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दूसरा पहलू: राजनीतिक हिंसा का 250 साल का इतिहास, दक्षिणपंथी युवा चार्ली किर्क की हत्या देश की पहली वारदात नहीं
Tue, 16 Sep 2025 07:10 AM IST
शुभम कुमार
मौरिजियो वल्सानिया
मौरिजियो वल्सानिया
Published by: शुभम कुमार
Updated Tue, 16 Sep 2025 07:10 AM IST
सार
अमेरिका में हिंसा की कुछ भयावह घटनाओं में 22 नवंबर, 1963 को राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की गोली मारकर हत्या करना भी शामिल है। 19वीं सदी में अमेरिका में हथियारों का चलन बढ़ गया। इसलिए ‘हम ऐसे नहीं हैं’ वाली बात पूरी तरह झूठ लगती है। राजनीतिक हिंसा हमेशा से अमेरिकी कहानी का हिस्सा रही है।
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दूसरा पहलू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिणपंथी युवा नेता चार्ली किर्क की हत्या के बाद टिप्पणीकारों ने जोर देकर कहा कि ‘हम अमेरिकी ऐसे नहीं हैं।’ व्हूपी गोल्डबर्ग ने भी कहा कि अमेरिकी राजनीतिक मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाते हैं, ‘हम ऐसा रास्ता नहीं अपनाते।’ फिर भी, अमेरिका में हिंसा की कुछ भयावह घटनाएं याद आ रही हैं : 22 नवंबर, 1963 को राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, तो हाल ही में 14 जून, 2025 को मिनेसोटा प्रतिनिधि सभा की स्पीकर एमेरिटा मेलिसा हॉर्टमैन की उनके घर पर पति के साथ गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शांतिप्रिय होने का दावा करने वाले भूल रहे हैं कि अमेरिका की स्थापना इसी राजनीतिक हिंसा पर हुई थी। अमेरिकी क्रांति के वर्ष हिंसा में बीते। राजनीतिक विरोधियों के शरीर पर गर्म तारकोल और पंख लगाने की एक घिनौनी प्रथा प्रचलित थी, जो यूरोप से आयातित थी। इसे 1760 के दशक के अंत में ब्रिटिश शासन का विरोध करने वालों ने शुरू किया था। 1770 के दशक के अंत तक मध्य उपनिवेशों के नाम से जाने जाने वाले क्षेत्रों में क्रांति एक क्रूर गृहयुद्ध में बदल गई थी।
1776 में अमेरिका की आजादी के बाद भी राजनीतिक हिंसाएं रुकी नहीं। राष्ट्रीय नेताओं के लिए पिस्तौल की लड़ाई सम्मान की बात थी। इसे राजनीतिक संस्कृति में इतना सामान्य मान लिया गया था कि इसको लेकर बहस चलती थी। सबसे प्रसिद्ध पिस्तौल की लड़ाई (1804) में आरोन बूर द्वारा अलेक्जेंडर हैमिल्टन की हत्या थी। लेकिन इससे पहले भी कई हत्याएं हुई थीं, जिनकी कम चर्चा हुई। 1798 में, हेनरी ब्रॉकहोल्स्ट लिविंगस्टन, जो बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने, ने एक पिस्तौल द्वंद्वयुद्ध में जेम्स जोन्स की हत्या कर दी थी।
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बदनामी के बजाय उनके कार्य को सम्मानित माना गया। लिविंगस्टन 1785 में एक हमले में बच गए थे। सन 1802 में एक और शर्मनाक घटना घटी : न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक-रिपब्लिकन डेविट क्लिंटन और जॉन स्वार्टवाउट न्यू जर्सी के वीहॉकेन में टकरा गए। यह एक संरक्षणवादी झगड़ा था, जो गोलीबारी में बदल गया, जिससे पता चलता है कि विवादों को निपटाने में सशस्त्र हिंसा कितनी सामान्य बात थी। 19वीं सदी में अमेरिका में हथियारों का चलन बढ़ गया। इसलिए ‘हम ऐसे नहीं हैं’ वाली बात पूरी तरह झूठ लगती है। राजनीतिक हिंसा हमेशा से अमेरिकी कहानी का हिस्सा रही है। इसे नकारना अमेरिकियों को इसके खिलाफ असहाय छोड़ना है। इस इतिहास का सामना करके ही ऐसी राजनीति की कल्पना की जा सकती है, जो बंदूक से परिभाषित न हो। -द कन्वर्सेशन से
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शांतिप्रिय होने का दावा करने वाले भूल रहे हैं कि अमेरिका की स्थापना इसी राजनीतिक हिंसा पर हुई थी। अमेरिकी क्रांति के वर्ष हिंसा में बीते। राजनीतिक विरोधियों के शरीर पर गर्म तारकोल और पंख लगाने की एक घिनौनी प्रथा प्रचलित थी, जो यूरोप से आयातित थी। इसे 1760 के दशक के अंत में ब्रिटिश शासन का विरोध करने वालों ने शुरू किया था। 1770 के दशक के अंत तक मध्य उपनिवेशों के नाम से जाने जाने वाले क्षेत्रों में क्रांति एक क्रूर गृहयुद्ध में बदल गई थी।
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1776 में अमेरिका की आजादी के बाद भी राजनीतिक हिंसाएं रुकी नहीं। राष्ट्रीय नेताओं के लिए पिस्तौल की लड़ाई सम्मान की बात थी। इसे राजनीतिक संस्कृति में इतना सामान्य मान लिया गया था कि इसको लेकर बहस चलती थी। सबसे प्रसिद्ध पिस्तौल की लड़ाई (1804) में आरोन बूर द्वारा अलेक्जेंडर हैमिल्टन की हत्या थी। लेकिन इससे पहले भी कई हत्याएं हुई थीं, जिनकी कम चर्चा हुई। 1798 में, हेनरी ब्रॉकहोल्स्ट लिविंगस्टन, जो बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने, ने एक पिस्तौल द्वंद्वयुद्ध में जेम्स जोन्स की हत्या कर दी थी।
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बदनामी के बजाय उनके कार्य को सम्मानित माना गया। लिविंगस्टन 1785 में एक हमले में बच गए थे। सन 1802 में एक और शर्मनाक घटना घटी : न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक-रिपब्लिकन डेविट क्लिंटन और जॉन स्वार्टवाउट न्यू जर्सी के वीहॉकेन में टकरा गए। यह एक संरक्षणवादी झगड़ा था, जो गोलीबारी में बदल गया, जिससे पता चलता है कि विवादों को निपटाने में सशस्त्र हिंसा कितनी सामान्य बात थी। 19वीं सदी में अमेरिका में हथियारों का चलन बढ़ गया। इसलिए ‘हम ऐसे नहीं हैं’ वाली बात पूरी तरह झूठ लगती है। राजनीतिक हिंसा हमेशा से अमेरिकी कहानी का हिस्सा रही है। इसे नकारना अमेरिकियों को इसके खिलाफ असहाय छोड़ना है। इस इतिहास का सामना करके ही ऐसी राजनीति की कल्पना की जा सकती है, जो बंदूक से परिभाषित न हो। -द कन्वर्सेशन से