्यार भरी सलाह है कि अपने नाना और फौजी शेरों का हाल याद रखते हुए बिलावल ही बने रहो। ऐसा न हो कि शेर बनने के चक्कर में अपनी म्याऊं भी भूल जाओ और पाकिस्तानी सियासत में चूं-चूं का मुरब्बा बनकर रह जाओ।

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