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उनके आखिरी शब्द अनसुने रहे

Tue, 13 Dec 2016 01:05 PM IST
कल्लोल चक्रवर्ती / अमर उजाला के लिए
कल्लोल चक्रवर्ती / अमर उजाला के लिए Updated Tue, 13 Dec 2016 01:05 PM IST
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Book Review - Ainstins Greatest Mistake
हले न्यूटन, फिर आइंस्टीन। विज्ञान की दुनिया इससे बड़ी उपलब्धियों के बारे में नहीं जानती। न्यूटन ने पेड़ से गिरते सेब को देख गुरुत्वाकर्षण के नियम के बारे में बताया, जबकि आइंस्टीन ने सापेक्षता का सिद्धांत दिया। लेकिन चर्चित विज्ञान लेखक डेविड वोडानीज की यह किताब आइंस्टीन की उपलब्धियों को नहीं, उनकी विफलता और उससे उपजे अंर्तद्वंद्व के बारे में ज्यादा बताती है।
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इससे पहले 'आइंस्टीन-हिज लाइफ ऐंड यूनिवर्स' में भी आइंस्टीन के दांपत्य जीवन पर रोशनी डाली गई थी। आइंस्टीन का छात्र जीवन उतना गौरवशाली नहीं था। खासकर गणित उन्हें पसंद नहीं था। पर ज्यूरिख के पॉलिटेक्निक में ग्रॉसमैन, बैसो और मिलेवा मैरी से निकटता ने उनका जीवन बदल दिया। बाद के दिनों में भौतिकी में निष्णात आइंस्टीन को गणित में ग्रॉसमैन से मदद मिली, तो मैरी उनकी पत्नी बनी।
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ग्रॉसमैन की मदद से बर्न के पेटेंट ऑफिस में आइंस्टीन को थर्ड क्लास टेक्निकल एक्सपर्ट की नौकरी मिली। यहां काम का बोझ था, पैसे की कमी थी, फिर भी आइंस्टीन को अपनी वैज्ञानिक खोज के लिए यहां बेहतर माहौल मिला। उनकी खोज को तब जितनी प्रसिद्धि मिली, उतनी और किसी को नहीं। रदरफोर्ड का कहना था कि विश्वयुद्ध के बाद ब्रह्मांड के रहस्य की खोज को सशंकित मानवता ने एक बड़ी खोज माना।
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बाद में आइंस्टीन ने अपने सिद्धांत में बदलाव किए, जिसे कई वैज्ञानिकों ने चुनौती दी। आइंस्टीन की पत्नी मैरी विलक्षण गणितज्ञ थीं और आइंस्टीन के शुरुआती सिद्धांतों को जांचती थीं। उन्हें लगता था कि पियरे और मेरी क्यूरी की तरह वह भी आइंस्टीन के साथ वैज्ञानिक खोज का काम कर सकती हैं। पर आइंस्टीन ने उन्हें प्रोत्साहित नहीं किया और अंततः दोनों अलग हो गए।


डेविड वोडानीज की इस किताब की खासियत यह है कि यह आइंस्टीन के जीवन को उस समय के संपूर्ण वैज्ञानिक परिदृश्य से जोड़कर देखती है और उसमें आइंस्टीन के द्वंद्व और आखिरकार अमेरिका के प्रिसंटन में उनके एकाकी जीवन के बारे में बताती है। वोडानिज कहते हैं कि मौत से पहले अस्पताल में एकाकी आइंस्टीन ने नर्स से क्या कहा था, यह कभी पता नहीं चल पाया, क्योंकि अमेरिकी नर्स जर्मन नहीं जानती थीं!   
 
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