फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Blog ›   world cup cricket 2023 virat kohli century and his selfishness in cricket

शतक और विराट कोहली: आखिर कैसे देखा जाए सेंचुरी को? क्या सच में विराट हो गए हैं सेल्फिश

Mon, 06 Nov 2023 03:25 PM IST
Vinod Patahk विनोद पाठक
Updated Mon, 06 Nov 2023 03:25 PM IST
सार

आलोचना जो भी हो, लेकिन जिस विजयरथ पर भारत इस वर्ल्ड कप में सवार है तो विराट से आगे भी बड़ी परियों की क्रिकेट फैन्स उम्मीद करते हैं और उनसे यह भी अपेक्षा रहेगी कि वो आगे मैचों में स्वार्थ को त्याग कर टीम के हित पर ज्यादा ध्यान दें।

विज्ञापन
world cup cricket 2023 virat kohli century and his selfishness in cricket
विराट पर इस क्रिकेट वर्ल्ड कप में उनकी कुछ परियों को लेकर उन पर सेल्फिश यानी स्वार्थी होने के आरोप लग रहे हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इस बात में दो राय नहीं है कि विराट कोहली एक मैच विनर खिलाड़ी हैं। भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं, लेकिन इस क्रिकेट वर्ल्ड कप में उनकी कुछ परियों को लेकर उन पर सेल्फिश यानी स्वार्थी होने के आरोप लग रहे हैं। खासकर कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली पारी को लेकर माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट टि्वटर पर ट्रेंड भी चला, जिसमें यूजर्स ने विराट कोहली को सेल्फिश बताकर उनकी जमकर आलोचना की, क्योंकि अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के विपरीत विराट कोहली ने अपने शतक पर ज्यादा फोकस किया।

विज्ञापन

 


इस क्रिकेट वर्ल्ड कप की शुरुआत से विराट कोहली का फॉर्म जबर्दस्त चल रहा है। वो अब तक दो शतक और चार अर्द्धशतकीय पारी खेल चुके हैं। एक केवल भारत-इंग्लैंड का मैच, जिसमें वो शून्य पर आउट हुए थे और दूसरा पाकिस्तान का मैच, जिसमें वो सिर्फ 16 रन बना सके थे, को छोड़कर शेष सभी मैचों में विराट कोहली ने टीम की जीत में अहम रोल अदा किया है, लेकिन जिस तरह से भारत-बांग्लादेश मैच के दौरान, जब टीम को जीत के लिए 26 रन चाहिए थे और विराट कोहली को भी शतक के लिए 26 रन चाहिए थे तो विराट कोहली के शतक को अहमियत दी। उस मैच में साथी खिलाड़ी के.एल. राहुल ने स्वयं रन बनाना छोड़ दिया था। उस मैच के बाद भी विराट कोहली की जमकर आलोचना हुई थी। हालांकि, के.एल. राहुल ने यह कहकर सबकुछ अपने ऊपर ले लिया कि विराट कोहली को उन्होंने ही शतक पूरा करने के लिए कहा था, क्योंकि भारत आसानी से मैच जीत रहा था। 

विज्ञापन


दूसरा अवसर न्यूजीलैंड के खिलाफ धर्मशाला में मैच के दौरान आया, जब विराट कोहली 95 रन पर खेल रहे थे और उन्हें अपने शतक के लिए 5 रन चाहिए थे और टीम को भी जीत के लिए 5 ही रन चाहिए थे। न्यूजीलैंड के गेंदबाज हेनरी की एक गेंद पर विराट कोहली ने डीप स्क्वायर लेग पर शॉट खेलने के बाद भी रन लेने से मना कर दिया था, क्योंकि उनका फोकस अपने शतक की तरफ हो चला था, जबकि दूसरे छोर पर रविंद्र जडेजा रन के लिए भाग लिए थे। हालांकि, अगली ही गेंद पर विराट कोहली छक्का मारने के प्रयास में कैच आउट हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, विराट कोहली उस समय 48 शतक लगाकर सचिन तेंदुलकर के 49 शतक के रिकॉर्ड से बस एक कदम पीछे थे। निश्चित रूप से उनके दिमाग में सचिन का रिकॉर्ड घूम रहा होगा, लेकिन जो रवैया कोहली ने न्यूजीलैंड के मैच के दौरान अपनाया, उसे खेल के लिहाज से अच्छा नहीं कहा जा सकता है। यह शुभ संकेत नहीं है।

कोलकाता में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी मैच में कुछ-कुछ यही घटित हुआ। एक समय जब टीम इंडिया तेजी से रन बना रही थी और मात्र 10.3 ओवर में 93 रन बना दिए थे और 36 ओवर में टीम का स्कोर 227 था। ऐसा माना जा रहा था कि भारत 350 रनों तक पहुंच जाएगा, लेकिन यहां भी विराट ने अपने बल्ले को थाम लिया और अपने शतक पर ही फोकस कर अपने खेल के विपरीत 121 गेंदों में 101 रन बनाए। अपनी पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया।
 


कमाल की बात यह है कि 46वें ओवर की समाप्ति पर कोहली 112 गेंदों पर 91 रन बनाकर खेल रहे थे और टीम के पास चार ओवर शेष थे, लेकिन 9 गेंदों पर कोहली ने 10 रन ही बनाए। टि्वटर पर एक क्रिकेट फैन ने तो कोहली का फोटो लगाकर ब्लैक डे तक लिख दिया। फैन ने लिखा कि अगर आप सच्चे क्रिकेट फैन हैं तो यह आपके लिए ब्लैक डे ही है। हालांकि, मैच के बाद कप्तान रोहित शर्मा ने यह कहते हुए विराट का बचाव किया कि आज की पिच आसान नहीं थी। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने बेहतरीन काम किया।


वैसे, इस मैच में विराट कोहली ने न केवल सचिन तेंदुलकर के वनडे में 49 शतकों की बराबरी की, बल्कि जीतने वाले मैचों में अब उनके 17164 रन हो गए हैं, जबकि तेंदुलकर ने इसी श्रेणी में 17113 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग अभी विराट कोहली से इस मामले में आगे हैं। उन्होंने 20140 रन बनाए हैं।

अपने बर्थडे पर शतक लगाने वाले विराट कोहली भारतीय तीसरे खिलाड़ी भी बन चुके हैं। 1993 में विनोद कांबली, 1998 में सचिन तेंदुलकर और अब विराट कोहली ने अपने बर्थडे के दिन शतक लगाया है। वर्ल्ड कप में भी वो बर्थडे के दिन शतक लगाने वाले तीसरे खिलाड़ी हैं।

2011 में न्यूजीलैंड के रोस टेलर और इसी वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के मिशेल मार्शल ने अपने बर्थडे पर शतक लगाया है। आलोचना जो भी हो, लेकिन जिस विजयरथ पर भारत इस वर्ल्ड कप में सवार है तो विराट से आगे भी बड़ी परियों की क्रिकेट फैन्स उम्मीद करते हैं और उनसे यह भी अपेक्षा रहेगी कि वो आगे मैचों में स्वार्थ को त्याग कर टीम के हित पर ज्यादा ध्यान दें।





डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकताु, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed