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नई जमीन : जहां आंखों की रोशनी न होना वरदान है

 फ्रैंक ब्रूनी Updated Sun, 14 Jul 2019 01:18 AM IST
प्रतीकात्मक तस्वीर
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जोएल बर्केट का पहला उपन्यास ड्रिंक टू एवरी बीस्ट बेस्टसेलर किताबों की सूची में ऊपर नहीं चढ़ रहा है। न ही आलोचकों की तरफ से इस किताब को महत्व मिल रहा है। लेकिन यह एक दूसरे कारण से महत्वपूर्ण है। दरअसल अपनी आंखें खो चुकने के बाद जोएल ने यह उपन्यास खत्म किया। पेनसिल्वेनिया के हैरिसबर्ग में रहने वाले 64 साल के पर्यावरणीय वकील पिछले काफी वर्षों से खाली समय में लिखते रहे थे। 
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उन्होंने इस उपन्यास के अलावा और भी कई उपन्यासों पर काम शुरू किया था। लेकिन उन्हें अपनी किसी भी किताब के लिए प्रकाशक नहीं मिला। फिर वर्ष 2018 की शुरुआत में उनकी दाईं आंख से कम दिखने लगा। उससे डेढ़ साल पहले उनकी बाईं आंख से भी कम दिखने लगा था। आंखों की तकलीफ जब ज्यादा ही बढ़ गई, तो उन्होंने वकालत का काम छोड़ दिया। उन्हें महसूस हुआ कि उनके पास लिखने के लिए अब ज्यादा समय है। लिखने की उनकी इच्छाशक्ति भी बढ़ गई।

'मैं यह साबित करना चाहता था कि मैं वह काम कर सकता हूं, जो एक दृष्टिबाधित आदमी नहीं कर सकता। यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था', बर्केट ने हाल ही में फोन पर बातचीत करते हुए मुझसे कहा। उन्होंने एक डिक्टेशन सॉफ्टवेयर लिया, एक संपादक रखा और ड्रिंक टू एवरी बीस्ट में जरूरी संशोधन करते हुए, जो कि सुस्क्यूहैन्ना नदी में फेंके जाने वाले विषैले कूड़े पर आधारित एक थ्रिलर है, उसे हेडलाइन बुक्स को भेज दिया, जो उन लेखकों का स्वागत करते हैं, जिनके अपने एजेंट नहीं होते। प्रकाशक ने कुछ ही सप्ताह पहले बर्केट का उपन्यास छाप दिया।

इस उपन्यास के बारे में साहित्य जगत की कुछ भी प्रतिक्रिया हो, पर बर्केट की खुशियों की कोई सीमा नहीं है। वह गर्व के साथ कहते हैं, अब मैं भी खुद को जेम्स जॉयस, जेम्स थर्बर और दूसरे दृष्टिबाधित लेखकों के साथ खुद को खड़ा पाता हूं। जोएस और थर्बर पूरी तरह दृष्टिबाधित नहीं थे। लेकिन आंखों में आंशिक खराबी या पूरी तरह दृष्टिबाधित लेखकों के प्रति बर्केट का गर्व सही है-गर्व इसलिए, क्योंकि वे तमाम लेखक बाधाओं से पार पाने के स्पष्ट उदाहरण हैं, क्योंकि अपनी सीमाओं को ही उन्होंने अपनी ताकत बनाया है, क्योंकि वे देख पाने की क्षमता को चुनौती देते है। और ऐसा करते हुए वे अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हैं। 
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