विज्ञापन
विज्ञापन

विश्व शिक्षक दिवस 2019ः समाज और जीवन को बदलने में है शिक्षकों की बड़ी भूमिका

Devendra Sutharदेवेंद्र सुथार Updated Sat, 05 Oct 2019 02:12 PM IST
दुनिया के तकरीबन 100 से ज्यादा देशों में 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
दुनिया के तकरीबन 100 से ज्यादा देशों में 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। - फोटो : Amar Ujala
ख़बर सुनें
दुनिया के तकरीबन 100 से ज्यादा देशों में 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1994 में इसकी घोषणा यूनेस्को द्वारा की गई थी। समाज की नवचेतना को आकार एवं दिशा देने में शिक्षक की भूमिका अहम होती है। शिक्षक समाज का दर्पण व निर्माण वाहक है।
विज्ञापन
नवशिशु नामक कोपल जब इस संसार जगत में प्रवेश करती है, तो उस समय वह परिवार की पाठशाला में मां नामक शिक्षक से संस्कार व व्यवहार की तालीम ग्रहण करती है। यह कहें तो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी कि सिखाने वाला व सीख देने वाला हर प्राणी शिक्षक है।

शिक्षक की समाज में भूमिका 
शिक्षक वह पुंज है जो अज्ञान के तमस को मिटाकर जीवन में ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित करता है। वह आफ़ताब है जिसके पास ज्ञान का प्रकाश है। वह समंदर है जिसके पास ज्ञानरूपी अमृत का अथाह जल है। जिसका कभी क्षय मुमकिन नहीं है।

शिक्षक को समाज में सदैव ही सर्वश्रेष्ठ पद पर रखकर उसकी बुद्धिमता का सम्मान किया गया है। बड़े-बड़े राजाओं के मस्तक शिक्षक के चरणों में नत-मस्तक हुए हैं। यदि प्राचीन समय की बात की जाए तो शिक्षक के आश्रम में रहकर ही राजकुमार अपना जीवन विकसाते थे। आश्रम में ही उनकी शिक्षा-दीक्षा संपन्न होती थी। हमारे वेद-ग्रंथों में शिक्षक को साक्षात ब्रह्मा, विष्णु व महेश की संज्ञा दी गई है।

शिक्षक समाज की धुरी है जिसके मार्गदर्शन में देश का निर्माण करने वाला भविष्य सुशिक्षित व प्रशिक्षित होता है। नरेंद्र को स्वामी विवेकानंद बनाने वाले व शिवा (शंभू) को छत्रपति शिवाजी बनाने वाले शिक्षक स्वामी रामकृष्ण परमहंस व समर्थ गुरु रामदास ही थे। चाणक्य जैसे शिक्षक के आक्रोश ने चन्द्रगुप्त मौर्य का निर्माण कर घनानंद के अहंकार का मर्दन कर दिया था।

बहुत जरूरी है शिक्षक की प्रेरणा 
शिक्षक की प्रेरणा और ज्ञान से पत्थर पारस बने हैं। शिक्षक केवल किताबी शिक्षा ही नहीं देता अपितु जिंदगी जीने की कला सिखाने का भी काम करता है। भारत देश सदैव से ही शिक्षकों की खान रहा है। इस देश में कई शिक्षक ऐसे हुए जिन्होंने अपनी शिक्षण कला के माध्यम से नगीने तैयार कर अपना गौरव बढ़ाया है। 

भारत में शिक्षक दिवस मनाने की भूमिका कुछ इस तरह बंधी कि स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति जब 1962 में राष्ट्रपति बने तब कुछ शिष्यों एवं प्रशंसकों ने उनसे निवेदन किया कि वे उनका जनमदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं। तब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने कहा कि- 'मेरे जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने से मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस करूंगा।' डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की मान्यता थी कि यदि सही तरीके से शिक्षा दी जाए तो समाज की अनेक बुराइयों को मिटाया जा सकता है।
 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?
Junglee Rummy

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Opinion

बलूचिस्तान से उठती आवाजें, मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन पर उठती आजादी की मांग

भारत को बलूचियों, सिंधियों व पख्तूनों पर पाकिस्तानी सेना व आईएसआई द्वारा ढाये जा रहे अत्याचारों को एक गंभीर मानवीय समस्या समझते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विश्व के सामने लाना चाहिए। इससे कश्मीर पर पाकिस्तान के झूठ की पोल भी खुल जाएगी।

23 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

Chandrayaan 2: खुल गया चांद पर दाग का राज, इसरो ने किया खुलासा

चांद पर दाग क्यों है ये राज चंद्रयान 2 ने खोल दिया है। चंद्रयान 2 के ऑर्बिटर ने जो तस्वीरें भेजी हैं उन तस्वीरों में चांद पर गड्ढे साफ दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं की वजह से चांद पर दाग दिखाई देता है।

23 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree