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दूसरा पहलू: काशी के घाट और धमाल मचाते एआई बंदर... वायरल हो रहे सोशल मीडिया वीडियो AI से बने

Wed, 09 Jul 2025 09:02 AM IST
ज्योति भास्कर उपमिता वाजपेयी
उपमिता वाजपेयी Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 09 Jul 2025 09:02 AM IST
सार

कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया पर बंदरों के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं, लेकिन ये असली नहीं, बल्कि एआई द्वारा निर्मित हैं। हरदोई के रहने वाले बीटेक ड्रॉपआउट आकाश ने करीब 20 दिन में एआई बंदर कैरेक्टर के जरिये बढ़ाए 30 हजार फॉलोअर्स। आकाश कहते हैं कि उन्होंने सबसे पहला वीडियो बनारस के घाट का बनाया, जिसमें यह बंदर बनारस जाता है। चौथे वीडियो तक उनका अकाउंट हिट हो गया। इस वीडियो को अब तक 90 लाख लोग देख चुके हैं। 

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Varanasi aka Kashi River Ganga ghats monkeys creating ruckus social media viral videos made with AI
वाराणसी में एआई की मदद से दिखाए जा रहे गंगा किनारे बंदर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

बीते कुछ हफ्तों से अगर आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बंदरों के वीडियो कुछ ज्यादा ही कूदने लगे हैं, तो समझ लीजिए कि आपके एल्गोरिदम का तार्रुफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से हो चुका है। एआई द्वारा संचालित वीलॉगर बंदर अपने क्रिएटिव कंटेंट की बदौलत काफी अच्छा ट्रैफिक और फॉलोइंग बटोर रहे हैं। इनमें काशी के घाट से लेकर, प्रयाग का गंगा स्नान और प्रेमानंद महाराज के दरबार से लेकर अबुंबाची का मेला भी है। यही नहीं, इसकी वैरायटी में ट्रैवल, धर्म, फूड के अलावा पहलगाम आतंकी हमले जैसे न्यूज कंटेंट भी मौजूद हैं। बिना किसी जगह पर जाए, बिना ऑन कैमरा चेहरा दिखाए सिर्फ तकनीक और क्रिएटिव कंटेंट की बदौलत तैयार ये वीडियो न्यू एज वी-लॉगिन्ग का अद्भुत ऑप्शन हैं।

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बंदर के कैरेक्टर के जरिये 15-20 दिन में 30 हजार फॉलोवर्स वाला इंस्टाग्राम अकाउंट क्रिएट करने वाले आकाश उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले हैं। वह बीटेक ड्रॉपआउट हैं। आकाश कहते हैं कि वह लंबे वक्त से एआई के जरिये एनिमेशन तैयार कर रहे थे। बंगलूरू के एक स्टार्टअप के लिए काम करते थे। फिर उन्होंने विदेशी क्रिएटर्स को जानवरों का इस्तेमाल कर वीलॉग बनाते देखा, तो तय किया कि भारतीय बाजार के लिए वह बंदर के कैरेक्टर का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार करेंगे। आकाश कहते हैं कि उन्होंने सबसे पहला वीडियो बनारस के घाट का बनाया, जिसमें यह बंदर बनारस जाता है। चौथे वीडियो तक उनका अकाउंट हिट हो गया। इस वीडियो को अब तक 90 लाख लोग देख चुके हैं। उन्हें एक वीडियो बनाने में 5-6 घंटे लगते हैं। वह कहते हैं एआई से काम आसान हुआ है। लेकिन कंटेंट मजबूत नहीं होगा, तो उनके वीडियो कोई नहीं देखेगा। वह कंटेंट के लिए बाकायदा जांचते हैं कि आजकल हमारे आसपास क्या चल रहा है और कोशिश करते हैं कि कहानी इन्सानों की जिंदगी जैसी हो। 
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पिछले एक महीने में लगभग 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट्स इंस्टाग्राम पर शुरू हुए हैं, जिनमें बंदर को लेकर एआई निर्मित वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा रीच बबलू एआई नाम के अकाउंट की है। कंप्यूटर की थोड़ी ठीक समझ, इंटरनेट और एआई टूल्स से थोड़ी बहुत पहचान की बदौलत कोई भी ऐसे वीडियो तैयार कर सकता है। सिर्फ बंदर ही नहीं, बल्कि इन्सानी ब्लॉगर्स के एआई निर्मित कंटेंट वाले कई अकाउंट भी शुरू हो गए हैं। एआई ने इसे आसान बनाया है। डिजाइनिंग का जो काम 45 मिनट में होता था, अब उसमें 10 मिनट लगते हैं। 

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