क्या क्रिकेट के भगवान से सबक लेंगे किंग कोहली?
आईपीएल के वो सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु से उन्हें हर साल 18 करोड़ रुपए से अधिक मिलते हैं। उनकी नेटवर्थ 950 करोड़ है और वो प्रतिवर्ष 60 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। वो दुनिया के करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करते हैं। टि्वटर पर विराट के 47.9 मिलियन तो इंस्टाग्राम पर 194 मिलियन फॉलोवर्स हैं।
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विस्तार
एक था विराट बल्लेबाज। क्रिकेट प्रेमी शायद पूर्व कप्तान विराट कोहली के लिए यही सोच रहे होंगे। एक समय क्रिकेट के भगवान कहने जाने वाले सचिन तेंदुलकर से विराट कोहली की तुलना होती थी। क्रिकेट फैन्स मानते थे कि जल्द किंग कोहली मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के सौ शतकों का रेकॉर्ड तोड़ देगा। पर, शायद भारत के सबसे बेहतरीन मैच फिनिशर को किसी की नजर लग गई है।
जिस विराट के बल्ले से दनदनाते शतक निकल रहे थे, वो बल्ला पिछले सवा दो साल से खामोश है। विराट ने अपना अंतिम अंतरराष्ट्रीय शतक 23 नवंबर 2019 को लगाया था। तब से वो खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। इसका खामियाजा उन्हें न केवल टीम इंडिया के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी गंवाकर चुकाना पड़ा है, अपितु इंडियन प्रीमियर लीग की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु की कप्तानी से भी उन्हें हटा दिया गया। बड़ा सवाल, क्या विराट कोहली अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर से सबक लेंगे और पुनः फॉर्म में लौटेंगे।
ब्रांड वैल्यू काफी अधिक
विराट ने जैसा नाम, वैसी पहचान बनाई है। विराट मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए एक स्वप्न जैसे हैं। दिल्ली के उत्तम नगर के साधारण परिवार का लड़का। पिता सामान्य से क्रिमिनल लॉयर थे तो मां गृहणी। क्रिकेट में विराट कोहली ने माउंट एवरेस्ट जैसी ऊंचाई को छूआ है, जिसके चलते आज उनकी ब्रांड वैल्यू 185.7 मिलियन डॉलर है, जो बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (54.2 मिलियन डॉलर), युवा अभिनेता रणवीर सिंह (158.3 मिलियन डॉलर) और अक्षय कुमार (139.6 मिलियन डॉलर) से कहीं अधिक है।
आईपीएल के वो सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूरु से उन्हें हर साल 18 करोड़ रुपए से अधिक मिलते हैं। उनकी नेटवर्थ 950 करोड़ है और वो प्रतिवर्ष 60 करोड़ रुपए कमा रहे हैं। वो दुनिया के करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करते हैं। टि्वटर पर विराट के 47.9 मिलियन तो इंस्टाग्राम पर 194 मिलियन फॉलोवर्स हैं। उनकी एक पोस्ट पर चंद मिनटों में लाखों लाइक्स आ जाते हैं।
10 साल की उम्र से खेल रहे क्रिकेट
विराट ने मात्र 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और 14 साल की उम्र में दिल्ली की अंडर-15 टीम में शामिल हो गए। वर्ष 2004-05 में दिल्ली ने अंडर-17 में विजय मर्चेंट ट्रॉफी जीती और विराट ने मात्र 7 मैचों में दो शतकों के साथ सर्वाधिक 757 रन बनाए। विराट के जीवन का टर्निंग प्वाइंट फरवरी-मार्च 2008 में आया, जब उन्हें इंडिया की अंडर-19 टीम का कप्तान चुना गया और वो वर्ल्ड कप जीताकर लाए। यही एकमात्र आईसीसी ट्रॉफी है, जो उनकी कप्तानी में जीती गई, वरना सीनियर टीम को वो कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं जीता सके, जिसके लिए हमेशा वो आचोलना के निशाने पर रहते हैं।
अंडर-19 टीम के विजयी कप्तान ने सीधा सीनियर टीम का रुख किया और अपने 20वें बर्थडे से ढाई महीने पहले 18 अगस्त 2008 को विराट वनडे टीम का हिस्सा बन गए। फिर विराट का असली रूप दुनिया ने देखा। वो एक के बाद एक शतक लगाते चले गए। रन चेस के मास्टर बन गए। शायद इसलिए उन्हें सबसे कैल्कुलेटिव बल्लेबाज भी कहा जाता है।
मात्र 14 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में विराट ने 70 शतक लगा डाले, जिनमें 260 वनडे में 43 और 101 टेस्ट मैचों में 27 शतक हैं। हालांकि, टी-20 में उनका शतकीय खाता खुलना अभी बाकी है। विराट टीम इंडिया के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में शामिल हैं। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 68 में से 40 टेस्ट जीते हैं। वनडे में भी उनका रेकॉर्ड बेहतरीन है। 95 वनडे में से 65 में उन्होंने टीम की जीत दिलाई। टी-20 के 50 में से 30 मैच इंडिया जीती है।
रनों पर एक नजर
विराट रन मशीन भी हैं। उन्होंने 101 टेस्ट मैचों में 8043 रन, 260 वनडे में 12,311 रन, 97 टी-20 में 3296 रन बनाए हैं। आईपीएल में सर्वाधिक 6283 रन विराट के नाम हैं। आईपीएल के एक सत्र में सर्वाधिक चार शतक का रेकॉर्ड भी विराट के नाम है। वर्ष 2016 में उन्होंने आईपीएल में चार शतक लगाए थे।
आज यह विराट बल्लेबाज रनों को तरस रहा है। आईपीएल की पिछली दस पारियों को देखें तो आंसू निकल आते हैं। दो बार कोहली शून्य पर आउट हुए तो तीन बार दोहाई का आंकड़ा नहीं छू पाए। चार मैचों में 48, 41, 12, 12 रन बनाए। पिछले मैच में जब विराट ने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 58 रनों की पारी खेली तो इस कदर खुशी मनाई, जैसे कोई नया-नवेला बल्लेबाज पहली बार अर्द्धशतक लगा रहा हो। दर्शक-दीर्घा में बैठी उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा भी झूम उठीं।
खराब फॉर्म से जूझ रहे थे
वैसे, विराट कोहली को अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर से सबक लेने और उनके नक्शे कदमों पर चलने की दरकार है। जब सचिन ऐसे ही खराब फॉर्म से जूझे रहे थे, तब उन्होंने एक बड़ी पारी खेलकर करियर का रुख बदल दिया था। बस एक अच्छी अनुशासित पारी विराट कोहली को भी फिर टॉप ऑफ द वर्ल्ड बना देगी। विराट कोहली के खराब फॉर्म का निराशाभर समय बीतेगा। निश्चित ही मई का महीना नई उम्मीद और नई शुरुआत लेकर आएगा। उम्मीद है, कुछ ऐसा ही किंग कोहली के करियर में एक बार फिर बल्ला रन उगलेगा।
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