फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   world sea turtle day 2023, Sea turtles are protectors of the marine ecosystem

विश्व समुद्री कछुआ दिवस: समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षक हैं समुद्री कछुए

Sun, 18 Jun 2023 10:11 AM IST
Anu scicomm अनु साइकॉम
Updated Sun, 18 Jun 2023 10:11 AM IST
विज्ञापन
world sea turtle day 2023, Sea turtles are protectors of the marine ecosystem
समुद्री कछुए - फोटो : Vardhan Patankar

समुद्र की गहराई में स्थित दुनिया अद्भुत रोचकता से भरी हुई है और समुद्री कछुए निसंदेह इस विशालकाय प्राणियों की सर्वाधिक प्रिय आवासी हैं। विश्वभर में, इनकी सात प्रजातियां पाई जाती हैं, जिसमें शामिल हैं लेदरबैक, ग्रीन कछुआ, हॉक्सबिल, लॉगरहेड, ओलिव रिडले, केम्पस रिडले और फ्लैटबैक। समुद्री कछुए धरती के सबसे प्राचीन जीवों में से एक हैं, जो करीब 110 मिलियन वर्षों तक अपरिवर्तित रहे हैं। 

विज्ञापन


समुद्री कछुए प्राचीन नाविक हैं। पृथ्वी के सबसे ठंडे महासागरों को छोड़कर सभी में मौजूद हैं। ये समुद्री सरीसृप (रेप्टाइल्स) चलते-फिरते जीवन के लिए अच्छी तरह से अनुकूलित हैं। डायनासोर के समय से ही समुद्री कछुए मौजूद हैं। सबसे पहला ज्ञात समुद्री कछुआ लगभग 120 मिलियन वर्ष पहले जीवित था, जिसे डेस्मातोचेलिस पाडिल्लई नाम दिया गया, यह छह फीट लंबा था और इसमें आधुनिक समुद्री कछुओं की विशिष्ट विशेषताएं थीं, जिसमें शामिल थे शीर्ष खोल और पैडल जैसे अंग।
विज्ञापन


आज, समुद्री कछुओं की सात प्रजातियां हैं जिनमें सबसे बड़ी है- लेदरबैक। जिसका आकार लगभग आठ फीट और वज़न करीब 2,000 पाउंड तक है। 

विज्ञापन
विज्ञापन


समुद्री परिस्तिथिक तंत्र में भूमिका

समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में समुद्री कछुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समुद्री कछुए, विशेष रूप से वयस्क, समुद्री खाद्य श्रृंखला में शिकारी होते हैं। वे जेलीफिश, स्पंज और क्रस्टेशियन जैसे विभिन्न समुद्री जीवों पर भोजन करते हैं। अपनी शिकार प्रजातियों की आबादी को नियंत्रित करके, समुद्री कछुए पारिस्थितिकी तंत्र के समग्र संतुलन और स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।


समुद्री कछुए समुद्र तटों पर घोंसला बनाते हैंऔर घोंसले की प्रक्रिया के दौरान, वे घोंसले खोदते हैं और रेत में अपने अंडे देते हैं। घोंसले के शिकार का यह व्यवहार समुद्र तट के कटाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, क्योंकि यह रेत के संचलन और वितरण में मदद करता है। यह समुद्र तट के पोषण की प्राकृतिक प्रक्रिया में योगदान देता है और तटीय आवासों की रक्षा करता है।

समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के पोषक चक्र में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। जब वे समुद्री पौधों और जानवरों को खाते हैं, तो वे अपने मलमूत्र के माध्यम से पोषक तत्व छोड़ते हैं। ये पोषक तत्व आसपास के पानी और तलछट को समृद्ध करते हैं, विभिन्न जीवों के लिए पोषण प्रदान करते हैं और पारिस्थितिकी तंत्र की उत्पादकता का समर्थन करते हैं।

जैसे हरे समुद्री कछुए समुद्री घास खाते हैं और उनके पाचन तंत्र इन पौधों के बीजों को संसाधित करने में सक्षम होते हैं। जब वे यात्रा करते हैं और विभिन्न स्थानों में बीजों का उत्सर्जन भी करते हैं। वे समुद्री घास के बीजों के फैलाव में सहायता करते हैं, जिसका सीधा असर समुद्री घास के मैदानों के विकास और विस्तार पर पड़ता है।
 

Trending Videos

world sea turtle day 2023, Sea turtles are protectors of the marine ecosystem
समुद्री कछुए - फोटो : Pooja Pawar

कुशल प्राचीन नाविक हैं कछुए

समुद्री कछुए नेविगेट करने के लिए पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग करते हैं। समुद्री कछुओं में भू-चुंबकीय क्षमता होती है जो आंतरिक जीपीएस के रूप में काम करती है। कछुओं के दिमाग में मैग्नेटाइट के कण होते हैं, जोकि एक चुंबकीय खनिज है, जो संभवत समुद्री कछुओं को पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों की ओर उन्मुख करने में अहम् भूमिका निभाता है। नन्हे समुद्री कछुए उन समुद्र तटों के अद्वितीय चुंबकीय हस्ताक्षर पर छाप छोड़ते हैं जहां वे अंडे देते हैं। य

ह चुंबकीय नक्शा उनका मार्गदर्शन करता है, कई साल बाद उसी समुद्र तट पर वापस अपने अंडे देने के लिए। एक बार जब एक मादा अपने अंडे देती है, तो वह समुद्र में लौट आती है, अपने बच्चों को खुद से जीवन जीने के लिए छोड़ देती है, जिसमें एक प्रतिशत से भी कम चूजे वयस्क होने तक जीवित रहते हैं आंशिक रूप से समुद्र तट पर कई शिकारियों के कारण। बड़ी संख्या में उभरने से कुछ के बचने की संभावना बढ़ जाती है।

तापमान निर्धारित करता है कछुए का लिंग

समुद्री कछुए का लिंग तापमान से निर्धारित होता है। अधिकांश कशेरुकियों के विपरीत, एक समुद्री कछुए का लिंग, लिंग गुणसूत्रों यानि क्रोमोसोम्स द्वारा निर्धारित नहीं होता है। इसके बजाय, घोंसले का तापमान हैचलिंग के लिंग का निर्धारण करता है। जब तापमान गर्म होता है, लगभग 88 डिग्री फ़ारेनहाइट पर,ज्यादातर चूजे मादा होंगे, लेकिन जब तापमान ठंडा होता है, लगभग 82 डिग्री फ़ारेनहाइट से कम, अधिकांश हैचलिंग नर होंगे। समुद्री कछुए एक बार में 150 से अधिक अंडे दे सकते हैं। 

सभी सात समुद्री कछुओं की प्रजातियों पर विलुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। मछली पकड़ना समुद्री कछुओं के लिए एक बड़ा खतरा है क्योंकि वे मछली पकड़ने के जाल में आकस्मिक रूप में फंस जाते हैं। कछुए के अंडों की अवैध कटाई, कछुए उत्पादों में तस्करी और महासागर प्रदूषण भी चिंता का विषय है।

समुद्री कछुए समुद्री पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन और कार्यप्रणाली को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके भोजन की आदतें, घोंसले के शिकार व्यवहार और अन्य प्रजातियों के साथ बातचीत समग्र जैव विविधता, पोषक चक्रण और समुद्री आवासों की स्थिरता में योगदान करती है। हमारे महासागरों के स्वास्थ्य और स्थिरता के लिए समुद्री कछुओं की आबादी की रक्षा और संरक्षण आवश्यक है।


------------------
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed