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'टेरर फंडिंग और आतंकी ढांचे को खत्म करने का कदम स्वागत योग्य है'

Sun, 17 Dec 2017 02:02 PM IST
अभियान डेस्क/ अमर उजाला
अभियान डेस्क/ अमर उजाला Updated Sun, 17 Dec 2017 02:02 PM IST
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A reader view, step taken to stop terror funding and finish terrorist structure is Appreciable
आतंकवाद के खिलाफ नई दिल्ली में भारत, रूस और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें तीनों देशों ने आतंकवाद के खात्मे का ऐलान किया है। साथ ही टेरर फंडिंग रोकने और आतंकी ढांचे को खत्म करने पर भी जोर दिया है। यह कदम स्वागत योग्य है। ऐसे वक्त पर और भी ज्यादा, जब देश की संसद पर आतंकी हमले के 16 साल पूरे होने जा रहे हों।
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पर सबसे ज्यादा आश्चर्य इस बात का है कि तीनों देशों की ओर से इस सम्मेलन के बाद जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों का जिक्र नहीं है, जबकि सितंबर में चीन के शियामेन में हुई ब्रिक्स देशों की बैठक के बाद जारी घोषणापत्र में विशेष रूप से लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और दूसरे आतंकी संगठनों का जिक्र किया गया था और इस सम्मलेन में प्राप्त समाचारों के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों की ओर से बढ़ते आतंकवाद पर चिंता जताई, बढ़ती आतंकी घटनाओं का मुद्दा उठाया और संयुक्त बयान में कहा कि आतंकवाद पर यह गठबंधन किसी खास देश के खिलाफ नहीं है।
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सब जानते हैं कि लश्कर-ए-तैयबा पाक की मदद से फलता-फूलता आतंकी संगठन है। हम आतंकवाद का दंश झेलकर भी भलमनसाहत का परिचय देते हैं, लेकिन ये भलमनसाहत देशवासियों में आतंकवाद के प्रति देश के रहनुमाओं के मन में बैठे डर का अहसास कराती है, न कि ये संदेश कि आतंकवाद के प्रायोजकों को सुधरने का मौका दिया जा रहा है।
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जब देश विरोधी व विश्व विरोधी शक्तियां सबके सामने हैं, उन विरोधी शक्तियों का नाम लेना चाहिए, क्योंकि ऐसा न कर हम अपने शहीदों की शहादत का अपमान करते हैं, जो इस देश को बचाए रखने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं करते। हमें उन्हें श्रद्धांजलि देते समय अपने हाथ ऐसे आतंकी संगठनों व इनके सहयोगियों को शरण देने से बचाने चाहिए।

कांधला (शामिली) से
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