यदि जीवन महत्वपूर्ण नहीं होता, तो कला भी महत्वपूर्ण नहीं होती

जेम्स बाल्डविन Updated Wed, 07 Mar 2018 04:50 PM IST
 James Baldwin
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मैं समझता हूं कि मेरे पास कई जिम्मेदारियां हैं, लेकिन लेखन से बढ़कर कोई जिम्मेदारी नहीं है। कोई भी व्यक्ति केवल एक ही चीज लिखता है-अपना अनुभव। असल में सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि अपने अनुभवों से कोई किस तरह प्रेरित होता है। जीवन को विकारों से मुक्त करना ही कलाकारों की एकमात्र चिंता होती है।
आप कुछ पढ़ते हैं, जिसके बारे में आप सोचते हैं कि यह केवल आप ही के साथ हुआ है, लेकिन बाद में आप पाते हैं कि यह तो सैकड़ों साल पहले दस्तोवयस्की के साथ भी हुआ था। यह दुखी और संघर्ष करने वाले व्यक्ति के लिए बहुत बड़ी राहत है, जो यह सोचता है कि वह अकेला है। इसी राहत प्रदान करने की क्षमता की वजह से साहित्य और कला महत्वपूर्ण है। लेकिन अगर जीवन महत्वपूर्ण नहीं होता, तो कला भी महत्वपूर्ण नहीं होती।

संवेदनशील होने के लिए मुझे लगता है कि जीवन और जीवन की प्रेरक शक्तियों का सम्मान करना और उसका आनंद लेना चाहिए और सभी कार्यों में शामिल रहना चाहिए-प्यार करने से लेकर रोटी बनाने तक। प्यार न तो उस तरह से शुरू होता है और न ही खत्म होता है, जैसा हम सोचते हैं।

प्यार एक युद्ध है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है। जो लोग दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं, उन्हें सोचना चाहिए कि ऐसा व्यवहार कोई उनके साथ भी कर सकता है। मुझे लगता है कि लोग इसलिए अपनी घृणा से चिपके रहते हैं, क्योंकि एक बार जब उनके अंदर की घृणा खत्म हो जाएगी, तो वे दुखों से निपटने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
-अमेरिकी उपन्यासकार

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