पुस्तक समीक्षा: घूमती दुनिया

डॉ. हरिश्चंद्र शाक्य Updated Sun, 18 Jun 2017 04:22 PM IST
book review of Ghoomti Duniya
घूमती दुनिया 
संवादों में संवरता लेखन
 
एक अंक वाले नाटकों को एकांकी कहा जाता है। हरिश्चंद्र शाक्य की किताब 'घूमती दुनिया' में चार एकांकी प्रस्तुत की गई हैं। कविता और कहानी के बीच कहीं गुम हो चुकी एकांकी की इस शैली को लेखक ने फिर से जीवन देने की जो कोशिश इस किताब के जरिये की है, वह गौर करने लायक है। इससे पहले भी हरिश्चंद्र कई पुस्तकों का लेखन और संपादन कर चुके हैं।

उनका यही अनुभव इस किताब में उनकी लेखनी के जरिये प्रदर्शित होता है। एकांकी  'एक मनहूस दिन', 'जिंदा मौत', 'मुसीबत का मारा', 'घूमती दुनिया' के जरिये लेखक ने संवादों की सहज और रोमांचक शैली पेश की है। इसमें कविता जैसा रस भी है, कहानी जैसे दृश्य भी और नाटक जैसे संवाद भी। लेआउट और डिजाइन के लिहाज से भी किताब संग्रहणीय है।
 
लेखक
डॉ. हरिश्चंद्र शाक्य
प्रकाशक
निरुपमा प्रकाशन
मूल्य
60 रुपये
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